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Lakhimpur Kheri News: लखनऊ में मुख्य अभियंता के सामने हुई पेशी, असमंजस बरकरार
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लखीमपुर खीरी। लोक निर्माण विभाग के सीडी-1 में हड़ताल पर गए जूनियर इंजीनियरों व एक्सईएन की बृहस्पतिवार को लखनऊ में मुख्य अभियंता के सामने पेशी हुई। दोनों पक्षों से जवाब तलब किया गया लेकिन कोई हल नहीं निकला है। असमंजस बरकरार है।
सीडी वन के अवर अभियंताओं के कार्य बहिष्कार से जहां विभागीय कार्य बाधित हैं, वहीं लगातार अफसरों की वार्ता के बावजूद कोई हल नहीं निकल रहा है। बुधवार रात एसई एनके वर्मा भी मौके पर पहुंचे और वार्ता की लेकिन हल नहीं निकल सका। इसके बाद बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों को लखनऊ तलब किया गया। मुख्य अभियंता के सामने दोनों पक्षों ने अपने तर्क रखे।
विभागीय सूत्र बताते हैं कि सीडी वन के दो-तीन जेई सारा काम खुद ही मांग रहे हैं, जबकि अन्य जेई के पास कोई काम नहीं बचता। ऐसे में विरोध प्रबल है। बताते हैं कि खंड का 70 फीसदी काम दो से तीन जेई के पास ही है, जिससे अन्य जेई भी परेशान हैं।
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एक्सईएन सीडी वन हंसाराम ने बताया कि हमारे डिवीजन में कोई समस्या नहीं है। डेढ़ महीने से जेई अजय पाठक दो-चार जेई के साथ समस्या खड़ी कर रहे हैं। उनका तबादला हो गया है, रिलीव भी हो चुके हैं। इसके बाद हाईकोर्ट चले गए। अब जबरन नियुक्ति का दबाव बना रहे हैं। इस संबंध में हमने अपने उच्चाधिकारियों से राय मांगी है। बिना सक्षम अधिकारियों की राय के बिना हम तबादले के बाद नियुक्ति नहीं दे सकते।
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सीडी वन के अवर अभियंताओं के कार्य बहिष्कार से जहां विभागीय कार्य बाधित हैं, वहीं लगातार अफसरों की वार्ता के बावजूद कोई हल नहीं निकल रहा है। बुधवार रात एसई एनके वर्मा भी मौके पर पहुंचे और वार्ता की लेकिन हल नहीं निकल सका। इसके बाद बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों को लखनऊ तलब किया गया। मुख्य अभियंता के सामने दोनों पक्षों ने अपने तर्क रखे।
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विभागीय सूत्र बताते हैं कि सीडी वन के दो-तीन जेई सारा काम खुद ही मांग रहे हैं, जबकि अन्य जेई के पास कोई काम नहीं बचता। ऐसे में विरोध प्रबल है। बताते हैं कि खंड का 70 फीसदी काम दो से तीन जेई के पास ही है, जिससे अन्य जेई भी परेशान हैं।
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एक्सईएन सीडी वन हंसाराम ने बताया कि हमारे डिवीजन में कोई समस्या नहीं है। डेढ़ महीने से जेई अजय पाठक दो-चार जेई के साथ समस्या खड़ी कर रहे हैं। उनका तबादला हो गया है, रिलीव भी हो चुके हैं। इसके बाद हाईकोर्ट चले गए। अब जबरन नियुक्ति का दबाव बना रहे हैं। इस संबंध में हमने अपने उच्चाधिकारियों से राय मांगी है। बिना सक्षम अधिकारियों की राय के बिना हम तबादले के बाद नियुक्ति नहीं दे सकते।