{"_id":"6a4cf662ce9c8ff7c0024271","slug":"bulldozers-ran-on-the-passenger-rest-house-for-the-second-day-in-lakhimpur-kheri-2026-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri: यात्री विश्रामालय पर दूसरे दिन भी चला बुलडोजर, निर्माण ध्वस्त, हटवाया गया मलबा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri: यात्री विश्रामालय पर दूसरे दिन भी चला बुलडोजर, निर्माण ध्वस्त, हटवाया गया मलबा
Tue, 07 Jul 2026 06:22 PM IST
Mukesh Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Published by: Mukesh Kumar
Updated Tue, 07 Jul 2026 06:22 PM IST
सार
लखीमपुर खीरी में निघासन तहसील गेट स्थित तालाब की भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान मंगलवार को भी जारी रहा। सोमवार को ध्वस्त किए गए विश्रामालय की बाउंड्रीवॉल और इंटरलॉकिंग ईंटें भी हटाई गईं। अन्य निर्माण ध्वस्त किया गया।
विज्ञापन
बुलडोजर से ध्वस्त किया गया निर्माण
- फोटो : संवाद
विस्तार
लखीमपुर खीरी में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में निघासन तहसील गेट स्थित तालाब की भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान मंगलवार को भी जारी रहा। प्रशासन ने एक दिन पहले ध्वस्त किए गए पंडित दीनदयाल उपाध्याय यात्री विश्रामालय का मलबा हटवाने के साथ परिसर में बनी बाउंड्रीवाल, इंटरलॉकिंग और अन्य निर्माण भी हटवा दिए।
विज्ञापन
सोमवार को करीब 30 वर्ष पुराने पंडित दीनदयाल उपाध्याय यात्री विश्रामालय को ध्वस्त किए जाने के बाद मंगलवार को जेसीबी की मदद से परिसर की बाउंड्रीवाल सहित तिरंगा ध्वज के पोल तथा इंटरलॉकिंग ईंटों को उखाड़कर हटाया गया। प्रशासन ने निर्माण सामग्री और मलबा भी हटवाने की कवायद शुरू कर दी, ताकि तालाब की भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कर उसके मूल स्वरूप को बहाल किया जा सके।
विज्ञापन
लखनऊ खंडपीठ ने दिया है ये आदेश
बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने तालाब की भूमि पर बने सरकारी और गैर-सरकारी निर्माण हटाकर राजस्व अभिलेखों के अनुसार तालाब का मूल स्वरूप बहाल करने के आदेश दिए हैं। कार्रवाई के दौरान एसडीएम राजीव निगम, प्रभारी तहसीलदार हर्ष निशांत, नायब तहसीलदार अभिषेक कुमार समेत राजस्व विभाग और नगर पंचायत के कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
एसडीएम राजीव निगम ने बताया कि तालाब की शेष भूमि पर बनी दुकानों का मामला अपीलीय न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय से आदेश प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।