लखीमपुर खीरी। सोमवार को दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को प्रोत्साहित करने के लिए बीआरसी छाउछ में दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों की काउंसलिंग कराई गई।
काउंसलिंग सत्र का उद्गाटन करते हुए बीईओ सुभाष चंद ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले इन बच्चों के माता-पिता अपने बच्चों को सामान्य बच्चों से अलग न समझें और उन्हें विद्यालय भेजें। जो बच्चे विद्यालय नहीं आ सकते, उनके लिए होम बेस्ड एजूकेशन की भी व्यवस्था है। बीईओ ने यह भी बताया कि इस तरह की तीन काउंसलिंग कराई जाएंगी। अगली काउंसलिंग सितंबर में प्रस्तावित है।
एआरपी उत्तम पांडेय ने दिव्यांगता से जुड़े आंकड़े साझा करते हुए कहा कि देश में दो फीसदी के करीब लोग दिव्यांगता का शिकार हैं और उसमें से 39 फीसदी से भी अधिक शैक्षिक पुनर्वास की योजनाओं से लाभान्वित होकर रोजगार पाकर आत्मनिर्भर जीवन जी रहे हैं। उन्होंने सक्सेज स्टोरीज भी साझा की। रिसोर्स सेंटर की स्पेशल एजूकेटर नीरज कुमारी ने दृष्टि दिव्यांगता, बौद्धिक दिव्यांगता, सेरेब्रल पाल्सी, बहु दिव्यांगता से प्रभावित अथवा गंभीर रूप से दिव्यांग बच्चों को जरूरतों की पहचान के टिप्स दिए।