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Lakhimpur Kheri News: 52 की क्षमता वाली बस में भरी थीं 130 सवारियां, ऊपर रखी मिलीं तीन स्कूटी
Fri, 17 Apr 2026 11:07 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 17 Apr 2026 11:07 PM IST
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इसी बस में मिली क्षमता से अधिक सवारियां। स्रोत : विभाग
लखीमपुर खीरी। निघासन-ढखेरवा मार्ग पर चंडीगढ़ से बलरामपुर जा रही एक स्लीपर बस को पकड़ा गया। बस के अंदर और ऊपर का नजारा देख अफसर दंग रह गए। 52 सीट क्षमता वाली बस में 130 सवारियां मिलीं, जबकि कई यात्री फर्श पर बैठे थे। छत पर तीन स्कूटी समेत काफी सामान लदा हुआ था।
प्रवर्तन अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र ने बताया कि बस का पिछले आठ महीने से टैक्स बकाया था। बस के शीशे भी क्षतिग्रस्त मिले, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। तेज ब्रेक या घुमावदार मोड़ पर सवारियों के असंतुलित होकर गिरने का खतरा था।
कार्रवाई के दौरान बस स्टाफ ने निघासन चौराहे पर अराजकता फैलाने की कोशिश की, जिस पर निघासन थाने की फोर्स बुलानी पड़ी। इसके बाद जीएसटी अधिकारी दिनेश सिंह और नगर पालिका के ईओ को भी मौके पर बुलाया गया। सवारियों को दूसरी बस से रवाना किया गया। छत पर लदी स्कूटी व अन्य सामान उतरवाकर बस को निघासन थाने में खड़ा करा दिया गया।
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प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि लगातार शिकायत मिल रही है कि बसों की छतों पर अवैध रूप से सामान ढोया जा रहा है, जबकि यात्री वाहन इसके लिए अधिकृत नहीं होते। अब जीएसटी अधिकारी को साथ रखकर जांच की जाएगी, ताकि यह भी पता लगाया जा सके कि कहीं जीएसटी चोरी के लिए बसों का उपयोग तो नहीं हो रहा है।
बस को सीज कर भौतिक सत्यापन के लिए भेजा गया है। यह भी जांच होगी कि बस में मानक से अधिक सीटें तो नहीं लगाई गई हैं। साथ ही लंबित चालानों का शमन शुल्क जमा होने के बाद ही बस को रिलीज किया जाएगा।
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प्रवर्तन अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र ने बताया कि बस का पिछले आठ महीने से टैक्स बकाया था। बस के शीशे भी क्षतिग्रस्त मिले, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। तेज ब्रेक या घुमावदार मोड़ पर सवारियों के असंतुलित होकर गिरने का खतरा था।
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कार्रवाई के दौरान बस स्टाफ ने निघासन चौराहे पर अराजकता फैलाने की कोशिश की, जिस पर निघासन थाने की फोर्स बुलानी पड़ी। इसके बाद जीएसटी अधिकारी दिनेश सिंह और नगर पालिका के ईओ को भी मौके पर बुलाया गया। सवारियों को दूसरी बस से रवाना किया गया। छत पर लदी स्कूटी व अन्य सामान उतरवाकर बस को निघासन थाने में खड़ा करा दिया गया।
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प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि लगातार शिकायत मिल रही है कि बसों की छतों पर अवैध रूप से सामान ढोया जा रहा है, जबकि यात्री वाहन इसके लिए अधिकृत नहीं होते। अब जीएसटी अधिकारी को साथ रखकर जांच की जाएगी, ताकि यह भी पता लगाया जा सके कि कहीं जीएसटी चोरी के लिए बसों का उपयोग तो नहीं हो रहा है।
बस को सीज कर भौतिक सत्यापन के लिए भेजा गया है। यह भी जांच होगी कि बस में मानक से अधिक सीटें तो नहीं लगाई गई हैं। साथ ही लंबित चालानों का शमन शुल्क जमा होने के बाद ही बस को रिलीज किया जाएगा।