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रैनी गांव का अस्तित्व खतरे में

Tue, 25 Aug 2020 02:15 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2020 02:15 AM IST
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Civic Amenities
लखीमपुर खीरी के धौरहरा तहसील क्षेत्र के रैनी गांव में कटान करती शारदा नदी। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
धौरहरा (लखीमपुर खीरी)। शारदा नदी में उफान से रैनी गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। कटान के चलते रविवार की रात तक चार और घर शारदा नदी में समा गए। अब तक इस गांव के कुल 58 घर नदी में समा चुके हैं, लेकिन इस गांव में बचाव कार्य को लेकर कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है। स्थिति यह है कि गांव का वजूद समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया है। जीवनदायिनी घाघरा और शारदा नदियों का पानी धौरहरा, रमियाबेहड़ और ईसानगर क्षेत्र के लिए अभिशाप बन चुका हैं। हर साल इन नदियों का पानी तबाही मचाता है और कोई न कोई गांव उजाड़कर सैकड़ों लोगों को बेघर कर देता है।
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हर साल कटान रोकने के लिए करोड़ों की परियोजनाएं बनती है और आपदा के नाम पर करोड़ों खर्च भी होते हैं। जबकि हकीकत यह है कि हर साल कोई न कोई गांव नदी में समा जाता है और बाढ़ खंड विभाग लाचार रह जाता है। इस बार घाघरा नदी गुलरिया तालुके अमेठी, सिद्धनपुरवा, बाछेपारा, पोखरा, संतरामपुरवा में कटान कर सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि निगलने में लगी है। तो वहीं शारदा नदी रैनी गांव का नामोनिशान मिटाने पर आमादा हैं। रविवार की रात नदी ने गांव के बिशुन बहादुर, रमेश कुमार, विजय प्रकाश और राजकिशोर के घर निगल लिए। जबकि शेष करीब 30 अन्य घर भी नदी के कटान की जद में आ चुके हैं। बाढ़ खंड विभाग इस गांव को भी नदी में समाते मूकदर्शक की तरह देख रहा है।
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नदियों ने नक्शे से मिटा दिए कई गांव
धौरहरा तहसील क्षेत्र का पूरा इलाका शारदा और घाघरा नदी के बीच में बसा हुआ है। नदियों में उफान आते ही हर साल नदियां कोई न कोई गांव उजाड़ देती हैं और अपने पीछे छोड़ जाती है बरबादी के निशान। पिछले 15 वर्षों में घाघरा नदी ने ईसानगर के गौरा, झबरा, फिरोजाबाद, सधुवापुर, डुडकी, गनापुर, पलिहा, मिर्जापुर, सरैया, हटवा, हुलासपुरवा, गोड़ियनपुरवा, मोटेबाबा, सुजानपुर का वजूद मिटा चुकी हैं। जबकि हर साल बाढ़ खंड विभाग गांवों के बचाने की योजना बनाता है। बोरियों बालू-मिट्टी, रोड़ा डालकर कटान रोकने का प्रयास होता है, जिसमें करोड़ों खर्च हो जाते हैं पर नतीजा ढाक के तीन पात जैसा है।
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कटान के डर से घर तोड़ रहे नया पिंड गांव के लोग
तिकुनिया नेपाल सीमा इलाके में बह रही मोहाना नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा है लेकिन नदी का कटान जारी है जिसके चलते ग्रामीण परेशान हैं। ग्राम पंचायत खैरटिया के मजरा गांव नया पिंड अनूप नगर में नदी का कटान जारी है नया पिंड में नदी गांव तक पहुंच गई है। गांव से सटकर बह रही नदी कब कटान कर गांव को नदी में समा ले इसके डर से ग्रामीण अपना घर तोड़ रहे हैं, वहीं अनूप नगर में किसानों की फसल मोहाना नदी की कटान में समाती जा रही है जिसके चलते किसान परेशान हैं। किसान गुरनाम सिंह, रेशम सिंह, कहर सिंह, गुरमीत सिंह ने बताया कि करीब 10 एकड़ जमीन, फसल सहित कटकर नदी में समा गई है। ग्राम प्रधान परगट सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय लेखपाल को सूचना भी दे दी गई है किसानों की भूमि और फसल कटने पर जो भी सहायता बनती हो उसका बंदोबस्त किया जाए। ग्राम निवासी रामू ने बताया की नदी घर के किनारे से बह रही है जिसके दहशत में हम घर तोड़ रहे हैं।
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