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Lakhimpur Kheri News: छोटी काशी की गंगा जमुना संस्कृति संजोए हैं चैती मेला
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गोला का चैती मेला फाइल फोटो
गोला गोकर्णनाथ। नगर में लगने वाला चैती मेला 119 वर्षों से यहां की गंगा जमुना संस्कृति को संजोए हुए है। इस बार नगर पालिका परिषद 37 लाख की लागत से मेला सजाने जा रही है। मेले के आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मेला 12 अप्रैल से शुरू होकर 27 अप्रैल तक चलेगा।
इस शहर की स्थापना वर्ष 1789 में राय मंसाराम ने की थी। ब्रिटिश सरकार के समय वर्ष 1905 में नगर समिति की स्थापना के साथ-साथ मेला लगने की परंपरा शुरू हुई थी। वर्ष 1936 में गोला शहर को टाउन एरिया का दर्जा मिलने के साथ ही नगर पालिका इस मेले का आयोजन कराने लगी। वर्ष 1946 में गोला को नगर पालिका परिषद का दर्जा प्राप्त हुआ और तब से चैती मेले का भव्य आयोजन होने लगा।
शहर के उम्रदराज लोग बताते हैं कि गांव से मेला देखने वाले लोग बैलगाड़ी, हाथी, घोड़ों और साइकिलों से आते थे। पौराणिक शिव मंदिर में दर्शन कर वे यहां रात भर रुककर मेले का आनंद लेते थे। एक सदी से अधिक प्राचीन यह मेला समय के साथ संकुचित होकर 15 से 18 दिन का रह गया है, लेकिन पुरानी परंपरा आज भी बरकरार हैं। ऐतिहासिक चैती मेले को स्थानीय प्रतिभाओं का एक बड़ा मंच माना जाता है। नगर पालिका परिषद ने स्थायी सांस्कृतिक मंच निर्माण के साथ तैयारियां शुरू कर दी है। एसडीएम व कार्यवाहक ईओ रत्नाकर मिश्रा ने बताया कि चैती मेला की शुरुआत 12 अप्रैल से होगी और समापन 27 अप्रैल को होगा।
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इस शहर की स्थापना वर्ष 1789 में राय मंसाराम ने की थी। ब्रिटिश सरकार के समय वर्ष 1905 में नगर समिति की स्थापना के साथ-साथ मेला लगने की परंपरा शुरू हुई थी। वर्ष 1936 में गोला शहर को टाउन एरिया का दर्जा मिलने के साथ ही नगर पालिका इस मेले का आयोजन कराने लगी। वर्ष 1946 में गोला को नगर पालिका परिषद का दर्जा प्राप्त हुआ और तब से चैती मेले का भव्य आयोजन होने लगा।
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शहर के उम्रदराज लोग बताते हैं कि गांव से मेला देखने वाले लोग बैलगाड़ी, हाथी, घोड़ों और साइकिलों से आते थे। पौराणिक शिव मंदिर में दर्शन कर वे यहां रात भर रुककर मेले का आनंद लेते थे। एक सदी से अधिक प्राचीन यह मेला समय के साथ संकुचित होकर 15 से 18 दिन का रह गया है, लेकिन पुरानी परंपरा आज भी बरकरार हैं। ऐतिहासिक चैती मेले को स्थानीय प्रतिभाओं का एक बड़ा मंच माना जाता है। नगर पालिका परिषद ने स्थायी सांस्कृतिक मंच निर्माण के साथ तैयारियां शुरू कर दी है। एसडीएम व कार्यवाहक ईओ रत्नाकर मिश्रा ने बताया कि चैती मेला की शुरुआत 12 अप्रैल से होगी और समापन 27 अप्रैल को होगा।
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