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खेत की चकबंदी में गरीब हो गए किसान, अमीर हो रहे अफसर

Tue, 06 Aug 2019 01:25 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 06 Aug 2019 01:25 AM IST
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chakbandi
लखीमपुर खीरी। चकबंदी में लेखपालों ने मनमाने तरीके से खेत काट दिए। एकड़, दो एकड़ जमीन वाले छोटे किसानों के साथ नाइंसाफी हुई है। बड़े किसानों ने पैसा खर्च कर अपने खेत मंहगे स्थानों पर कटवा लिए। गरीबी और हताशा में ओमप्रकाश जैसे किसानों को आत्महत्या करनी पड़ रही है। हालात इस कदर खराब हो चुके हैं कि चकबंदी विभाग की राजस्व अदालतों में 1793 मुकदमों पर बरसों से सुनवाई पूरी नहीं हो पा रही है। मुकदमों की सुनवाई के लिए छह चकबंदी बंदोबस्त न्यायालय बने हैैं। माफिया और चकबंदी अधिकारी मिलकर फैसलों में रोड़े अटकाते रहते हैं।
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जिले के 58 ग्राम पंचायतों में चकबंदी चल रही हैं। इसमें ऐसी भी ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें वर्ष 1972 से अभी तक चकबंदी पूरी नहीं हो पाई हैै। गोला तहसील के गांव सुआबोझ में 1972 से चकबंदी चल रही है। पलिया तहसील के पटिहन गांव में 1976 से चकबंदी चल रही है। मितौली तहसील के गांव औरंगाबाद में 1991 से चकबंदी पूरी नहीं हुई, क्योंकि यहां के प्रस्ताव 6 को रद्द किया जा चुका है। लखीमपुर तहसील के 21 ग्राम पंचायतों, धौरहरा तहसील के 28 ग्राम पंचायतों, मोहम्मदी की दिलावरपुर पंचायत में 2008 से चकबंदी चल रही है। हजारों किसान चकबंदी अधिकारियों के फैसलों के खिलाफ बंदोबस्त न्यायालयों में अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस उम्मीद में कि जल्द फैसला हो जाएगा, लेकिन अदालतों से नई तारीख ही मिल रही है। दशकों से मुकदमा लड़ते-लड़ते गरीब किसान हांफने लगे हैं। वहीं गरीब किसानों की अच्छी मालियत वाली जमीनों को हड़पने वाले आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। इसकी वजह भी यही है कि चकबंदी के अधिकारी भी साठगांठ में शामिल होकर चांदी काट रहे हैं।
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छह राजस्व अदालतों में नहीं हो रहा निपटारा
चकबंदी विभाग से संबंधित मुकदमों की सुनवाई कर फैसला करने के लिए छह राजस्व अदालतें हैैं। चकबंदी अधिकारी के स्तर पर न सुलझने वाले मामलों को एसओसी न्यायालय भेजा जाता है। इसके बाद डीडीसी कोर्ट भी सुनवाई करती हैै। यहां पर डीडीसी (उप निदेशक चकबंदी) का अतिरिक्त प्रभार एडीएम के पास है। स्थायी डीडीसी की तैनाती न होने से कामकाज प्रभावित है।
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इतने अफसर-कर्मचारी लगे हैं चकबंदी में
लेखपाल चकबंदी 68
राजस्व निरीक्षक चकबंदी 24
एसओसी 01
डीडीसी रिक्त
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