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सजना है मुझे सजना के लिए

Thu, 29 Oct 2015 07:54 PM IST
लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी Updated Thu, 29 Oct 2015 07:54 PM IST
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महिलाओं के त्याग, समर्पण और संस्कारों के पर्व करवा चौथ पर बाजार झूम उठा। महिलाओं ने करवा चौथ की पूर्व संध्या पर जम कर खरीदारी की। साड़ियों और चूड़ियों की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ रही। इनके अलावा मिठाइयों, खील बताशों की भी जमकर बिक्री हुई।
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मिट्टी से बने रंग-बिरंगे करवा जगह-जगह बिकते दिखाई दिए। महिलाओं ने करवा खरीदने के साथ करवा चौथ के पोस्टर भी खरीदे। साजन के लिए सजने को शहर के ब्यूटी पार्लरों पर भी दिन भर महिलाओं की भीड़ रही।   गोला गोकर्णनाथ। करवा चौथ पर मेला मैदान की बर्तन की दुकानों पर करवा खरीदने के लिए सुहागिनों की भीड़ उमड़ पड़ी, साथ ही सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर भी काफी भीड़ रही।
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मेला मैदान के वीरेंद्र सिंह, सुरेश सिंह, मेराज अली आदि बर्तन दुकानदारों ने बताया कि इस वर्ष करवों की बिक्री अच्छी है। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष पीतल और बेदा के दामों में भी 50 रुपये की कमी आयी है। इस वर्ष पीतल और बेदा के करवों का मूल्य 400 से 550 रुपये प्रति किलो तक है। इसलिए लोग करवों की अच्छी खरीदारी कर रहे हैं।
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ममरी। करवा चौथ की पूर्व संध्या पर ग्राम अजान, संसारपुर, हरिहरपुर, ममरी, महेशपुर, रोशननगर आदि स्थानों की बाजारों में मिट्टी के बने करवों की खरीदारी जारी रही।
बुजुर्गों और सुहागिन महिलाओं का कहना है कि मिट्टी के करवा और खसखस की सींक के बगैर करवा चौथ का पूजन अधूरा माना जाता है।
मूड़ा सवारान। ग्रामीण क्षेत्रों में करवा चौथ मनाने का अलग अंदाज है। करवा चौथ के 15 दिन पूर्व महिलाएं अपने दैनिक कार्यों से समय निकाल कर दीवार पर करवा की चित्रकारी करती हैं। यह चित्रकारी महिलाएं कही से सीखती नहीं हैं। इसमें भगवान शंकर, पार्वती, गौरी, गणेश एवं शृंगार की सामग्री के अलावा पेड़-पौधों को दर्शाया जाता है।
बांकेगंज। करवा चौथ व्रत की तैयारियों को लेकर बाजार में मिट्टी से बने करवा की बिक्री खूब हुई। व्रत की तैयारियों को लेकर गुरुवार कस्बा की मार्केट में गांवों से खरीदारी करने आई सुहागिन महिलाओं ने सुहाग के सामान सहित मिट्टी से निर्मित करवा की खरीदारी की।

रिश्तों को मजबूत करता है करवा चौथ
गोला गोकर्णनाथ। 
गुप्ता कॉलोनी निवासी नव दंपति विजय कुमार तिवारी और रोली तिवारी में पहले करवा चौथ को लेकर खासा उत्साह है। विजय कुमार की पत्नी रोली एक इंटर कॉलेज में शिक्षिका हैं। रोली का कहना है कि करवा चौथ व्रत पति पति के बीच प्रेम, समर्पण और त्याग के साथ अच्छी समझ को भी प्रदर्शित करता है। साथ ही यह व्रत प्राचीन परंपरा और सभ्यता का दर्शन कराता है।
करवा चौथ के व्रत में चंद्र देव के दर्शन कर उन्हे अर्घ्य देकर सुहागिनें व्रत का परायण कर ईश्वर से पति की दीर्घायु और सुख समृद्धि की कामना करती हैं।

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