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‘बजट से किसानों को राहत, मध्यम वर्ग की उपेक्षा’

Mon, 29 Feb 2016 11:13 PM IST
लखीमपुर खीरी।
लखीमपुर खीरी। Updated Mon, 29 Feb 2016 11:13 PM IST
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'Budget relief to farmers, middle class ignore'
आम बजट ने गरीबों और किसानों को राहत दी तो मध्यमवर्गीय लोगों को निराश किया। विलासिता की चीजें महंगी होने से उच्च आय वर्ग के लोगों पर मामूली बोझ बढ़ा है। कृषि विकास के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के विकास के लिए भी प्रर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। गांवों के विकास के लिए कई योजनाएं इस बजट में हैं। 2018 तक सभी गांवों में बिजली पहुंचाने और सभी गांवों को सड़कों से जोड़ने लिए प्रर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया गया है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि बजट ग्रामोन्मुखी और विकासोन्मुखी है। इससे विकास की रफ्तार तेज होगी। आयकर सीमा में बढ़ोतरी न होने से नौकरी पेशा वर्ग निराश हुआ है। सर्विस टैक्स में बढ़ोतरी से रेस्टोरेंट में खाना, ब्रांडेड कपड़े पहनना और घूमना टहलना भी महंगा होगा। इससे गरीब और मध्यम वर्ग भी प्रभावित होगा। विशेषज्ञों की राय में मौजूदा परिस्थितियों और राजनीतिक हालात को मद्देनजर रखते हुए यह बजट तैयार किया गया है।
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गांव और किसानों का ध्यान रखकर बनाया गया बजट
आम बजट 2016 किसानों और गांवों के विकास को ध्यान में रखकर बनाया गया है। सर्विस टैक्स में बढ़ोतरी से आम लोगों के इस्तेमाल में आने वाली तमाम सेवाओं का ज्यादा मूल्य चुकाना पड़ेगा। पीएफ के भुगतान पर इनकम टैक्स लगाना गलत निर्णय है। गैस कनेक्शन महिलाओं के नाम करना महिला सशक्तीकरण की दिशा में अच्छा कदम है।
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-डॉ. ज्योति पंत, विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र, वाईडी कॉलेज, लखीमपुर।
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बजट सामाजिक और राजनीतिक हालात को ध्यान में रखकर बना
इस बजट से साफ लगता है कि भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पूंजीवादी नीतियों से किनारा किया है। सामाजिक, आर्थिक जरूरतों और राजनीतिक मजबूरियों को ध्यान में रखकर बजट बनाया गया है। बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर दिया गया है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 412 करोड़ का प्रावधान सराहनीय है। बजट संतुलित है।
-डॉ. डीएन मालपानी, प्रवक्ता वाणिज्य विभाग, वाईडी कॉलेज, लखीमपुर
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बजट में मध्यम वर्ग की पूरी तरह हुई उपेक्षा
आम बजट गांव और किसानों पर केंद्रित है लेकिन मध्यम वर्ग की पूरी तरह उपेक्षा की गई है। सर्विस टैक्स में बढ़ोतरी से मध्यम वर्ग के इस्तेमाल में आने वाली सारी चीजें यहां तक कि खाना पीना, मनारेंजन, पर्यटन और यहां तक कि कपड़े और जेवर भी महंगे होंगे। आयकर सीमा न बढ़ने से वेतनभोगी वर्ग काफी निराश हुआ है।
डॉ. एससी मिश्र, पूर्व विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान, वाईडी कॉलेज
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आयकर सीमा न बढ़ने से हुई निराशा
आम बजट में आयकर सीमा बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठे नौकरी पेशा लोगों को आयकर स्लैब न बढ़ने से निराशा हुई है। शिक्षा और स्वास्थ्य की दिशा में जो कदम उठाए गए है। उससे निश्चित ही आम लोगों को फायदा मिलेगा। सर्विस टैक्स पहले से ही काफी इसे बढ़ाने की जरूरत नहीं थी। कुल मिलाकर बजट कको संतुलित करने का प्रयास किया गया है।
-डॉ. जेएन सिंह, प्रवक्ता, वाईडी कॉलेज, लखीमपुर खीरी।
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महिलाओं ने बजट को सराहा पर सर्विस टैक्स में इजाफे से मायूसी
लखीमपुर खीरी। महंगाई के चलते रसोई के बढ़े बजट से परेशान गृहणियों को इस साल के बजट से कोई खास राहत मिलने वाली नहीं है। वित्तमंत्री ने दालों के मूल्यों पर अंकुश लगाने के लिए दाल के बफर स्टाक की व्यवस्था करने की बात कही है। इससे गृहणियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि उनके लिए ब्यूटी पार्लर जाना, आभूषण और ब्रांडेड कपड़े खरीदना महंगा पड़ेगा फिर भी महिलाएं इस बजट को सामान्य मानती है। महिलाओं से जब इस बाबत बात की गई तो उन्होंने कहा कि बजट से उनके जीवन स्तर पर खास प्रभाव पड़ने वाला नहीं है।
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बजट में महिला सुरक्षा की अनदेखी
बजट में महिला सुरक्षा के लिए अलग से कोई प्रावधान नहीं किया गया है। महंगाई कम करने की दिशा में भी ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उल्टे सर्विस टैक्स में इजाफा कर दिया गया है। इससे मध्यम वर्ग के इस्तेमाल में आने वाली तमाम चीजें महंगी होंगी। कुल मिलाकर महिलाओं के लिए यह बजट बेहद निराशजनक है।
-प्रिया सिंह, गृहणी
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महंगाई पर लगाम लगाने की कोशिश नहीं दिखी
केवल दालों के दामों पर नियंत्रण का प्रयास काफी नहीं हैं। सब्जियों और किचेन में काम आने वाली हर चीज के मूल्य आम लोगों की पहुंच में रहें। तभी बजट आदर्श माना जा सकता हैै। बजट में महंगाई पर अंकुश लगाने के कोई प्रयास बजट में नहीं दिख रहे। रसोई गैस कनेक्शन महिलाओं के नाम किया जाना सराहनीय कदम है।
-मीता गर्ग, गृहणी
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बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा
गरीब परिवारों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना, एलपीजी गैस कनेक्शन के लिए 1000 करोड़ की व्यवस्था, 2018 तक सभी गांवों को बिजली पहुंचाने के संकल्प से सरकार का सामाजिक और आर्थिक विजन स्पष्ट हो गया है। बजट सभी वर्गों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इससे देश विकास की रफ्तार तेज होगी।
-सीमा साहनी, गृहणी
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आम बजट से महिलाओं को निराशा
आम बजट 2016 ने मध्यम वर्ग की महिलाओं को खास तौर पर निराश किया है। सर्विस टैक्स बढ़ने से मध्यम वर्ग के परिवार की महिलाओं के इस्तेमाल में आने वाली हर वस्तु महंगी हो जाएगी। आयकर सीमा न बढ़ने से नौकरी पेशा महिलाओं को निराशा हुई हैँ। ग्रामीण विकास के साथ शहरी विकास पर भी बराबर ध्यान नहीं दिया गया।
-क्षमा टंडन, शिक्षिका
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बजट पर व्यापारियों ने कहा
सराहनीय है बजट
आम बजट सराहनीय है। इस बार के बजट में निम्न और मध्यमवर्गीय लोगों को ध्यान रखा गया है। यह अच्छी बात है और इसकी सराहना होनी चाहिए।
-हरीश्याम गुप्ता, व्यापारी
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व्यापारियों के हित वाला है बजट
देश के बजट में व्यापारियों को मनमुताबिक सातों दिन कारोबार करने की छूट दी गई है, जो स्वागत योग्य है। पूरा बजट व्यापारियों के हिता वाला है, इसलिए जितनी सराहना की जाए कम है।
-अरुण अवस्थी, जिलाध्यक्ष-अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल
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आयकर में छूट न मिलने से होगी दिक्कत
इस बार के बजट में उम्मीद थी कि आयकर में छूट मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वहीं सर्विस टैक्स बढ़ने से महंगाई पर असर पड़ेगा।
-अशोक गुप्ता, महामंत्री व्यापार मंडल कंछल गुट।
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एफडीआई से खुदरा व्यापार होगा चौपट
फूड प्रोसेसिंग में सौ प्रतिशत एफडीआई लागू होने से खुदरा व्यापार चौपट होगा। बजट में महिलाओं और बुजुर्गों के लिए प्रविधान किए गए हैं, जो सराहनीय है।
-राकेश मिश्र, जिलाध्यक्ष व्यापार मंडल-मिश्र गुट।
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राजनीतिक दलों के अध्यक्षों की प्रतिक्रिया
जनता के हित वाला बजट
आम बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। यह बजट विकासोन्मुख साबित होगा। किसानों, व्यापारियों, मजदूरों, महिलाओं सभी के लिए बजट हितकारी है, इसलिए इसकी जितनी सराहना की जाए कम है।
-शरद बाजपेयी, जिलाध्यक्ष-भाजपा
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किसी के लिए हितकारी नहीं है बजट
बजट में बेरोजगारी दूर करने के लिए प्रयास नहीं किया गया है। इसी तरह किसानों और महिलाओं की भी परवाह नहीं की गई है। रोजगार की बात होती तो अच्छा लगता और जेएनयू जैसी घटनाओं के प्रति केन्द्र सरकार की गंभीरता दिखती।
-अनुराग पटेल, जिलाध्यक्ष-सपा
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महंगाई की मार से बचना होगा मुश्किल
महंगाई बढ़ाने वाला बजट है। इसमें गरीब जनता के लिए फायदे वाली कोई बात नहीं है। मध्यम वर्ग को भी कोई राहत नहीं मिली है। किसानों को कर्जा माफी की उम्मीद थी, लेकिन इसकी घोषणा नहीं हुई।
-अजय चौधरी, जिलाध्यक्ष, बसपा
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निराशाजनक है आम बजट
केन्द्र सरकार का आम बजट अत्यंत निराशाजनक है। इसे कारपोरेट सेक्टर को ध्यान में रखकर पेश किया गया है। इससे आम जनता को कोई राहत मिलने वाली नहीं है।
-राघवेन्द्र बहादुर सिंह, जिलाध्यक्ष-कांग्रेस
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हर किसी के दिल पर उतर गया बजट
मोदी सरकार का बजट हर किसी के दिल पर उतर गया है, क्योंकि इस बार किसान, महिलाओं, युवाओं, मजदूर और नौकरी पेशा वाले लोगों को ध्यान में रखकर बजट बनाया गया है।

-अजय मिश्र टेनी, सांसद, खीरी।
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उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाला है बजट
मोदी सरकार का बजट केवल उद्योगपतियों का बजट है। गरीब और आम आदमी को इससे दूर रखा गया है। किसानों को लुभाने का प्रयास किया गया है, लेकिन आम जनता को कुछ भी नहीं मिला।
-जफर अली नकवी, पूर्व सांसद (कांग्रेस)
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