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जिला अस्पताल में नहीं है टिटनेस रोधी वैक्सीन
ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 13 Apr 2016 10:18 PM IST
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- फोटो : डेमो फोटो
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पर्चा एक रुपये का, 13 रुपये में खरीदते हैं टिटबैक
सीएमओ बोले, कुछ दवाओं की नहीं हो पा रही खरीद
प्रदेश सरकार सरकारी अस्पतालों में एक रुपये के पर्चे पर इलाज का दावा करती है, लेकिन यहां के जिला अस्पताल में टिटनेस से बचाव वाली वैक्सीन टिटबैक तक नहीं है। इस बाबत फार्मेसिस्ट का कहना है कि कुछ दवाएं सरकारी खरीद में नहीं है, जिनमें से टिटबैक भी है, इसलिए सप्लाई न होने के कारण दिक्कत हो रही है।
मरीजों को चोट लगने, लोहे के औजारों से घायल होने अथवा एक्सीडेंट होने पर टिटनेस से बचाव के लिए टिटबैक लगाया जाता है, लेकिन जिला अस्पताल में यह वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। सोमवार को इसकी जानकारी तब हुई जब बिजुआ के दिनेश कुमार, मोहम्मदी के गांव अमीरनगर निवासी लईक और अलीगंज के राजेश और हरिकिशन को टिटबैक सहित कई दवाओं का पर्चा थमा दिया गया। यह सभी एकजुट होकर सीएमओ डॉ अरुण कुमार से इसकी शिकायत करने गए, लेकिन वह लखनऊ गए थे। इस पर मजबूर होकर इन लोगों ने बाहर से दवाएं खरीदीं। बाद में अमर उजाला दफ्तर में आकर इस संबंध में जानकारी दी। इस पर फार्मेसिस्ट से बात की गई तो उन्होंने कहा कि टिटबैक की सरकारी खरीद नहीं है। अस्पताल में टिटनेस रोधी वैक्सीन की सरकारी सप्लाई न होने के कारण इसे बाहर से मंगाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कई अन्य दवाओं की भी सरकारी सप्लाई नहीं है, लेकिन उन दवाओं का नाम बताने से वह कतरा गए। कुल मिलाकर टिटबैक जैसी वैक्सीन जिला अस्पताल में न होने से उन मरीजों को मायूस होना पड़ रहा है जो एक रुपये में इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं और उन्हें मेडिकल स्टोर से दवा लाने के लिए पर्चा थमा दिया जाता है।
कुछ दवाओं की सरकारी खरीद नहीं है, लेकिन इमरजेन्सी के लिए सभी दवाओं की खरीद जिला स्तर पर कराई जा रही है। किसी मरीज को दिक्कत नहीं होने दी जा रही है, फिर भी किसी की शिकायत मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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-डॉ अरुण कुमार, सीएमओ
सीएमओ बोले, कुछ दवाओं की नहीं हो पा रही खरीद
प्रदेश सरकार सरकारी अस्पतालों में एक रुपये के पर्चे पर इलाज का दावा करती है, लेकिन यहां के जिला अस्पताल में टिटनेस से बचाव वाली वैक्सीन टिटबैक तक नहीं है। इस बाबत फार्मेसिस्ट का कहना है कि कुछ दवाएं सरकारी खरीद में नहीं है, जिनमें से टिटबैक भी है, इसलिए सप्लाई न होने के कारण दिक्कत हो रही है।
मरीजों को चोट लगने, लोहे के औजारों से घायल होने अथवा एक्सीडेंट होने पर टिटनेस से बचाव के लिए टिटबैक लगाया जाता है, लेकिन जिला अस्पताल में यह वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। सोमवार को इसकी जानकारी तब हुई जब बिजुआ के दिनेश कुमार, मोहम्मदी के गांव अमीरनगर निवासी लईक और अलीगंज के राजेश और हरिकिशन को टिटबैक सहित कई दवाओं का पर्चा थमा दिया गया। यह सभी एकजुट होकर सीएमओ डॉ अरुण कुमार से इसकी शिकायत करने गए, लेकिन वह लखनऊ गए थे। इस पर मजबूर होकर इन लोगों ने बाहर से दवाएं खरीदीं। बाद में अमर उजाला दफ्तर में आकर इस संबंध में जानकारी दी। इस पर फार्मेसिस्ट से बात की गई तो उन्होंने कहा कि टिटबैक की सरकारी खरीद नहीं है। अस्पताल में टिटनेस रोधी वैक्सीन की सरकारी सप्लाई न होने के कारण इसे बाहर से मंगाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कई अन्य दवाओं की भी सरकारी सप्लाई नहीं है, लेकिन उन दवाओं का नाम बताने से वह कतरा गए। कुल मिलाकर टिटबैक जैसी वैक्सीन जिला अस्पताल में न होने से उन मरीजों को मायूस होना पड़ रहा है जो एक रुपये में इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं और उन्हें मेडिकल स्टोर से दवा लाने के लिए पर्चा थमा दिया जाता है।
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कुछ दवाओं की सरकारी खरीद नहीं है, लेकिन इमरजेन्सी के लिए सभी दवाओं की खरीद जिला स्तर पर कराई जा रही है। किसी मरीज को दिक्कत नहीं होने दी जा रही है, फिर भी किसी की शिकायत मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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-डॉ अरुण कुमार, सीएमओ