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तहसील प्रशासन और वकीलों की नहीं थमी रार
Lakhimpur
Updated Thu, 05 Jun 2014 05:33 AM IST
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एसडीएम के खिलाफ वकीलों ने शुरू किया एक घंटे का प्रतिदिन धरना
एसडीएम के तबादले की मांग
पलियाकलां। तहसील में पेयजल को लेकर वकीलों और तहसील प्रशासन में हुई रार बढ़ती जा रही है। वकीलों ने एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ धरना शुरू कर दिया है। वकीलों का कहना है कि जब तक एसडीएम का तबादला नहीं हो जाता तब तक प्रतिदिन एक घंटे धरना दिया जाएगा।
गौरतलब है कि मंगलवार को पीने के पानी की किल्लत को लेकर पलिया बार एसोसिएशन ओझा गुट ने प्रदर्शन और नारेबाजी कर धरना दिया था। इस दौरान उनकी एसडीएम से खूब तू तू मैं-मैं भी हुई थी। आरोप है कि एसडीएम ने मामले को निपटाने की बजाय बढ़ाने वाली बातें कहीं जब कि वकीलों की मांग जायज थीं। बुधवार को वकीलों ने बैठक की और निर्णय लिया कि वह प्रतिदिन एक घंटे धरना देकर एसडीएम के तबादले की मांग करेंगे और तबादला होने के बाद ही इसे समाप्त करेंगे। इस निर्णय के तहत उन्होंने एक घंटे धरना दिया। जिसे सुरेश ओझा, रामप्रकाश पाल, अमित महाजन, सुनील शुक्ला, जय प्रकाश त्रिपाठी, रमाशंकर पांडे, ऐनुफ बेग, रमेश चंद्रा, जगदीश चंद सोनी, विजय शर्मा, रवींद्र शर्मा, बृजेश गुप्ता, अशर्फीलाल, राजीव शुक्ला, रामलखन सिंह, सुधीर श्रीवास्तव, आरएल सिंह आदि वकीलों ने संबोधित किया। वकीलों ने तमाम आरोप लगाते हुए एसडीएम के तबादले की मांग की। उन्होंने कहा कि तबादला नहीं हुआ तो आंदोलन को और वृह्द करेंगे।
एसडीएम के तबादले की मांग
पलियाकलां। तहसील में पेयजल को लेकर वकीलों और तहसील प्रशासन में हुई रार बढ़ती जा रही है। वकीलों ने एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ धरना शुरू कर दिया है। वकीलों का कहना है कि जब तक एसडीएम का तबादला नहीं हो जाता तब तक प्रतिदिन एक घंटे धरना दिया जाएगा।
गौरतलब है कि मंगलवार को पीने के पानी की किल्लत को लेकर पलिया बार एसोसिएशन ओझा गुट ने प्रदर्शन और नारेबाजी कर धरना दिया था। इस दौरान उनकी एसडीएम से खूब तू तू मैं-मैं भी हुई थी। आरोप है कि एसडीएम ने मामले को निपटाने की बजाय बढ़ाने वाली बातें कहीं जब कि वकीलों की मांग जायज थीं। बुधवार को वकीलों ने बैठक की और निर्णय लिया कि वह प्रतिदिन एक घंटे धरना देकर एसडीएम के तबादले की मांग करेंगे और तबादला होने के बाद ही इसे समाप्त करेंगे। इस निर्णय के तहत उन्होंने एक घंटे धरना दिया। जिसे सुरेश ओझा, रामप्रकाश पाल, अमित महाजन, सुनील शुक्ला, जय प्रकाश त्रिपाठी, रमाशंकर पांडे, ऐनुफ बेग, रमेश चंद्रा, जगदीश चंद सोनी, विजय शर्मा, रवींद्र शर्मा, बृजेश गुप्ता, अशर्फीलाल, राजीव शुक्ला, रामलखन सिंह, सुधीर श्रीवास्तव, आरएल सिंह आदि वकीलों ने संबोधित किया। वकीलों ने तमाम आरोप लगाते हुए एसडीएम के तबादले की मांग की। उन्होंने कहा कि तबादला नहीं हुआ तो आंदोलन को और वृह्द करेंगे।
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