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स्कूल जाने का रास्ता न होने से गुस्साए छात्रों ने जाम कर दिया हाईवे
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छात्रों व छात्राओं द्वारा जाम किया गया मार्ग
- फोटो : LAKHIMPUR
धौरहरा। दहौरा नदी पर पुल न होने से आवागमन की दिक्कतों से नाराज राजकीय इंटर कॉलेज धौरहरा के छात्र-छात्राएं शनिवार को सड़कों पर उतर आए। उन्होंने पलिया-धौरहरा हाईवे पर बाईपास चौराहा के पास जाम लगा दिया। करीब चार घंटे तक रोड जाम रही। प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने और समस्या के समाधान का आश्वासन मिलने पर छात्र-छात्राओं ने जाम खोला। इस बीच सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं।
करीब तीस साल पहले वर्ष 1990-95 के बीच आई भीषण बाढ़ के दौरान दहौरा नदी पर बना पुल ढह गया था। तब से यह पुल नहीं बन पाया है। आठ ग्राम पंचायतों की करीब 50 हजार की आबादी का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूटा हुआ है। बरसात के मौसम में छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने में भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। शनिवार को छात्र-छात्राओं के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने पलिया धौरहरा हाईवे बाईपास चौराहे पर एकत्र होकर रास्ता जाम कर दिया। विद्यार्थियों का कहना था कि मानसून में घाघरा नदी का पानी और बरसात का पानी आने से रास्ता बंद हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी धौरहरा आने वाले छात्रों को होती है। मौजूदा समय में भी सड़क पर पानी चल रहा है।
उधर, जाम की सूचना पर पहुंचे एसडीएम धीरेंद्र सिंह, तहसीलदार अवधेश कुमार व पुलिस बल ने मौके पर जाकर छात्रों को मनाने का काफी प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी जिद पर अड़े रहे। छात्र प्रदेश सरकार के मंत्री और डीएम को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। एसडीएम के बहुत समझाने के बाद तहसील परिसर चलकर शिकायती पत्र देने की बात पर छात्र तैयार हुए। इस दौरान छात्रों ने जमकर हंगामा किया और स्थानीय प्रशासन व धौरहरा विधायक के मुर्दाबाद के नारे लगाए।
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छात्रों ने प्रशासन को एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया है और कहा है कि यदि उनकी मांगें न पूरी हुईं, तो एक हफ्ते बाद फिर से हाईवे जाम किया जाएगा, जो घंटो न चलकर मांग पूरी होने तक चलेगा। एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने बताया कि एक हफ्ते के अंदर उपरोक्त मार्ग पर वैकल्पिक व्यवस्था कर रास्ता सही करवा दिया जाएगा। उन्होंने एक सहकारी नाव चलाने की बात कही।
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करीब तीस साल पहले वर्ष 1990-95 के बीच आई भीषण बाढ़ के दौरान दहौरा नदी पर बना पुल ढह गया था। तब से यह पुल नहीं बन पाया है। आठ ग्राम पंचायतों की करीब 50 हजार की आबादी का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूटा हुआ है। बरसात के मौसम में छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने में भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। शनिवार को छात्र-छात्राओं के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने पलिया धौरहरा हाईवे बाईपास चौराहे पर एकत्र होकर रास्ता जाम कर दिया। विद्यार्थियों का कहना था कि मानसून में घाघरा नदी का पानी और बरसात का पानी आने से रास्ता बंद हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी धौरहरा आने वाले छात्रों को होती है। मौजूदा समय में भी सड़क पर पानी चल रहा है।
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उधर, जाम की सूचना पर पहुंचे एसडीएम धीरेंद्र सिंह, तहसीलदार अवधेश कुमार व पुलिस बल ने मौके पर जाकर छात्रों को मनाने का काफी प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी जिद पर अड़े रहे। छात्र प्रदेश सरकार के मंत्री और डीएम को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। एसडीएम के बहुत समझाने के बाद तहसील परिसर चलकर शिकायती पत्र देने की बात पर छात्र तैयार हुए। इस दौरान छात्रों ने जमकर हंगामा किया और स्थानीय प्रशासन व धौरहरा विधायक के मुर्दाबाद के नारे लगाए।
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छात्रों ने प्रशासन को एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया है और कहा है कि यदि उनकी मांगें न पूरी हुईं, तो एक हफ्ते बाद फिर से हाईवे जाम किया जाएगा, जो घंटो न चलकर मांग पूरी होने तक चलेगा। एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने बताया कि एक हफ्ते के अंदर उपरोक्त मार्ग पर वैकल्पिक व्यवस्था कर रास्ता सही करवा दिया जाएगा। उन्होंने एक सहकारी नाव चलाने की बात कही।

धौरहरा पलिया हाई वे पर जाम लगाते छात्र- फोटो : LAKHIMPUR