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बस ऑपरेटर्स की अप्रैल से सितंबर तक रोड टैक्स माफ करने की मांग
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टैक्स माफी के लिए एआरटीओ को ज्ञापन देने पहुंचे निजी बस मालिक
- फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। जिला बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने लॉकडाउन की अवधि में यात्री और माल वाहनों पर लगने वाले रोड टैक्स को माफ करने की मांग की है। गुरुवार को संगठन पदाधिकारियों की अगुवाई में वाहन स्वामियों का एक प्रतिनिधिमंडल एआरटीओ प्रशासन बीके सिंह से मिला और उन्हें अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया।
इसमें लॉकडाउन में चरमराई ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को राहत देने के लिए अप्रैल से सितंबर 2020 तक यात्री वाहनों का रोड टैक्स माफ करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही।
एसोसिएशन ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री को बताया है कि कोविड 19 महामारी के चलते यात्री वाहन व्यवसाय बिलकुल समाप्त होने के कगार पर है। कोई पर्यटक गतिविधि नहीं हो रही है और न ही कुछ महीनों तक होने की संभावना है। 15 मार्च के बाद से सभी विद्यालय-कॉलेज बंद हैं, जिससे स्कूली वाहन भी खड़े हैं। शादी विवाह भी बंद हो गए हैं या फिर कार्यक्रम में शामिल होने वालो की संख्या सीमित होने से यात्री वाहनों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। इससे पूरा यात्री वाहन व्यवसाय ठप है। पूर्व अध्यक्ष मोहन वाजपेयी ने बताया कि केंद्र सरकार ने लॉकडाउन अवधि का टैक्स नॉन यूज क्लास के द्वारा समाप्त करने का आदेश दिया है, जिससे कई राज्यों में रोड टैक्स समाप्त कर दिया गया है। 12 सूत्री मांगों में स्कूल बस की आयु 10 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष करने, सभी प्रकार के यात्री वाहनों के परमिट, फिटनेस की वैधता बिना शुल्क के एक साल तक आगे बढ़ाने, यात्री वाहनों के चालकों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से अप्रैल से सितंबर 2020 तक सांत्वना राशि देने की मांग उठाई गई है। ज्ञापन देने वालों में मोहन वाजपेयी, संजय जायसवाल, धर्म सिंह, सोनू राना, दारा बाबू, रमेश गुप्ता, नरेंद्र मिश्रा, आरिफ आदि शामिल रहे।
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इसमें लॉकडाउन में चरमराई ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को राहत देने के लिए अप्रैल से सितंबर 2020 तक यात्री वाहनों का रोड टैक्स माफ करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही।
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एसोसिएशन ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री को बताया है कि कोविड 19 महामारी के चलते यात्री वाहन व्यवसाय बिलकुल समाप्त होने के कगार पर है। कोई पर्यटक गतिविधि नहीं हो रही है और न ही कुछ महीनों तक होने की संभावना है। 15 मार्च के बाद से सभी विद्यालय-कॉलेज बंद हैं, जिससे स्कूली वाहन भी खड़े हैं। शादी विवाह भी बंद हो गए हैं या फिर कार्यक्रम में शामिल होने वालो की संख्या सीमित होने से यात्री वाहनों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। इससे पूरा यात्री वाहन व्यवसाय ठप है। पूर्व अध्यक्ष मोहन वाजपेयी ने बताया कि केंद्र सरकार ने लॉकडाउन अवधि का टैक्स नॉन यूज क्लास के द्वारा समाप्त करने का आदेश दिया है, जिससे कई राज्यों में रोड टैक्स समाप्त कर दिया गया है। 12 सूत्री मांगों में स्कूल बस की आयु 10 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष करने, सभी प्रकार के यात्री वाहनों के परमिट, फिटनेस की वैधता बिना शुल्क के एक साल तक आगे बढ़ाने, यात्री वाहनों के चालकों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से अप्रैल से सितंबर 2020 तक सांत्वना राशि देने की मांग उठाई गई है। ज्ञापन देने वालों में मोहन वाजपेयी, संजय जायसवाल, धर्म सिंह, सोनू राना, दारा बाबू, रमेश गुप्ता, नरेंद्र मिश्रा, आरिफ आदि शामिल रहे।
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