कोतवाली में दुष्कर्म की कोशिश: इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों पर दर्ज होगी रिपोर्ट, अदालत ने दिया आदेश
एक महिला ने कोतवाल समेत पांच पुलिसकर्मियों पर दुष्कर्म की कोशिश का आरोप लगाया था। महिला ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। इस पर कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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लखीमपुर खीरी में एक साल पुराने मामले में अदालत ने तत्कालीन गोला कोतवाल समेत पांच पुलिसकर्मियी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। एससी-एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश सुभाष सिंह ने गोला थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला की शिकायत पर सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया है।
अधिवक्ता रजनीश कुमार त्रिवेदी ने बताया कि गोला गोकर्णनाथ के एक मोहल्ले की रहने वाली महिला के घर के पीछे आठ जुलाई 2022 की रात फायरिंग हो रही थी। इस बात की सूचना उसने ने डायल 112 पर दी। शिकायत के कुछ ही देर के बाद गोला कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक विवेक उपाध्याय, सिपाही सूर्यप्रताप राघव के साथ ही तीन पुलिस वाले आए थे। सिपाहियों ने पूछताछ करने के बाद महिला को गाड़ी में बिठाकर कोतवाली लाए।
पीड़िता ने लगाया था यह आरोप
आरोप है कि विवेक उपाध्याय ने उसे कमरे में बंदकर अश्लील हरकतें करते हुए दुष्कर्म की कोशिश की थी। विरोध करने पर पीटा और उसके बाद नशीली वस्तु की फर्जी बरामदगी दिखाते हुए एनडीपीएस में चालान कर दिया। महिला ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की। जिस पर सुनवाई करने के बाद विशेष न्यायाधीश सुभाष सिंह ने प्रभारी निरीक्षक विवेक उपाध्याय और सिपाही सूर्यप्रताप राघव समेत पांच पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।
उधर, मामले में कोतवाली विवेक उपाध्याय का कहना है कि आरोप निराधार हैं। महिला मुख्य रूप से गांजा तस्करी करती है। संबंधित का गांजा तस्करी में वीडियो वायरल हुआ था। उस पर कार्रवाई की गई थी तो उसने फंसाने की नीयत से मुकदमा दर्ज करा दिया।