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Lakhimpur Kheri News: मांगी नाव न केवट आना, कहहि तुम्हार मरमु हम जाना...
Sun, 28 Sep 2025 11:45 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 28 Sep 2025 11:45 PM IST
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गोला के श्रीरामलीला महोत्सव में श्रीराम-केवट संवाद का मंचन करते कलाकार। स्रोत : सोशल मीडिया
गोला गोकर्णनाथ। श्री रामलीला महोत्सव में कलाकारों ने भगवान श्रीराम और केवट के संवाद का मंचन कर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।
शनिवार देर शाम मेला मैदान स्थित श्री रामलीला मंच पर वृंदावन के कलाकारों ने श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता के वन गमन और भगवान श्रीराम के वियोग में राजा दशरथ के प्राण त्यागने का भावपूर्ण मंचन किया, जिसे देख दर्शक भाव विभोर हो गए।
मंचन के बाद देर शाम कलाकारों ने गोकर्ण तीर्थ पर भगवान श्रीराम और केवट के संवाद का मंचन किया। मंचन के दौरान भक्त केवट अपने सम्मुख प्रभु श्रीराम को खड़ा देख अपने जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्त हो जाना चाहता है। इसलिए वह सशर्त प्रभु राम को अपनी नाव पर बिठाना चाहता है।
मंचन में केवट, शिला से सुंदर नारी बनी अहिल्या का उदाहरण देता है और प्रभु के चरण धोने की शर्त रखता है। तीर्थ पर इस मंचन को देखने के लिए लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। इस मौके पर जनार्दन गिरि, पंकज गुप्ता, पंकज मिश्र, रामगुलाम पांडे, कृष्णा बाजपेई, रामरक्षपाल राजपूत, संजय वर्मा आदि मौजूद रहे।
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शनिवार देर शाम मेला मैदान स्थित श्री रामलीला मंच पर वृंदावन के कलाकारों ने श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता के वन गमन और भगवान श्रीराम के वियोग में राजा दशरथ के प्राण त्यागने का भावपूर्ण मंचन किया, जिसे देख दर्शक भाव विभोर हो गए।
मंचन के बाद देर शाम कलाकारों ने गोकर्ण तीर्थ पर भगवान श्रीराम और केवट के संवाद का मंचन किया। मंचन के दौरान भक्त केवट अपने सम्मुख प्रभु श्रीराम को खड़ा देख अपने जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्त हो जाना चाहता है। इसलिए वह सशर्त प्रभु राम को अपनी नाव पर बिठाना चाहता है।
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मंचन में केवट, शिला से सुंदर नारी बनी अहिल्या का उदाहरण देता है और प्रभु के चरण धोने की शर्त रखता है। तीर्थ पर इस मंचन को देखने के लिए लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। इस मौके पर जनार्दन गिरि, पंकज गुप्ता, पंकज मिश्र, रामगुलाम पांडे, कृष्णा बाजपेई, रामरक्षपाल राजपूत, संजय वर्मा आदि मौजूद रहे।
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