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अनुबंधित बस में आग लगी, यात्रियों में मची भगदड़
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गोला गोकर्णनाथ (लखीमपुर खीरी)। पीलीभीत बस्ती हाईवे पर मंगलवार सुबह गोला डिपो की एक अनुबंधित बस में आग लग गई। बस में उठती लपटों को देखकर चालक-परिचालक व यात्री दहशत में आ गए। यात्रियों ने सुरक्षित निकलने के लिए पीछे का शीशा तोड़ा, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। हालांकि चालक परिचालक ने जान जोखिम में डालकर चारों यात्रियों को सुरक्षित निकालकर दूसरी बस से लखनऊ भिजवाया। मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड कर्मियों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है।
मंगलवार सुबह गोला डिपो की अनुबंधित बस लखनऊ के लिए बस अड्डे से रवाना हुई। पीलीभीत बस्ती हाईवे पर गोला-रजागंज के बीच खम्हौल तिराहे के पास अचानक बस के अगले हिस्से में आग लग गई। अगले हिस्से से उठती लपटों को देखकर चालक परिचालक और चारों यात्री दहशत में आ गए। चालक ने बस को हाईवे किनारे खड़ा कर दिया और यात्रियों को निकालने की जुगत में लग गया। इस बीच गेट से निकलते न बनता देख यात्रियों ने पीछे का शीशा तोड़ दिया। हालांकि कड़ी मशक्कत के बाद चालक रविंद्र और परिचालक ब्रजमोहन यात्रियों को सुरक्षित निकालने में कामयाब रहे।
परिचालक के सूचना देने पर डिपो इंचार्ज ने फायर ब्रिगेड का सूचना दी। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मी बमुश्किल आग पर काबू पा सके। मगर, तब तक बस का अगला हिस्सा जलकर राख हो चुका था। परिचालक ने चारों यात्रियों को दूसरी बस से लखनऊ भिजवाया।
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बसों की डिकी में बंद रहते हैं अग्निशमन यंत्र
रोडवेज की अनुबंधित हो या फिर निगम की बसें, सभी की हालत खस्ताहाल है। किसी में अग्निशमन यंत्र नहीं है तो किसी की वायरिंग जर्जर है। कुछ बसें ऐसी हैं जिनमें अग्निशमन यंत्र तो है, लेकिन वह एक्सापयर हो चुके हैं। वहीं कुछ में यह कबाड़ की तरह डिकी में बंद है। मंगलवार को जिस बस में आग लगी थी उसमें लापरवाही सामने आई है। डिपो इंचार्ज का कहना है कि अग्निशमन यंत्र डिकी में बंद था, जिसे चालक परिचालक निकाल नहीं सके। इसलिए आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड को बुलाना पड़ा।
गोला से लखनऊ जा रही अनुबंधित बस में मंगलवार सुबह अचानक आग लग गई। चालक परिचालक सहित बैठे सभी यात्री सुरक्षित हैं। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है। बस में अग्निशमन यंत्र था, लेकिन डिकी में बंद होने के कारण चालक परिचालक उसे निकालकर आग नहीं बुझा सके।
-अरविंद सिंह, डिपो इंचार्ज गोला
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मंगलवार सुबह गोला डिपो की अनुबंधित बस लखनऊ के लिए बस अड्डे से रवाना हुई। पीलीभीत बस्ती हाईवे पर गोला-रजागंज के बीच खम्हौल तिराहे के पास अचानक बस के अगले हिस्से में आग लग गई। अगले हिस्से से उठती लपटों को देखकर चालक परिचालक और चारों यात्री दहशत में आ गए। चालक ने बस को हाईवे किनारे खड़ा कर दिया और यात्रियों को निकालने की जुगत में लग गया। इस बीच गेट से निकलते न बनता देख यात्रियों ने पीछे का शीशा तोड़ दिया। हालांकि कड़ी मशक्कत के बाद चालक रविंद्र और परिचालक ब्रजमोहन यात्रियों को सुरक्षित निकालने में कामयाब रहे।
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परिचालक के सूचना देने पर डिपो इंचार्ज ने फायर ब्रिगेड का सूचना दी। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मी बमुश्किल आग पर काबू पा सके। मगर, तब तक बस का अगला हिस्सा जलकर राख हो चुका था। परिचालक ने चारों यात्रियों को दूसरी बस से लखनऊ भिजवाया।
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बसों की डिकी में बंद रहते हैं अग्निशमन यंत्र
रोडवेज की अनुबंधित हो या फिर निगम की बसें, सभी की हालत खस्ताहाल है। किसी में अग्निशमन यंत्र नहीं है तो किसी की वायरिंग जर्जर है। कुछ बसें ऐसी हैं जिनमें अग्निशमन यंत्र तो है, लेकिन वह एक्सापयर हो चुके हैं। वहीं कुछ में यह कबाड़ की तरह डिकी में बंद है। मंगलवार को जिस बस में आग लगी थी उसमें लापरवाही सामने आई है। डिपो इंचार्ज का कहना है कि अग्निशमन यंत्र डिकी में बंद था, जिसे चालक परिचालक निकाल नहीं सके। इसलिए आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड को बुलाना पड़ा।
गोला से लखनऊ जा रही अनुबंधित बस में मंगलवार सुबह अचानक आग लग गई। चालक परिचालक सहित बैठे सभी यात्री सुरक्षित हैं। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है। बस में अग्निशमन यंत्र था, लेकिन डिकी में बंद होने के कारण चालक परिचालक उसे निकालकर आग नहीं बुझा सके।
-अरविंद सिंह, डिपो इंचार्ज गोला