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सीबीआई जांच कराने की मांग
लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 29 Sep 2015 11:08 PM IST
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बरेली में पशु तस्करों से मुठभेड़ में शहीद हुए दरोगा मनोज मिश्रा के पिता और विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ताओं ने सोमवार को प्रदेश के राज्यपाल से मिलकर दरोगा हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने तथा परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की।
शहीद दरोगा मनोज मिश्रा के पिता श्याम मुरारी मिश्रा ने विहिप कार्यकर्ताओं के साथ मंगलवार को प्रदेश के राज्यपाल से मुलाकात की। श्याम मुरारी मिश्रा ने राज्यपाल को ज्ञापन देकर बताया है कि उनका पुत्र मनोज मिश्रा बरेली जिले के फरीदपुर थाने में तैनात था। नौ सितंबर को गो तस्करों ने साजिशन उसकी हत्या कर दी। इस मुठभेड़ में किसी अन्य पुलिस कर्मी को चोट तक नहीं आई। मनोज मिश्रा गोतस्करों के विरुद्ध अभियान चलाकर वैधानिक कार्रवाई कर रहा था। मनोज मिश्रा को गो तस्करों द्वारा कई बार जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसकी शिकायत उसने एसपी बरेली से की लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। वहां की पुलिस और सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं ने साजिश कर उसके पुत्र की गोतस्करों से हत्या करवा दी। इन परिस्थितियों में निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं रह गयी है। प्रार्थनापत्र में बताया है कि घटनास्थल से बरेली लगभग पंद्रह किलोमीटर दूर है गोली लगने पर उसे बरेली न ले जाकर 35 किलोमीटर दूर फरीदपुर ले जाया गया जो पुलिस की दूषित मानसिकता को उजागर करता है। मांग की है कि दरोगा हत्याकांड की सीबीआई जांच कराई जाए, प्रार्थी के पुत्र की पत्नी और बच्चों की दयनीय हालत को देखते हुए 50 लाख रुपये आर्थिक मुआवजा तथा शहीद दरोगा की पत्नी और भाई को नौकरी दिलाई जाए दरोगा के माता-पिता के बुढ़ापे को देखते हुए उन्हें 30 लाख रुपये मुआवजा दिलाया जाए। इसके अलावा शहीद दरोगा की याद में शहर में एक शहीद चौक बनवाया जाए।
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इन लोगों ने भी की राज्यपाल से मुलाकात
विहिप के विभाग मंत्री आचार्य संजय मिश्र, जिलाध्यक्ष नंद किशोर अग्रवाल, जिला मंत्री बृजेश पांडेय और शशिधर मिश्र ने भी शहीद दरोगा के पिता संग राज्यपाल से मुलाकात की।
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शहीद दरोगा मनोज मिश्रा के पिता श्याम मुरारी मिश्रा ने विहिप कार्यकर्ताओं के साथ मंगलवार को प्रदेश के राज्यपाल से मुलाकात की। श्याम मुरारी मिश्रा ने राज्यपाल को ज्ञापन देकर बताया है कि उनका पुत्र मनोज मिश्रा बरेली जिले के फरीदपुर थाने में तैनात था। नौ सितंबर को गो तस्करों ने साजिशन उसकी हत्या कर दी। इस मुठभेड़ में किसी अन्य पुलिस कर्मी को चोट तक नहीं आई। मनोज मिश्रा गोतस्करों के विरुद्ध अभियान चलाकर वैधानिक कार्रवाई कर रहा था। मनोज मिश्रा को गो तस्करों द्वारा कई बार जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसकी शिकायत उसने एसपी बरेली से की लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। वहां की पुलिस और सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं ने साजिश कर उसके पुत्र की गोतस्करों से हत्या करवा दी। इन परिस्थितियों में निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं रह गयी है। प्रार्थनापत्र में बताया है कि घटनास्थल से बरेली लगभग पंद्रह किलोमीटर दूर है गोली लगने पर उसे बरेली न ले जाकर 35 किलोमीटर दूर फरीदपुर ले जाया गया जो पुलिस की दूषित मानसिकता को उजागर करता है। मांग की है कि दरोगा हत्याकांड की सीबीआई जांच कराई जाए, प्रार्थी के पुत्र की पत्नी और बच्चों की दयनीय हालत को देखते हुए 50 लाख रुपये आर्थिक मुआवजा तथा शहीद दरोगा की पत्नी और भाई को नौकरी दिलाई जाए दरोगा के माता-पिता के बुढ़ापे को देखते हुए उन्हें 30 लाख रुपये मुआवजा दिलाया जाए। इसके अलावा शहीद दरोगा की याद में शहर में एक शहीद चौक बनवाया जाए।
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इन लोगों ने भी की राज्यपाल से मुलाकात
विहिप के विभाग मंत्री आचार्य संजय मिश्र, जिलाध्यक्ष नंद किशोर अग्रवाल, जिला मंत्री बृजेश पांडेय और शशिधर मिश्र ने भी शहीद दरोगा के पिता संग राज्यपाल से मुलाकात की।
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