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12 दिन बाद भी डीपीआरओ की तैनाती नहीं और न ही किसी को मिला चार्ज
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लखीमपुर खीरी। तत्कालीन डीपीआरओ अजय श्रीवास्तव के निलंबन के बाद रिक्त हुए पद पर 12 दिन बाद भी किसी अधिकारी की तैनाती नहीं हो सकी है और न ही किसी को चार्ज दिया गया है। इससे विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है और सफाई कर्मियों को वेतन भी नहीं मिल पाया है। नए डीपीआरओ की तैनाती को लेकर अभी आशंकाएं बनी हुई हैं, क्योंकि मंगलवार को निरीक्षण पर आए उपनिदेशक पंचायत एके सिंह ने भी डीपीआरओ का चार्ज किसी अन्य अधिकारी को दिए जाने के लिए गेंद डीएम के पाले में सरका दी। साथ ही उपनिदेशक ने मुख्यालय से किसी नए डीपीआरओ की तैनाती किए जाने पर भी कोई जवाब नहीं दिया है।
विभागीय कार्यों में लगातार लापरवाही और भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई न करने के चलते शासन ने 26 अगस्त 2020 को जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) अजय कुमार श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया था। निलंबन अवधि में डीपीआरओ निदेशक कार्यालय लखनऊ में संबद्ध रहेंगे और उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच अयोध्या के उपनिदेशक पंचायत को सौंपी गई है। करीब 12 दिन बीत जाने के बाद भी शासन स्तर से किसी नए डीपीआरओ की तैनाती नहीं किए जाने से विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है। वहीं डीएम ने भी किसी अधिकारी को चार्ज नहीं दिया है, जबकि चार्ज लेने के प्रयास में कुछ अधिकारी लगे हुए हैं। वहीं विभागीय सूत्र बताते हैं कि पंचायत विभाग में व्याप्त अनियमितताओं के चलते कोई नया डीपीआरओ यहां कार्यभार संभालने को तैयार नहीं है। दूसरा डर सीडीओ अरविंद सिंह के सख्त तेवर का है, जिनकी रिपोर्ट पर तत्कालीन डीपीआरओ अजय श्रीवास्तव को निलंबित होना पड़ा था। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में गड़बड़ियों के तमाम मामले भी अधिकारियों की नींद हराम किए हुए हैं।
डीपीआरओ पद पर शासन स्तर से ही किसी अधिकारी की तैनाती होनी है, जिससे किसी अधिकारी को अभी चार्ज नहीं दिया है। विभागीय कामकाज के लिए एडीपीआरओ तैनात हैं।
-शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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विभागीय कार्यों में लगातार लापरवाही और भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई न करने के चलते शासन ने 26 अगस्त 2020 को जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) अजय कुमार श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया था। निलंबन अवधि में डीपीआरओ निदेशक कार्यालय लखनऊ में संबद्ध रहेंगे और उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच अयोध्या के उपनिदेशक पंचायत को सौंपी गई है। करीब 12 दिन बीत जाने के बाद भी शासन स्तर से किसी नए डीपीआरओ की तैनाती नहीं किए जाने से विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है। वहीं डीएम ने भी किसी अधिकारी को चार्ज नहीं दिया है, जबकि चार्ज लेने के प्रयास में कुछ अधिकारी लगे हुए हैं। वहीं विभागीय सूत्र बताते हैं कि पंचायत विभाग में व्याप्त अनियमितताओं के चलते कोई नया डीपीआरओ यहां कार्यभार संभालने को तैयार नहीं है। दूसरा डर सीडीओ अरविंद सिंह के सख्त तेवर का है, जिनकी रिपोर्ट पर तत्कालीन डीपीआरओ अजय श्रीवास्तव को निलंबित होना पड़ा था। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में गड़बड़ियों के तमाम मामले भी अधिकारियों की नींद हराम किए हुए हैं।
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डीपीआरओ पद पर शासन स्तर से ही किसी अधिकारी की तैनाती होनी है, जिससे किसी अधिकारी को अभी चार्ज नहीं दिया है। विभागीय कामकाज के लिए एडीपीआरओ तैनात हैं।
-शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम