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काम शुरू हुआ पर नहीं रुका कटान, बर्बाद हो रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो महेवागंज/सुंदरवल।
Updated Sat, 13 Aug 2016 10:11 PM IST
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विनाश लीला
- फोटो : अमर उजाला
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फूलबेहड़ के जंगल नंबर 11, मानपुर और बेड़हासुतिया पर संकट
राहत आयुक्त के पहुंचने के बाद आई काम में तेजी
फूलबेहड़ क्षेत्र में शारदा नदी की विनाश लीला शनिवार को भी जारी रही। हालांकि यहां की त्रासदी को सुनकर खुद राहत आयुक्त डीके सिंह मौके पर पहुंचे। इससे बाढ़ बचाव कार्यों में तेजी आई।
बंधे के अंदर बसे जंगल नंबर 11, मानपुर और बेड़हासुतिया गांवों में पिछले कई दिनों से शारदा नदी कटान कर रही है। आलम यह है कि सैकड़ों बीघा जमीन और करीब 150 से ज्यादा घरों को शारदा नदी अपने आगोश में कर चुकी है। इक्का दुक्का बचे मकान भी कटने की कगार पर है। अपना इंदिरा आवास तोड़ रहे बेड़हा निवासी जीतू, रामदास ने बताया कि अगर ईंट-दरवाजे भी मिल जाए तो वही काफी है। ग्रामीणों में अफरातफरी का माहौल है। लोग पलायन कर रहे हैं। शुक्रवार को गूम बेड़हासुतिया संपर्क मार्ग भी नदी ने निगल लिया। गूम गांव की ओर बढ़ती नदी को देख सभी सकते में हैं। अधिकारियों ने मौका मुआयना किया और आननफानन में बैंबू कैरट और जीओ बैग से कटान रोकने के प्रयास शुरू कर दिए गए।
अब गूम वासियों में मची खलबली
शारदा नदी जिस तेजी से कटान करते हुए आगे बढ़ रही है उससे अब गूमवासी काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। दर्जनों गांवों के सैकड़ों घरों और संपर्क मार्ग को लील चुकी शारदा गूम की ओर बढ़ रही है। यहां करीब 200 घरों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। भुलभुलया, धोबियाना, सुथरिया, नैनपुरवा, टापरपुरवा आदि मजरे भी निशाने पर हैं। इससे ग्रामीणों में बेचैनी है। रातों की नींद और दिन का सुकून उड़ सा गया है। उनकी नजर नदी की धार पर ही है।
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पुलिस ने बिठाया पहरा
कटान को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। कटान स्थल से करीब एक किलोमीटर पहले पुलिस ने बैरिकेटिंग कर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। गूम गांव में पुलिस का पहरा है।
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राहत आयुक्त के पहुंचने के बाद आई काम में तेजी
फूलबेहड़ क्षेत्र में शारदा नदी की विनाश लीला शनिवार को भी जारी रही। हालांकि यहां की त्रासदी को सुनकर खुद राहत आयुक्त डीके सिंह मौके पर पहुंचे। इससे बाढ़ बचाव कार्यों में तेजी आई।
बंधे के अंदर बसे जंगल नंबर 11, मानपुर और बेड़हासुतिया गांवों में पिछले कई दिनों से शारदा नदी कटान कर रही है। आलम यह है कि सैकड़ों बीघा जमीन और करीब 150 से ज्यादा घरों को शारदा नदी अपने आगोश में कर चुकी है। इक्का दुक्का बचे मकान भी कटने की कगार पर है। अपना इंदिरा आवास तोड़ रहे बेड़हा निवासी जीतू, रामदास ने बताया कि अगर ईंट-दरवाजे भी मिल जाए तो वही काफी है। ग्रामीणों में अफरातफरी का माहौल है। लोग पलायन कर रहे हैं। शुक्रवार को गूम बेड़हासुतिया संपर्क मार्ग भी नदी ने निगल लिया। गूम गांव की ओर बढ़ती नदी को देख सभी सकते में हैं। अधिकारियों ने मौका मुआयना किया और आननफानन में बैंबू कैरट और जीओ बैग से कटान रोकने के प्रयास शुरू कर दिए गए।
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अब गूम वासियों में मची खलबली
शारदा नदी जिस तेजी से कटान करते हुए आगे बढ़ रही है उससे अब गूमवासी काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। दर्जनों गांवों के सैकड़ों घरों और संपर्क मार्ग को लील चुकी शारदा गूम की ओर बढ़ रही है। यहां करीब 200 घरों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। भुलभुलया, धोबियाना, सुथरिया, नैनपुरवा, टापरपुरवा आदि मजरे भी निशाने पर हैं। इससे ग्रामीणों में बेचैनी है। रातों की नींद और दिन का सुकून उड़ सा गया है। उनकी नजर नदी की धार पर ही है।
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पुलिस ने बिठाया पहरा
कटान को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। कटान स्थल से करीब एक किलोमीटर पहले पुलिस ने बैरिकेटिंग कर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। गूम गांव में पुलिस का पहरा है।