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पांच घंटे बाद आरंभ हो सकी चीनी मिल में तोल
अमर उजाला ब्यूरो पलियाकलां।
Updated Mon, 28 Nov 2016 11:13 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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मुकदमा दर्ज करने का मिला आश्वासन तब माने किसान
किसान ने दी तहरीर, लेकिन पुलिस ने अब तक दर्ज नहीं की रिपोर्ट
पलिया चीनी मिल में घटतोली के आरोप लगने के बाद शुरू हुए हंगामे और प्रदर्शन के बाद करीब पांच घंटे बाद तोल शुरू हो सकी। मुकदमा दर्ज करने के आश्वासन के बाद किसान माने। इसमें एक किसान की ओर से तहरीर दी गई है। हालांकि पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
रविवार की देरशाम खैरहना के किसान संदीप सिंह का गन्ना, ट्रॉली से मिल आया था। आरोप है कि मुख्य कांटे पर गन्ना 77 क्विंटल निकला तो शक हुआ। अन्य कांटे पर ट्रॉली तोली की गई तो वजन करीब 82 क्विंटल निकाला। उनके साथ आए तमाम किसानों ने घटतोली का आरोप लगाते हुए तोल बंद करा दी थी। मिल प्रबंधन से वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला और बंदी जारी रही। एसडीएम और तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे किसानों से वार्ता की। इसके बाद एससीडीआई ने रजिस्टर में मुआयना दर्ज किया। इसके बाद भी बंदी जारी रही। किसान मिल प्रबंधन पर एफआईआर की मांग कर रहे थे। बताया गया है कि एसओ ने कहा कि वह मुकदमा दर्ज कर लेंगे पहले तहरीर मिले। जिस पर किसान ने यूनिट हेड समेत कई के खिलाफ तहरीर दी। इसके बाद रात करीब दस बजे तकरीबन पांच घंटे बाद तोल शुरू हो पाई। हालांकि मुकदमा सोमवार की देरशाम तक दर्ज नहीं हुआ था। रविवार को पांच घंटे तोल बंद रहने के कारण सोमवार को भी ट्रॉलियों की कतार सड़कों पर लगी रही। इधर मिल प्रबंधन का कहना है कि घटतोली का आरोप निराधार है और कांटों का सत्यापन किए बगैर ही आरोप किसान लगा रहे हैं जब कि उनसे सत्यापन के लिए कहा गया था, लेकिन नहीं कराया गया।
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किसान ने दी तहरीर, लेकिन पुलिस ने अब तक दर्ज नहीं की रिपोर्ट
पलिया चीनी मिल में घटतोली के आरोप लगने के बाद शुरू हुए हंगामे और प्रदर्शन के बाद करीब पांच घंटे बाद तोल शुरू हो सकी। मुकदमा दर्ज करने के आश्वासन के बाद किसान माने। इसमें एक किसान की ओर से तहरीर दी गई है। हालांकि पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
रविवार की देरशाम खैरहना के किसान संदीप सिंह का गन्ना, ट्रॉली से मिल आया था। आरोप है कि मुख्य कांटे पर गन्ना 77 क्विंटल निकला तो शक हुआ। अन्य कांटे पर ट्रॉली तोली की गई तो वजन करीब 82 क्विंटल निकाला। उनके साथ आए तमाम किसानों ने घटतोली का आरोप लगाते हुए तोल बंद करा दी थी। मिल प्रबंधन से वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला और बंदी जारी रही। एसडीएम और तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे किसानों से वार्ता की। इसके बाद एससीडीआई ने रजिस्टर में मुआयना दर्ज किया। इसके बाद भी बंदी जारी रही। किसान मिल प्रबंधन पर एफआईआर की मांग कर रहे थे। बताया गया है कि एसओ ने कहा कि वह मुकदमा दर्ज कर लेंगे पहले तहरीर मिले। जिस पर किसान ने यूनिट हेड समेत कई के खिलाफ तहरीर दी। इसके बाद रात करीब दस बजे तकरीबन पांच घंटे बाद तोल शुरू हो पाई। हालांकि मुकदमा सोमवार की देरशाम तक दर्ज नहीं हुआ था। रविवार को पांच घंटे तोल बंद रहने के कारण सोमवार को भी ट्रॉलियों की कतार सड़कों पर लगी रही। इधर मिल प्रबंधन का कहना है कि घटतोली का आरोप निराधार है और कांटों का सत्यापन किए बगैर ही आरोप किसान लगा रहे हैं जब कि उनसे सत्यापन के लिए कहा गया था, लेकिन नहीं कराया गया।
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