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Lakhimpur Kheri News: रिश्तेदार बनकर व्हाट्सएप कॉल की और ठग लिए पांच लाख
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मोहम्मदी/लखीमपुर खीरी। साइबर ठगों ने मोहम्मदी के बरेठी निवासी त्रिलोक सिंह से पांच लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने विदेश में रहने वाले रिश्तेदार का नाम बताकर व्हाट्सएप कॉल के जरिये ठगी की। पीड़ित ने मोबाइल नंबर धारक और एक आरोपी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।
बरेठी निवासी त्रिलोक सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके मोबाइल नंबर पर एक व्हाट्सएप कॉल आई। फोन करने वाले ने बताया कि वह ऑस्ट्रेलिया में रहने वाला उनका रिश्तेदार हरप्रीत बोल रहा है। उसने एक खाता नंबर भेजकर कहा कि पांच लाख रुपये भेज दो। पीड़ित ने झांसे में आकर 16 नवंबर को स्टेट बैंक आफ इंडिया के खाते में रुपये भेज दिए। खाता प्रदीप नाम के व्यक्ति का था। तीन दिन बाद जब रुपये वापस मांगे तो ठग ने फोन बंद कर लिया।
ठगी का पता चला तो पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर दी। कोतवाली प्रभारी अंबर सिंह ने बताया कि ठग ने रिश्तेदार बनकर फोन किया था। मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
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छात्र को भी इसी तरह लगाया था चूना
साइबर ठगों ने ठगी का नया तरीका निकाला है। दोस्त और रिश्तेदार बनकर फोन करते हैं और खाते से रुपये पार कर देते हैं। कुछ दिन पहले ठगों ने शहर में रहने वाले एक छात्र को भी इसी तरह से ठगी का शिकार बनाया था। छात्र को दोस्त बनकर फोन किया और तीन हजार रुपये ठग लिए। बरेठी के त्रिलोक सिंह भी इसी तरह की ठगी का शिकार हुए।
ये बरतें सावधानियां
किसी को आधारकार्ड या पैनकार्ड न भेजें।
किसी नए लिंक पर क्लिक न करें, आपकी निजी जानकारी ठगों को मिल सकती है।
किसी ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं। मदद करने से पहले जांच-परख कर लें।
किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
ठगी होते ही 1930 टोल फ्री नंबर पर कॉल करें।
ठगी का पता चलते ही तत्काल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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बरेठी निवासी त्रिलोक सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके मोबाइल नंबर पर एक व्हाट्सएप कॉल आई। फोन करने वाले ने बताया कि वह ऑस्ट्रेलिया में रहने वाला उनका रिश्तेदार हरप्रीत बोल रहा है। उसने एक खाता नंबर भेजकर कहा कि पांच लाख रुपये भेज दो। पीड़ित ने झांसे में आकर 16 नवंबर को स्टेट बैंक आफ इंडिया के खाते में रुपये भेज दिए। खाता प्रदीप नाम के व्यक्ति का था। तीन दिन बाद जब रुपये वापस मांगे तो ठग ने फोन बंद कर लिया।
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ठगी का पता चला तो पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर दी। कोतवाली प्रभारी अंबर सिंह ने बताया कि ठग ने रिश्तेदार बनकर फोन किया था। मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
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छात्र को भी इसी तरह लगाया था चूना
साइबर ठगों ने ठगी का नया तरीका निकाला है। दोस्त और रिश्तेदार बनकर फोन करते हैं और खाते से रुपये पार कर देते हैं। कुछ दिन पहले ठगों ने शहर में रहने वाले एक छात्र को भी इसी तरह से ठगी का शिकार बनाया था। छात्र को दोस्त बनकर फोन किया और तीन हजार रुपये ठग लिए। बरेठी के त्रिलोक सिंह भी इसी तरह की ठगी का शिकार हुए।
ये बरतें सावधानियां
किसी को आधारकार्ड या पैनकार्ड न भेजें।
किसी नए लिंक पर क्लिक न करें, आपकी निजी जानकारी ठगों को मिल सकती है।
किसी ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं। मदद करने से पहले जांच-परख कर लें।
किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
ठगी होते ही 1930 टोल फ्री नंबर पर कॉल करें।
ठगी का पता चलते ही तत्काल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।