फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   corona

ऑक्सीजन के संकट से बिगड़े हालात

Sun, 25 Apr 2021 11:26 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 25 Apr 2021 11:26 PM IST
विज्ञापन
corona
108 एंबुलेंस के खाली ऑक्सीजन सिलिंडर। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण के साथ सांस के मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है, जिससे कोविड अस्पताल के हालात बिगड़ने लगे हैं। जिला प्रशासन ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता होने का दावा कर रहा है, लेकिन मौजूदा स्थिति इसके बिल्कुल उलट है। कोविड अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों से खुद सिलिंडर लाने के लिए कहा जा रहा है।
विज्ञापन

उधर, शिखर हॉस्पिटल में ऑक्सीजन खत्म हो जाने पर भर्ती मरीज दूसरे अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं या फिर तीमारदार पीड़ितों के लिए खुद सिलिंडर की व्यवस्था कर रहे हैं।
विज्ञापन

ऑक्सीजन की स्थिति एक बार फिर से बिगड़ने लगी है। तीमारदार मरीजों के लिए एक-एक सिलिंडर के लिए दर दर भटक रहे हैं। सोशल मीडिया पर सिलिंडर दिलाने की विनती कर रहे हैं। इसके विपरीत जिला प्रशासन का दावा है कि कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था है। मगर हकीकत रविवार को उस वक्त देखने को मिली जब एक संक्रमित महिला के पुत्र से खुद ऑक्सीजन की व्यवस्था करके लाने को कहा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, शनिवार रात शिखर हॉस्पिटल में ऑक्सीजन न होने से हाहाकार मच गया। मरीजों की जान बचाने के लिए तीमारदार सिलिंडर की व्यवस्था कराने के लिए जान पहचान वालों को फोन करते रहे, लेकिन इंतजाम न हो पाने पर तमाम तीमारदार अपने मरीजों को लेकर दूसरे अस्पतालों में चले गए।
.
ऑक्सीजन के अभाव में जनरल वार्ड हुआ खाली
जिला प्रशासन ने जिस निजी हॉस्पिटल को कोविड अस्पताल बनाया है, वहां पर न तो ऑक्सीजन है और न ही डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ। कुछ डॉक्टर संक्रमित होने के कारण होम क्वारंटीन हैं तो कुछ डर के कारण घर बैठ गए हैं। ऑक्सीजन और डॉक्टर न होने पर तीमारदार मरीजों की जान बचाने के लिए अस्पताल छोड़ने लगे हैं। रविवार दोपहर तक करीब 8-10 मरीज अस्पताल छोड़कर चले गए। एक तीमारदार ने बताया कि न तो डॉक्टर हैं और न ही ऑक्सीजन इसलिए अस्पताल के लोग ही मरीज की जान बचाने के लिए दूसरी जगह जाने की सलाह दे रहे हैं। लिहाजा तमाम मरीज अस्पताल से जा चुके हैं।
.
108 एंबुलेंस के ऑक्सीजन सिलिंडर भी खाली
कोरोना संक्रमित मरीज हों या फिर गंभीर घायल। इनकी सांसों पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। एंबुलेंस के ऑक्सीजन सिलिंडर खाली हो चुके हैं। स्टाफ का कहना है कि एंबुलेंस के लिए ऑक्सीजन जीवीके कंपनी मुहैया कराती थी। मगर, पिछले कुछ दिनों से सिलिंडर ही नहीं मिले। ऐसे में मरीजों की सांसों पर संकट खड़ा हो गया।
.
ऑक्सीजन के लिए भटक रहे निजी एंबुलेंस चालक
निजी एंबुलेंस चालक भी ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए भटक रहे हैं। मगर, सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। एक एंबुलेंस चालक ने बताया कि शहर में तीन ऑक्सीजन की एजेंसी है। मगर, देने के लिए डीएम साहब से बात करने को कहते हैं। ऑक्सीजन न मिलने से पिछले कई दिनों से काम धंधा सब बंद है।
.
अस्पताल के पास सिर्फ 14 ऑक्सीजन सिलिंडर हैं। कुछ अन्य लोगों से मांगे थे। रविवार को खाली 20 सिलिंडर भरवाने के लिए प्रशासन को मुहैया कराए हैं। भर्ती मरीजों की दिक्कत को देखते हुए 25 सिलिंडर लखनऊ से भरे मंगाए हैं। कई डॉक्टर एवं स्टाफ संक्रमित होने के कारण होम क्वारंटीन हैं, जिससे मरीजों को भर्ती करने में दिक्कत आ रही है।

-रमेश अग्रवाल, प्रबंधक शिखर हॉस्पिटल
.
फिलहाल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। कोविड एवं जिला अस्पताल में इमरजेंसी के लिए अतिरिक्त सिलिंडर रखवा दिए गए हैं। 108 एवं 102 एंबुलेंस को भी सिलिंडर दिए जा रहे हैं।
-सुनील रावत, ड्रग इंस्पेक्टर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed