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लापरवाही: ब्लॉक गोदामों में स्टॉक चने में लगने लगे घुन
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लखीमपुर खीरी। कोरोना संकट के दौरान प्रवासी श्रमिकों को बांटने के लिए आए चने में घुन लगने लगा है, जिससे लाखों कीमत का 1345.95 क्विंटल चना खराब हो रहा है। इसके अलावा इसी योजना से मिले गेहूं और चावल का भी वितरण नहीं होने से उसके खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
लॉकडाउन अवधि में दूसरे राज्यों और जनपदों से आए प्रवासी श्रमिकों को अप्रैल-मई माह में चना बांटने के लिए 1707.86 क्विंटल चने का आवंटन मिला था। मई माह में 5200 प्रवासी श्रमिकों को चना बांटा गया, जिसके बाद शेष 1345.95 क्विटंल चना एसएफसी के ब्लॉक गोदामों पर स्टॉक है, जहां पर इनके रख-रखाव की उचित व्यवस्था नहीं है। साथ ही इसी योजना से मिला 17331.71 क्विंटल गेहूं और 11554.46 क्विटंल चावल भी एसएफसी के ब्लॉक गोदामों में भरा है। बारिश सीजन के दौरान जून और जुलाई में गोदामों में रखे रहने से इनमें घुन लगने लगा है। कुछ दिन और देरी हुई, तो घुन चने को बड़ा नुकसान पहुंचा देंगे इससे यह लोगों के खाने योग्य नहीं रहेगा। एसएफसी के प्रबंधक चौधरी मंसूर अहमद ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना अधिकारियों को दे दी है।
भारत सरकार ने सभी जनपदों को समानुपातिक आधार पर चने का आवंटन दिया था। सिर्फ 5200 प्रवासियों को जिनके कार्ड नहीं बने थे उन्हें चना वितरित किया गया। शेष चने का वितरण प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना में करने के निर्देश मिले हैं। सभी राशनकार्डधारकों को पांच जुलाई से अनाज के साथ ही चने का वितरण किया जाएगा। प्रत्येक कार्डधारक को एक किलोग्राम चना दिया जाएगा।
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-विजय प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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लॉकडाउन अवधि में दूसरे राज्यों और जनपदों से आए प्रवासी श्रमिकों को अप्रैल-मई माह में चना बांटने के लिए 1707.86 क्विंटल चने का आवंटन मिला था। मई माह में 5200 प्रवासी श्रमिकों को चना बांटा गया, जिसके बाद शेष 1345.95 क्विटंल चना एसएफसी के ब्लॉक गोदामों पर स्टॉक है, जहां पर इनके रख-रखाव की उचित व्यवस्था नहीं है। साथ ही इसी योजना से मिला 17331.71 क्विंटल गेहूं और 11554.46 क्विटंल चावल भी एसएफसी के ब्लॉक गोदामों में भरा है। बारिश सीजन के दौरान जून और जुलाई में गोदामों में रखे रहने से इनमें घुन लगने लगा है। कुछ दिन और देरी हुई, तो घुन चने को बड़ा नुकसान पहुंचा देंगे इससे यह लोगों के खाने योग्य नहीं रहेगा। एसएफसी के प्रबंधक चौधरी मंसूर अहमद ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना अधिकारियों को दे दी है।
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भारत सरकार ने सभी जनपदों को समानुपातिक आधार पर चने का आवंटन दिया था। सिर्फ 5200 प्रवासियों को जिनके कार्ड नहीं बने थे उन्हें चना वितरित किया गया। शेष चने का वितरण प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना में करने के निर्देश मिले हैं। सभी राशनकार्डधारकों को पांच जुलाई से अनाज के साथ ही चने का वितरण किया जाएगा। प्रत्येक कार्डधारक को एक किलोग्राम चना दिया जाएगा।
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-विजय प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी