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गोवंशों से अत्याचार की पोल खोलने वाले सेवादार को नौकरी से हटाया
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लखीमपुर खीरी। गोवंशों की सेवा के लिए योगी सरकारी गोशालाओं को भरपूर बजट मुहैया करा रही है, लेकिन घोटालेेबाज उनको कुछ नसीब ही नहीं होने देते। हरा चारा और दाना के नाम पर उन्हें सिर्फ सूखा भूसा परोसा जा रहा है। कोई इन कमियों को सार्वजनिक करे तो फिर उसकी शामत आ जाती है। गोवंशों का खराब हालत बर्दाश्त न होने पर पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन करने वाले सेवादार नीरज गौतम का भी यही हश्र हुआ। नगर पालिका ने अपनी बदनामी बताते हुए उसे नौकरी से हटा दिया।
नगर पालिका की अस्थायी गोशाला में 12 तो खंभारखेड़ा स्थित स्थायी गोशाला में गोवंशो की संख्या दो सौ से अधिक है। यह अस्थायी गोशाल लोहिया भवन के पीछे बने ओवरहेड टैंक के नीचे बनी हुई है और इसी में नीरज सेवादार था। दोनों गोशाला में गोवंशों का हाल बेहद खराब है। न रहने के लिए छांव की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही हरा चारा और दाने की। गोवंशों के लिए नादों में सिर्फ सूखा भूसा ही उड़ेल दिया जाता है। सप्ताह में एकाध बार ही गोवंशों को दाना दिया जाता है। अस्थायी गोशाला में पिछले कई दिनों से गोवंशों को सूखा भूसा खाते सेवादार नीरज गौतम से रहा नहीं गया तो उसने इसके बारे में जिम्मेदारों को सूचना दी। जब किसी ने नहीं सुना तो मजबूरन वह रविवार को ओवरहेड टैंक पर चढ़ गया। हालांकि पुलिसवालों ने समझा बुझाकर उसे नीचे उतार लिया था। नीरज के टैंक पर चढ़ने से नाराज अधिशाषी अधिकारी ने उसको नौकरी से हटा दिया। रोजी रोटी जाने से आहत सेवादार नीरज ईओ से लेकर पालिका अध्यक्ष के घर के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। इस संबंध में पालिका अध्यक्ष निरूपमा बाजपेई ने पहले तो नीरज को हटाए की पुष्टि की, बाद में बोलीं-ईओ साहब से बात करके बताऊंगी।
गोशाला में न चारे की कमी है और न ही दाना की। इसके बावजूद सेवादार की इस हरकत से पालिका की छवि धूमिल हुई है। इसलिए नौकरी से हटा दिया। -आरआर अंबेश, अधिशाषी अधिकारी
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नगर पालिका की अस्थायी गोशाला में 12 तो खंभारखेड़ा स्थित स्थायी गोशाला में गोवंशो की संख्या दो सौ से अधिक है। यह अस्थायी गोशाल लोहिया भवन के पीछे बने ओवरहेड टैंक के नीचे बनी हुई है और इसी में नीरज सेवादार था। दोनों गोशाला में गोवंशों का हाल बेहद खराब है। न रहने के लिए छांव की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही हरा चारा और दाने की। गोवंशों के लिए नादों में सिर्फ सूखा भूसा ही उड़ेल दिया जाता है। सप्ताह में एकाध बार ही गोवंशों को दाना दिया जाता है। अस्थायी गोशाला में पिछले कई दिनों से गोवंशों को सूखा भूसा खाते सेवादार नीरज गौतम से रहा नहीं गया तो उसने इसके बारे में जिम्मेदारों को सूचना दी। जब किसी ने नहीं सुना तो मजबूरन वह रविवार को ओवरहेड टैंक पर चढ़ गया। हालांकि पुलिसवालों ने समझा बुझाकर उसे नीचे उतार लिया था। नीरज के टैंक पर चढ़ने से नाराज अधिशाषी अधिकारी ने उसको नौकरी से हटा दिया। रोजी रोटी जाने से आहत सेवादार नीरज ईओ से लेकर पालिका अध्यक्ष के घर के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। इस संबंध में पालिका अध्यक्ष निरूपमा बाजपेई ने पहले तो नीरज को हटाए की पुष्टि की, बाद में बोलीं-ईओ साहब से बात करके बताऊंगी।
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गोशाला में न चारे की कमी है और न ही दाना की। इसके बावजूद सेवादार की इस हरकत से पालिका की छवि धूमिल हुई है। इसलिए नौकरी से हटा दिया। -आरआर अंबेश, अधिशाषी अधिकारी
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