{"_id":"67fe9bd7f4b8a4e5c1031e9e","slug":"be-the-market-of-love-in-the-city-of-enmity-lakhimpur-news-c-120-1-sbly1019-143589-2025-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: अदावत के शहर में इश्क का बाजार बनो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: अदावत के शहर में इश्क का बाजार बनो
विज्ञापन
मैलानी के रामलीला में मंच पर मौजूद कविस्रोत-संवाद
मैलानी। रामलीला में सोमवार रात हुए कवि सम्मेलन में कवियों ने काव्य का ऐसा समा बांधा कि मौजूद दर्शक जोर-जोर से तालियां बजाने के लिए मजबूर हो गए।
लखनऊ से आईं कवयित्री संध्या त्रिपाठी ने मां शारदा का गुणगान करते हुए वीणा मधुर बजावति आ मां कविता के जरिये कार्यक्रम की शुरुआत की।
इसके बाद उन्होंने शृंगार रस का पाठ करते हुए कहा कि मोहब्बत है मुझे तुमसे कैसे, कभी तुम मांगकर देखो मैं अपनी जान दे दूंगी। कार्यक्रम का संचालन करते हुए बाराबंकी से आए हास्य कवि विकास बौखल ने कहा नफरतों की भीड़ में देखो क्या-क्या खो गया, सब्जियों हिंदू हो गईं, बकरा मुसलमान हो गया।
अयोध्या से आए ओज कवि सीताकांत स्वयंभू ने कहा, अतिथि कोई घर आए तो सत्कार जरूरी होता है, जंग गर छिड़ जाए तो हथियार जरूरी होता है। शेखर, सुभाष, अशफाक को शत-शत वंदन करता हूं। जनार्दन पांडे नाचीज ने सामाजिक सौहार्द कायम रखने के लिए कहा अंधेरों को मिटा लेने में क्या तकलीफ होती है, दिया दिल का जला लेने में क्या तकलीफ होती है।
प्रयागराज से आए कमलेश पांडे कमल ने कहा कि दिलों को जोड़ने वाला अनोखा तार बनो, अदावत के शहर में इश्क का बाजार बनो। वीर रस के कवि अनिल अमल ने अपनी रचनाओं के जरिये लोगाें में देशभक्ति का जोश भरकर तालियां बटोरीं।
विज्ञापन
कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष कीर्ति माहेश्वरी, ईओ राजेश चौधरी, मुख्य अतिथि पूरनपुर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता, समाजसेवी भवानी शंकर माहेश्वरी आदि ने कवियों, पत्रकारों, सफाई कर्मचारियों और वाल्मीकि समाज के बुजुर्गों का माल्यार्पण किया और स्मृति चिह्न प्रदान कर सबको सम्मानित किया।
विज्ञापन
लखनऊ से आईं कवयित्री संध्या त्रिपाठी ने मां शारदा का गुणगान करते हुए वीणा मधुर बजावति आ मां कविता के जरिये कार्यक्रम की शुरुआत की।
इसके बाद उन्होंने शृंगार रस का पाठ करते हुए कहा कि मोहब्बत है मुझे तुमसे कैसे, कभी तुम मांगकर देखो मैं अपनी जान दे दूंगी। कार्यक्रम का संचालन करते हुए बाराबंकी से आए हास्य कवि विकास बौखल ने कहा नफरतों की भीड़ में देखो क्या-क्या खो गया, सब्जियों हिंदू हो गईं, बकरा मुसलमान हो गया।
अयोध्या से आए ओज कवि सीताकांत स्वयंभू ने कहा, अतिथि कोई घर आए तो सत्कार जरूरी होता है, जंग गर छिड़ जाए तो हथियार जरूरी होता है। शेखर, सुभाष, अशफाक को शत-शत वंदन करता हूं। जनार्दन पांडे नाचीज ने सामाजिक सौहार्द कायम रखने के लिए कहा अंधेरों को मिटा लेने में क्या तकलीफ होती है, दिया दिल का जला लेने में क्या तकलीफ होती है।
विज्ञापन
प्रयागराज से आए कमलेश पांडे कमल ने कहा कि दिलों को जोड़ने वाला अनोखा तार बनो, अदावत के शहर में इश्क का बाजार बनो। वीर रस के कवि अनिल अमल ने अपनी रचनाओं के जरिये लोगाें में देशभक्ति का जोश भरकर तालियां बटोरीं।
विज्ञापन
कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष कीर्ति माहेश्वरी, ईओ राजेश चौधरी, मुख्य अतिथि पूरनपुर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता, समाजसेवी भवानी शंकर माहेश्वरी आदि ने कवियों, पत्रकारों, सफाई कर्मचारियों और वाल्मीकि समाज के बुजुर्गों का माल्यार्पण किया और स्मृति चिह्न प्रदान कर सबको सम्मानित किया।