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बिजली व्यवस्था पर ग्रहण, अधिकारी मस्त

Sun, 29 May 2016 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी। Updated Sun, 29 May 2016 11:38 PM IST
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Assume power system , officials Mast
बिजली - फोटो : अमर उजाला
 जर्जर एलटी तारों को हटाकर नहीं डाल पाए केबिल 
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बिजली खंभों पर फैला तारों का मकड़जाल
आईएपीडीआरपी और व्यापार विकास निधि भी बेअसर

शहर की बिजली व्यवस्था के आधुनिकीकरण के प्रयास परवान नहीं चढ़ पा रहे हैं। बिजली के खंभों पर जगह-जगह तारों का मकड़जाल फैला है। जर्जर तारों के तेज हवा से टूटकर गिरने से बचाने के लिए बिजली विभाग दशकों पुराने फार्मूले पर काम कर रहा है, जिसमें जर्जर तारों को बांस की फंटी बांधकर काम चलाया जा रहा है। हालांकि विभाग ने आरएपीडीआरपी सहित कई योजनाओं पर ठेकेदार के माध्यम से पानी की तरह पैसा बहाया, लेकिन इसका नतीजा सामने नहीं आया है। एलटी लाइनों को हटाकर केबिल डालने की योजना सालों से आगे खिसक रही है। 
बता दें कि बिजली लाइनों के अनुरक्षण सहित अन्य कार्य ठेकेदार प्रथा के तहत कराए जा रहे हैं। जबकि बिजली विभाग के अधिकारियों को मॉनीटरिंग का जिम्मा मिला हैै। शहर में बिजली व्यवस्था के सुधार के लिए योजनाओं के माध्यम से लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैैं। फिर भी जर्जर लाइनें लोगों को परेशान कर रहीं हैैं। जरा सी तेज हवा और आंधियों में बिजली की लाइनें तहस नहस हो जाती हैं, जिससे बिजली आपूर्ति ठप होती है। वहीं ओवरलोडिंग, जर्जर तार, फाल्ट, लो-वोल्टेज से आए दिन ट्रांसफार्मर खराब होते हैैं। रिस्ट्रक्चर्ड एसोसिएलेटेड एक्सलेटेड पॉवर डेवलपमेंट और रिफामर्स प्रोग्राम (आरएपीडीआरपी) के तहत करीब आठ माह पहले ठेका दिया गया था। जिसमें शहर में केबिल डालनी थी, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो सका है। वहीं व्यापार विकास निधि से कार्य शुरू नहीं हो पाया हैै, जबकि कार्ययोजना बहुत पहले तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है। 
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एलटी तारों को हटाकर केबिल डालने का काम जल्द शुरू किया जाएगा, क्योंकि ठेकेदार ने पांच किमी लंबाई में डालने के लिए केबिल की व्यवस्था कर ली है। व्यापार विकास निधि से एस्टीमेट तैयार कर मुख्य अभियंता वितरण के पास फाइल भेजी जा चुकी है, लेकिन अभी स्वीकृत नहीं मिली है। 
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-राहुल शर्मा, एसडीओ टाउन
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