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सीबीआई ने मितौली के दो गल्ला व्यापारियों को जारी किए वारंट
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सीबीआई
- फोटो : demo photo
चर्चित खाद्यान्न घोटाले की सीबीआई कोर्ट में सुनवाई आज
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वारंट तामील कराने आई टीम ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के भाई विजय मिश्रा से 15 मिनट की थी पूछताछ
लखीमपुर खीरी। 2004 में सपा सरकार में हुए खाद्यान्न घोटाले में सीबीआई ने गृह राज्यमंत्री के भाई के अलावा मितौली के दो और गल्ला व्यापारियों को वारंट जारी किए हैं। सीबीआई की टीम शनिवार को मितौली भी पहुंची थी और दो आरोपियों के परिजन को वारंट तामील कराकर लौट गई। अब आरोपियों को लखनऊ स्थित सीबीआई कोर्ट में नौ अगस्त 2021 को हाजिर होना होगा।
प्रदेश में वर्ष 2004 में हुए करोड़ों रुपये के खाद्यान्न घोटाले के मामले की जांच के लिए वर्ष 2005 में जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसके आधार पर वर्ष 2007 में सीबीआई को जांच करने का आदेश मिला था। एक मई 2012 को सीबीआई ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिसमें गोदाम प्रभारी, ठेकेदार, ट्रांसपोर्टर, फाइनेंसर शामिल हैं। इसी वर्ष खाद्यान्न घोटाले में आरोपी गोला तहसील के तत्कालीन एसडीएम प्रमोद शंकर शुक्ला को सीबीआई ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जबकि लखीमपुर के तत्कालीन एसडीएम सदर इंद्रासन सिंह यादव, एसडीएम निघासन जेके सिंह और एसडीएम धौरहरा एसपी सिंह को भी गिरफ्तार करने के प्रयास सीबीआई ने किए थे, लेकिन तब तीनों 2005 के अरेस्ट स्टे को दिखाकर गिरफ्तारी से बच गए थे।
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घोटाला उजागर होने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने डीएम एसपीएस सोलंकी समेत छह तहसीलों के एसडीएम और डीएसओ को निलंबित कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक, घोटाले में शामिल 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब दूसरे ब्लॉकों के दर्ज मामलों में ट्रायल शुरू हुआ है, जिससे सीबीआई ने शनिवार को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के भाई विजय मिश्रा उर्फ राजू निवासी कपूरथला के घर दस्तक दी थी। बताते हैं कि टीम ने विजय मिश्रा और उनके परिजन से लगभग 15 मिनट पूछताछ की थी। इसके बाद टीम वारंट तामील कराकर लौट गई थी। वारंट के मुताबिक नौ अगस्त 2021 को सीबीआई कोर्ट लखनऊ में सुनवाई होगी।
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सीबीआई टीम ने मितौली थाने में जाकर आरोपी कृष्ण कुमार निवासी मितौली समेत एक अन्य का पता जाना, जिसके बाद आरोपियों के घर पहुंचकर टीम ने वारंट तामील कराया। यहां भी दोनों आरोपी घर पर नहीं मिले। हालांकि इन दोनों आरोपियों को सीबीआई कोर्ट में नौ अगस्त 2021 को सुनवाई के लिए पेश होना होगा। मितौली थानाध्यक्ष अनिल सैनी ने बताया कि सीबीआई टीम खाद्यान्न घोटाले के कस्बा निवासी दो आरोपियों के खिलाफ जारी वारंट के सिलसिले में आई थी।
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वारंट तामील कराने आई टीम ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के भाई विजय मिश्रा से 15 मिनट की थी पूछताछ लखीमपुर खीरी। 2004 में सपा सरकार में हुए खाद्यान्न घोटाले में सीबीआई ने गृह राज्यमंत्री के भाई के अलावा मितौली के दो और गल्ला व्यापारियों को वारंट जारी किए हैं। सीबीआई की टीम शनिवार को मितौली भी पहुंची थी और दो आरोपियों के परिजन को वारंट तामील कराकर लौट गई। अब आरोपियों को लखनऊ स्थित सीबीआई कोर्ट में नौ अगस्त 2021 को हाजिर होना होगा।
प्रदेश में वर्ष 2004 में हुए करोड़ों रुपये के खाद्यान्न घोटाले के मामले की जांच के लिए वर्ष 2005 में जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसके आधार पर वर्ष 2007 में सीबीआई को जांच करने का आदेश मिला था। एक मई 2012 को सीबीआई ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिसमें गोदाम प्रभारी, ठेकेदार, ट्रांसपोर्टर, फाइनेंसर शामिल हैं। इसी वर्ष खाद्यान्न घोटाले में आरोपी गोला तहसील के तत्कालीन एसडीएम प्रमोद शंकर शुक्ला को सीबीआई ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जबकि लखीमपुर के तत्कालीन एसडीएम सदर इंद्रासन सिंह यादव, एसडीएम निघासन जेके सिंह और एसडीएम धौरहरा एसपी सिंह को भी गिरफ्तार करने के प्रयास सीबीआई ने किए थे, लेकिन तब तीनों 2005 के अरेस्ट स्टे को दिखाकर गिरफ्तारी से बच गए थे।
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घोटाला उजागर होने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने डीएम एसपीएस सोलंकी समेत छह तहसीलों के एसडीएम और डीएसओ को निलंबित कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक, घोटाले में शामिल 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब दूसरे ब्लॉकों के दर्ज मामलों में ट्रायल शुरू हुआ है, जिससे सीबीआई ने शनिवार को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के भाई विजय मिश्रा उर्फ राजू निवासी कपूरथला के घर दस्तक दी थी। बताते हैं कि टीम ने विजय मिश्रा और उनके परिजन से लगभग 15 मिनट पूछताछ की थी। इसके बाद टीम वारंट तामील कराकर लौट गई थी। वारंट के मुताबिक नौ अगस्त 2021 को सीबीआई कोर्ट लखनऊ में सुनवाई होगी।
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सीबीआई टीम ने मितौली थाने में जाकर आरोपी कृष्ण कुमार निवासी मितौली समेत एक अन्य का पता जाना, जिसके बाद आरोपियों के घर पहुंचकर टीम ने वारंट तामील कराया। यहां भी दोनों आरोपी घर पर नहीं मिले। हालांकि इन दोनों आरोपियों को सीबीआई कोर्ट में नौ अगस्त 2021 को सुनवाई के लिए पेश होना होगा। मितौली थानाध्यक्ष अनिल सैनी ने बताया कि सीबीआई टीम खाद्यान्न घोटाले के कस्बा निवासी दो आरोपियों के खिलाफ जारी वारंट के सिलसिले में आई थी।