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Lakhimpur Kheri News: मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकेगी एनाइडर एंड अलार्म डिवाइस

Tue, 15 Jul 2025 11:57 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 15 Jul 2025 11:57 PM IST
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Anider and alarm device will prevent human-wildlife conflict
वन विभाग ने ढ़ाका गांव में लगाई एनाइडर डिवाइस। संवाद।
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन और दक्षिण खीरी वन प्रभाग ने मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए मैलानी और गोला रेंज में अलग-अलग स्थानों पर चार एनाइडर एंड अलार्म सिस्टम लगाए गए हैं।
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गोला और मैलानी रेंज की सीमा से सटे बरौंछा नाला क्षेत्र में चार से अधिक महीनों से बाघिन सक्रिय है। वह लगातार हिंसक होती जा रही है। आबादी से सटे गन्ने के खेतों में डेरा जमाए बैठी यह बाघिन इंसानों और पालतू पशुओं पर हमला कर उनकी जान ले रही है। उसके ताबड़तोड़ हमलों से किसानों और ग्रामीणों में दहशत है। ऐसे में ग्रामीणों का गुस्सा वन विभाग के प्रति बढ़ता जा रहा है। बाघिन को बेहोश कर पकड़ने की अनुमति मिलने के 16 दिन बाद भी वह वन विभाग के हत्थे नहीं चढ़ सकी है।
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उधर, किसानों के बढ़ते आक्रोश को लेकर वन विभाग ने बरौंछा नाला क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए गोला और मैलानी रेंज के आबादी से सटे प्रभावित गांव ढाका, कुकरा, महरताला और रत्नापुर के पास अलग-अलग स्थानों पर चार एनाइडर एंड अलार्म डिवाइस लगाई गईं हैैं, ताकि बाघिन के निकलते ही ग्रामीण सतर्क हो जाएं और उससे अपना और पालतू पशुओं का बचाव कर सकें।
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सौर ऊर्जा से चलती है डिवाइस, कई उद्यानों और अभयारण्यों में किया जा रहा है उपयोग
डीएफओ साउथ खीरी संजय बिश्वाल ने बताया कि एनाइडर एंड अलार्म सिस्टम एक ऐसी डिवाइस है कि जो सौर ऊर्जा से संचालित होती है। वन्यजीवों के इसके जद में आने पर रंग-बिरंगी रोशनी निकलती है और तेज अलार्म बजता है, जो वन्यजीवों को बिना कोई नुकसान पहुंचाए सुरक्षित रूप से उन्हें दूर भगाती है। यह डिवाइस किसानों को आने वाले खतरे की चेतावनी देकर उनके जीवन को भी सुरक्षित करती है।
उन्होंने बताया कि इसका उपयोग राष्ट्रीय उद्यानों, अभयारण्यों और गांवों के आसपास किया जाता है। कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य में भी इसका उपयोग किया जा रहा है। वहीं सिम्बलवाड़ा राष्ट्रीय उद्यान में भी यह डिवाइस हाथियों के हमलों को रोकने में प्रभावी साबित हुई है। उत्तराखंड और केरल में भी इस डिवाइस का उपयोग किया जा रहा है।





झंझटपुर गांव के पास खेतों में दिखी बाघिन



बांकेगंज। बरौंछा नाला क्षेत्र में आबादी से सटे गांवों में पिछले चार माह के अधिक समय से गन्ने के खेतों में डेरा जमाए बैठी बाघिन लगातार अपना ठिकाना बदलकर निगरानी टीमों को चकमा दे रही है।




गोला और मैलानी रेंज में सक्रिय बरौंछा की बाघिन दो दिन पहले गोला रेंज के महरताला गांव में किसान के बछड़े को मारने के बाद गन्ने के खेतों में छिप गई थी। इसके बाद उसकी लोकेशन नहीं मिली। मंगलवार शाम निगरानी टीमों को घटनास्थल से कुछ दूरी पर स्थिति झंझटपुर गांव के खेतों में अचानक बाघिन विचरण करते दिखाई दी। यह देख उन्होंने इसकी तस्वीर कैमरे में कैद करने के बाद सूचना उच्चाधिकारियों को दी। रेंजर गोला संजीव तिवारी ने बताया कि उसके दिखने के बाद प्रभावित क्षेत्र में निगरानी तेज कर दी गई है। संवाद



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वन विभाग ने ढ़ाका गांव में लगाई एनाइडर डिवाइस। संवाद।

वन विभाग ने ढ़ाका गांव में लगाई एनाइडर डिवाइस। संवाद।

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