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Lakhimpur Kheri News: लागत एक बार और मुनाफा हमेशा, अच्छा विकल्प है सहजन की खेती

Sun, 31 Aug 2025 11:07 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Sun, 31 Aug 2025 11:07 PM IST
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Cost once and profit always, Drumstick farming is a good option
सहजन की प​त्तियां। स्रोत विभाग
लखीमपुर खीरी। सहजन (मोरिंगा) की खेती किसानों के लिए अच्छा विकल्प है। यह कम लागत में अच्छा मुनाफा देने वाला पेड़ है। सहजन में विटामिन ए, सी और ई के साथ कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन और प्रोटीन जैसे तमाम गुण है, जिसको औषधीय पेड़ करते हैं।
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सहजन के तना, पत्ती, जड़ व फल हर एक चीज काफी लाभकारी है। इस वजह से सहजन काफी डिमांड रहती है। अगर किसान इसकी खेती शुरू कर दें तो अच्छा फायदा उठा सकता है, लेकिन जिले के किसानों का परंपरागत खेत से मोह भंग नहीं कर पा रहे। उपकृषि निदेशक गिरीश चंद्र ने इसको लेकर किसानों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। किसानों से अपील की है कि वह अपने घर आंगन, खेत जहां कहीं 4 गुणा 4 फिट की जगह हो इसकी कटिंग-पौध जरूर लगाएं। यह पेड़ बहुत ज्यादा जगह नहीं घेरता है। अच्छी बात यह है कि ज्यादा देखरेख नहीं करनी पड़ती। इसमें न रोग न कीड़ का खतरा है। एक बार यह पेड़ बड़ा हो जाए तो वर्षाें तक आय देगा। सहजन को ड्रमस्टिक ट्री भी कहते हैं। यह शरीर को कई समस्याओं से बचाने में मददगार हैं। मधुमेह, पाचन, त्वचा के लिए काफी अच्छा होता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।
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सहजन फली का सूप स्वादिष्ट व गुणकारी
उपकृषि निदेशक ने बताया कि सहजन हरी पत्तियों को मेथी की तरह आलू के साथ बनाया जाता है। इसकी फलियों का अचार लाजवाब होता है। टमाटर और सहजन फली का सूप बहुत स्वादिष्ट व गुणकारी होता है। सहजन की पत्तियों को चाय के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।
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ऐसे लगाएं सहजन का पौधा
उपकृषि निदेशक गिरीश चंद्र ने बताया कि सहजन को लगाने के लिए बीज या कटिंग का प्रयोग कर सकते हैं। बीज को सीधे मिट्टी में दो इंच गहराई पर बोएं। वहीं कटिंग को 1/3 हिस्सा मिट्टी में दबा कर पेड़ तैयार कर सकते हैं। सहजन का पेड़ बहुत तेजी से बढ़ता है और यह आमतौर पर 6-8 माह दो मीटर ऊंचा हो जाता है। डीडी कृषि ने कहा कि अधिक जानकारी के लिए किसान उनसे संपर्क कर सकते हैं।
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