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श्रीकृष्ण लीला सुन भक्त हुए भावविभोर
Lakhimpur
Updated Sat, 20 Jul 2013 05:33 AM IST
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ममरी। झारा गांव के बाबा बदनसिंह मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन वैदिक धर्म उपदेशक कथा वाचक शिवसिंह यादव ने श्रीकृष्ण लीला पर आधारित प्रसंग सुनाते हुए कहा कि अत्याचारी कंस जब अपने पिता राजा उग्रसेन को सिंहासन से उतार कर स्वयं राजा बन बैठा और बहन देवकी को रथ में बैठाकर विदा करने लगा। उसी समय आकाशवाणी हुई कि हे कंस जिस देवकी को तू विदा कर रहा है इसी का आठवां पुत्र तेरा काल बनेगा।
कथा वाचक ने श्रीकृष्ण अवतार से लेकर कंस वध तक संगीतमयी कथा सुनाकर श्रोताओं को भक्ति के सागर में सराबोर कर दिया। इस मौके पर सैकड़ों श्रोता मौजूद रहे। आयोजक उमेश वर्मा, राजेश वर्मा ने बताया कि कथा का समापन 22 जुलाई को पूर्णाहुति, आरती, कन्याभोज के साथ किया जाएगा। कथावाचक का ढोलक पर साथ नन्हेलाल ने दिया।
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कथा वाचक ने श्रीकृष्ण अवतार से लेकर कंस वध तक संगीतमयी कथा सुनाकर श्रोताओं को भक्ति के सागर में सराबोर कर दिया। इस मौके पर सैकड़ों श्रोता मौजूद रहे। आयोजक उमेश वर्मा, राजेश वर्मा ने बताया कि कथा का समापन 22 जुलाई को पूर्णाहुति, आरती, कन्याभोज के साथ किया जाएगा। कथावाचक का ढोलक पर साथ नन्हेलाल ने दिया।
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