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चीनी मिलों को इस वर्ष जबरदस्त फायदा

Wed, 02 Mar 2016 05:11 PM IST
लखीमपुर खीरी।
लखीमपुर खीरी। Updated Wed, 02 Mar 2016 05:11 PM IST
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Chinese mills sharply this year
गन्ना किसानों को भुगतान करने में घाटे का हवाला देकर लेटलतीफी करने वाली चीनी मिलों के उत्पादन में आश्चर्यजनक रूप से जबरदस्त इजाफा हुआ है। नौ चीनी मिलों ने इस वर्ष गत वर्ष की तुलना में फरवरी तक छह लाख 99 हजार 306 क्विंटल अधिक चीनी का उत्पादन कर लिया है, जो चीनी परता (रिकवरी) बढ़ने के कारण संभव हो सका। खास बात यह हैै कि वर्ष 2014-15 में नौ मिलों ने फरवरी तक 637.34 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर 59 लाख 78 हजार 59 क्विंटल चीनी उत्पादित की थी। जबकि वर्ष 2015-16 में फरवरी तक 633.36 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई, जिससे 66 लाख 77 हजार 365 क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ है।
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आर्थिक मंदी की मार से जूझ रहे चीनी उद्योग के लिए गन्ने से बढ़ी चीनी रिकवरी वरदान साबित हो सकती है, क्योंकि सरकार ने चीनी मिलों को पहले से ही कई सहूलियतें दे रखी हैं।
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हालांकि किसानों के लिहाज से उन्हें इसका फायदा मिलता नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि तीन मिलों कुंभी, गुलरिया और अजबापुर को छोड़कर अन्य मिलें अब भी किसानों को समय से भुगतान नहीं कर रही हैं। मिलों को हुए जबरदस्त फायदे के पीछे चीनी रिकवरी का अहम रोल है, जो गत वर्ष चीनी परता प्रति क्विंटल गन्ने की पेराई में नौ से 10 किग्रा तक था इस वर्ष बढ़कर 11 से 12 किग्रा तक हो गया है।
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गोला मिल का औसतन चीनी परता 11.03 किग्रा है, जबकि पिछले वर्ष 9.66 किग्रा ही था। इसी अनुपात में अन्य मिलों का चीनी परता बढ़ा है। दैनिक चीनी परता पर गौर करें तो सबसे अधिक गुलरिया मिल में 12.65 किग्रा रिकार्ड हुआ हैै। जबकि कुंभी में 12.50 किग्रा, अजबापुर में 11.90 किग्रा, खंभारखेड़ा में 12 किग्रा रिकार्ड उत्पादन हुआ हैै। सहकारी क्षेत्र की बेलरायां और संपूर्र्णानगर में दैनिक चीनी परता समान रूप से 9.50 किग्रा तक दर्ज हुआ, जबकि पिछले वर्ष औसत चीनी परता 8.77 से 8.92 किग्रा तक था।
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गन्ने का उत्पादन घटने से किसानों को नुकसान
खराब मौसम के चलते इस वर्ष गन्ने का उत्पादन कम होने से किसानों को झटका लगा है। विभागीय जानकारों की माने तो पिछले वर्ष की अपेक्षा इस साल खेतों में गन्ने के उत्पादन में 15 से 25 क्विंटल प्रति बीघा तक गिरावट आई है।

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कोट..
प्रति क्विंटल गन्ने की पेराई में चीनी का परता बढ़ने से इस बार चीनी के उत्पादन में अच्छा इजाफा हुआ है। जबकि गन्ने का पैदावार अच्छी नहीं होने से मिलों को पिछले वर्ष की तुलना में कम गन्ना आपूर्ति हुई है। फरवरी 2016 तक पिछले साल की तुलना में छह लाख 99 हजार 306 क्विंटल अधिक चीनी उत्पादन हुआ है, जिससे मिलों को घाटे से उबरने में मदद मिलेगी।
-जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी
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