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ग्रास होपर का हमला, सफाचट कर गए मदार की पत्तियां

Thu, 02 Jul 2020 02:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2020 02:21 AM IST
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मदार के पेंड पर बैठे ग्रास होपर - फोटो : LAKHIMPUR
निघासन/ढखेरवा (लखीमपुर खीरी)। ढखेरवा चौराहे के पशु बाजार में मदार के पेड़ों पर ग्रास होपर (सामान्य टिड्डियों) के छोटे दल ने हमला कर दिया और कुछ घंटों में ही पुराने पेड़ों की पत्तियां सफाचट कर गए। जानकारी मिलते ही लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची कृषि विभाग की टीम ने कीटनाशक दवा का छिड़काव कर ग्रास होपर को मार गिराया। कृषि विभाग की टीम को क्षेत्र में निगरानी के लिए पहुंच गई है। किसानों ने भी खेतों की निगरानी बढ़ा दी हैं
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ढखेरवा कस्बे के इंद्रबहादुर इंटर कॉलेज के पीछे बुधवार को पशुओं का साप्ताहिक बाजार लगता है। सुबह कुछ लोग बाजार में बेचने के लिए मवेशी लेकर गए थे। वहां पर देखा कि मदार के आठ-दस पुराने पेड़ों पर बड़ी संख्या में ग्रास होपर लिपटे हुए हैं और हरे पत्तों को चट कर रहे हैं। जानकारी मिलने पर काफी संख्या में लोग जमा हो गए। मामले की सूचना कृषि विभाग के अधिकारियों को दी गई। कृषि विभाग के एडीओ पीतांबर सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचना देते हुए कीटनाशक दवा का छिड़काव किया और ग्रास होपर (सामान्य टिड्डियों) को मार गिराया।
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बेलरायां चीनी मिल ने भी किसानों को किया सतर्क
सरयू सहकारी चीनी मिल बेलरायां के जीएम एसके गौड़ ने पिकअप पर लाउडस्पीकर रखवाकर दवा का छिड़काव कराने, ढोल नगाड़ा आदि बजाने की सलाह देते हुए सिंगाही, बेलरायां, तिकुनियां, निघासन, झंडी, तारानगर, रकेहटी, ढखेरवा, बम्हनपुर, दुबहा, खैरहनी, सलीमाबाद आदि गांवों में किसानों को सतर्क किया।
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विदेशी टिड्डियों के नहीं थे लक्षण
एडीओ कृषि पीतांबर सिंह ने बताया कि जब कीटनाशक दवा का छिड़काव हो रहा था उस समय वह उड़ नहीं रहीं थी। यदि विदेशी टिड्डियां होतीं तो वह एक साथ दूर तक उड़ जातीं। दवा का छिड़काव होते ही सारे ग्रास होपर (सामान्य टिड्डियां) मारे गए। उन्होंने कहा कि ग्रास होपर मदार के पौधों को अधिकतर अपना निशाना बनाती हैं। यह बन्ना बोट की तरह कार्य करते हैं।
नौगवां में भी टिड्डी दल के हमले की सूचना पर दौड़ी टीम, मौके पर मिले ग्रास होपर
लखीमपुर खीरी बारिश होने के साथ ही फसलों पर ग्रास होपर (सामान्य टिड्डियों) का हमला होने लगा है, जिसे किसान विदेशी टिड्डी दल समझकर अधिकारियों को सूचना दे रहे हैैं। बुधवार को भी गोला ब्लॉक के गांव नौगवां के किसान ने अपने खेत में टिड्डी दल के हमले की सूचना कृषि विभाग के अधिकारियों को दी, जिससे हड़कंप मच गया। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ इंद्रेषु कुमार गौतम टीम सहित नौगवां गांव पहुंचे, तो वहां पर खेतों में सामान्य टिड्डी मिलीं। टिड्डी दल की पुष्टि के लिए टीम ने मौके पर गन्ने के खेत में ड्रम और हूटर जैसे वाद्य यंत्र भी बजाए। कृषि रक्षा अधिकारी ने किसानों को टिड्डी दल की पहचान के बारे में जानकारी दी।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ इंद्रेषु कुमार गौतम ने बताया कि नौगवां के किसान राकेश कुमार ने कृषि वैज्ञानिक डॉ संतोष कुमार वर्मा को अपने खेत में टिड्डी दल के हमले की सूचना दी थी। इसके बाद तुरंत ही गोला के वरिष्ठ प्राविधिक सहायक जोगेंद्र सिंह, राजकीय बीज भंडार के प्रभारी अनुपम कुमार को मौके पर भेजा गया, जिन्होंने खेत में 700 से 800 तक टिड्डियां होने की सूचना दी। इसके बाद कृषि रक्षा अधिकारी स्वयं टीम के साथ नौगवां पहुंचे, तो वहां पर टिड्डियों की सूचना देने वाले कर्मचारी अनुपम कुमार अनुपस्थित मिले। अन्य कर्मचारियों के साथ गन्ने के खेत का निरीक्षण किया गया, तो ग्रास होपर (सामान्य टिड्डियां) निकले। इस पर कृषि रक्षा अधिकारी ने किसानों को बताया कि यह विदेश टिड्डी दल नहीं है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसके नियंत्रण के लिए क्लोरपायरीफॉस 20 प्रतिशत ईसी दवा का छिड़काव करने की सलाह दी। साथ ही किसानों से दोबारा भ्रामक सूचना न देने की भी अपील की। उन्होंने भ्रामक सूचना देने के लिए प्राविधिक सहायक जोगेंद्र सिंह और बीज भंडार प्रभारी अनुपम कुमार को फटकार लगाई। कृषि रक्षा अधिकारी ने दोनों कर्मचारियों को गांवों में लगातार किसानों से संपर्क करके उन्हें टिड्डी दल की पहचान के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए।
बुधवार को निघासन के ढखेरवा और गोला के गांव नौगवां में टिड्डी दल के हमले की सूचना मिली थी, जो जांच में भ्रामक निकली। यह विदेशी टिड्डियां नहीं हैं, बल्कि ग्रास होपर (सामान्य टिड्डियां) हैं। दोनों प्रकार की टिड्डियों की शारीरिक बनावट में कई तरह के अंतर हैं। सामान्य टिड्डियों से फसलों को विशेष खतरा नहीं है, फिर भी इनके रोकथाम के लिए किसानों को दवा के छिड़काव की सलाह दी गई है।

-डॉ इंद्रेषु कुमार गौतम, जिला कृषि रक्षा अधिकारी
यह ग्रास होपर (सामान्य टिड्डियां) हैं। इनका सबसे प्रिय भोजन मदार का पौधा ही है। फिर भी कृषि विभाग की टीम को किसानों को सतर्क करने के लिए लगाया गया है। टीम किसानों को अलर्ट करने के साथ ही आवश्यक दवाओं का छिड़काव करने के लिए प्रेरित कर रही है।
-पितांबर सिंह, एडीओ कृषि
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