{"_id":"68a4b1a14103b9cab50430a0","slug":"ac-is-not-working-in-the-district-hospital-attendants-are-forced-to-fan-themselves-with-hand-fans-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1008-153594-2025-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: जिला अस्पताल में बंद पड़ी एसी, हाथ पंखा झलने को मजबूर तीमारदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: जिला अस्पताल में बंद पड़ी एसी, हाथ पंखा झलने को मजबूर तीमारदार
Tue, 19 Aug 2025 10:47 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 19 Aug 2025 10:47 PM IST
विज्ञापन
इमरजेंसी वार्ड में हाथ से पंखा झलता तीमारदार। संवाद
ओयल। जिला अस्पताल की अव्यवस्था एक बार फिर मरीजों और उनके परिजनों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लगा एसी पिछले कई दिनों से खराब पड़ा है। तेज उमस और गर्मी में मरीजों को राहत देने की बजाय तीमारदार हाथ से पंखा डुलाकर अपने मरीजों को आराम पहुंचने के लिए मजबूर हैं।
पूर्ण वातानुकूलित भवन होने के कारण ताजी हवा के अंदर आने व अंदर की गर्म हवा बाहर निकलने व्यवस्था नहीं है। इससे इमरजेंसी सहित अन्य वार्डों में पंखे लगे होने के बावजूद उमस बनी रहती है। द्वितीय तल के महिला व पुरुष जनरल वार्ड, तृतीय तल पर स्थित आर्थों और त्वचा वार्ड में सेंट्रल एसी लगाई ही नहीं गई तथा इमरजेंसी व वार्ड में सेंट्रल एसी पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से बंद पड़ी है। इन दिनों गर्मी और उमस लगातार बढ़ रही है, जिससे जिला अस्पताल की इमरजेंसी व इमरजेंसी वार्ड में मरीज बेहाल हो रहे हैं। इमरजेंसी में आकस्मिक चिकित्सा के लिए पहुंचने वाले मरीजों को मजबूरी में हाथ से पंखा झलना पड़ रहा है। कई तीमारदारों का कहना है, कि अस्पताल प्रशासन को बार-बार शिकायत करने के बावजूद एसी की मरम्मत नहीं कराई गई। अस्पताल में हर दिन दो से ढाई हजार नए-पुराने मरीज आते हैं। इमरजेंसी में 24 घंटों करीब 100 से 130 गंभीर मरीज इलाज को पहुंचते हैं, लेकिन सुविधाओं का हाल बदतर है। एसी की खराबी के बावजूद न तो पंखों की संख्या बढ़ाई गई और न ही अस्थायी कूलिंग का इंतजाम किया गया।
इनसेट
तीमारदार संजय सिंह ने बताया कि वह भांजे का इलाज करने आए हैं। जनरल पुरुष वार्ड में पंखा कूलर लगे हैं, किंतु वातानुकूलित भवन होने के कारण यहां गर्मी व उमस अधिक है।
विज्ञापन
तीमारदार अच्छेलाल ने बताया, कि वह अपने भाई का इलाज कराने आए, वार्ड में अन्य व्यवस्थाएं बेहतर हैं। पंखे चल रहे है, कूलर भी लगा है। वेंटिलेशन की व्यवस्था दुरुस्त न होने से वार्ड में काफी उमस भरी गर्मी बनी रहती है।
अस्पताल आए तीमारदार महेश ने बताया, कि वह जनरल महिला वार्ड में भर्ती करा कर अपनी पत्नी का इलाज करा रहे हैं, वार्ड में पंखे चलते हैं। यहां अधिक उमस बनी रहती है।
इमरजेंसी में अपनी पत्नी का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे श्रवण कुमार सिंह ने बताया, कि अस्पताल भवन व अन्य व्यवस्था ठीक है। इमरजेंसी में एसी बंद होने के चलते यहां उमस भरी गर्मी बनी हुई है। इससे यहां आने वाले मरीज गर्मी से परेशान रहते हैं।
करीब दस दिन पहले अस्पताल में लगे ट्रांसफार्मर की लाइन में खराबी हुई थी। इसी वजह से अस्पताल में एसी के लिए लगा मोटर फुंक गया था, इसे सही कराया जा रहा है। फिलहाल इमरजेंसी में कूलर रखवा दिया गया है।
डॉ. आरके कोली, सीएमएस, जिला अस्पताल
विज्ञापन
पूर्ण वातानुकूलित भवन होने के कारण ताजी हवा के अंदर आने व अंदर की गर्म हवा बाहर निकलने व्यवस्था नहीं है। इससे इमरजेंसी सहित अन्य वार्डों में पंखे लगे होने के बावजूद उमस बनी रहती है। द्वितीय तल के महिला व पुरुष जनरल वार्ड, तृतीय तल पर स्थित आर्थों और त्वचा वार्ड में सेंट्रल एसी लगाई ही नहीं गई तथा इमरजेंसी व वार्ड में सेंट्रल एसी पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से बंद पड़ी है। इन दिनों गर्मी और उमस लगातार बढ़ रही है, जिससे जिला अस्पताल की इमरजेंसी व इमरजेंसी वार्ड में मरीज बेहाल हो रहे हैं। इमरजेंसी में आकस्मिक चिकित्सा के लिए पहुंचने वाले मरीजों को मजबूरी में हाथ से पंखा झलना पड़ रहा है। कई तीमारदारों का कहना है, कि अस्पताल प्रशासन को बार-बार शिकायत करने के बावजूद एसी की मरम्मत नहीं कराई गई। अस्पताल में हर दिन दो से ढाई हजार नए-पुराने मरीज आते हैं। इमरजेंसी में 24 घंटों करीब 100 से 130 गंभीर मरीज इलाज को पहुंचते हैं, लेकिन सुविधाओं का हाल बदतर है। एसी की खराबी के बावजूद न तो पंखों की संख्या बढ़ाई गई और न ही अस्थायी कूलिंग का इंतजाम किया गया।
विज्ञापन
इनसेट
तीमारदार संजय सिंह ने बताया कि वह भांजे का इलाज करने आए हैं। जनरल पुरुष वार्ड में पंखा कूलर लगे हैं, किंतु वातानुकूलित भवन होने के कारण यहां गर्मी व उमस अधिक है।
विज्ञापन
तीमारदार अच्छेलाल ने बताया, कि वह अपने भाई का इलाज कराने आए, वार्ड में अन्य व्यवस्थाएं बेहतर हैं। पंखे चल रहे है, कूलर भी लगा है। वेंटिलेशन की व्यवस्था दुरुस्त न होने से वार्ड में काफी उमस भरी गर्मी बनी रहती है।
अस्पताल आए तीमारदार महेश ने बताया, कि वह जनरल महिला वार्ड में भर्ती करा कर अपनी पत्नी का इलाज करा रहे हैं, वार्ड में पंखे चलते हैं। यहां अधिक उमस बनी रहती है।
इमरजेंसी में अपनी पत्नी का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे श्रवण कुमार सिंह ने बताया, कि अस्पताल भवन व अन्य व्यवस्था ठीक है। इमरजेंसी में एसी बंद होने के चलते यहां उमस भरी गर्मी बनी हुई है। इससे यहां आने वाले मरीज गर्मी से परेशान रहते हैं।
करीब दस दिन पहले अस्पताल में लगे ट्रांसफार्मर की लाइन में खराबी हुई थी। इसी वजह से अस्पताल में एसी के लिए लगा मोटर फुंक गया था, इसे सही कराया जा रहा है। फिलहाल इमरजेंसी में कूलर रखवा दिया गया है।
डॉ. आरके कोली, सीएमएस, जिला अस्पताल

इमरजेंसी वार्ड में हाथ से पंखा झलता तीमारदार। संवाद

इमरजेंसी वार्ड में हाथ से पंखा झलता तीमारदार। संवाद

इमरजेंसी वार्ड में हाथ से पंखा झलता तीमारदार। संवाद

इमरजेंसी वार्ड में हाथ से पंखा झलता तीमारदार। संवाद