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जनगणना के लिए कर्मचारियों का टोटा
Lakhimpur
Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
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एक जून 2012 से शुरू होगा कार्य
लखीमपुर खीरी। सामाजिक-आर्थिक एवं जाति आधारित जनगणना (एसईसीसी) होनी है, जिसके लिए कर्मचारियों की कमी आड़े आ गई है। हालांकि जनगणना का कार्य आगामी एक जून से दिसंबर 2012 तक होना है, लेकिन एक हजार कर्मचारियों की कमी ने अफसरों को चिंतित कर दिया है।
मालूम हो कि इस जनगणना का कार्य जून 2011 से दिसंबर 2011 तक पूर्ण कराना था, लेकिन विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कार्यक्रम आगे टल गया था। इस कार्य को पूर्ण कराने के लिए मास्टर ट्रेनर आदि को दो दिवसीय ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। इस गणना के लिए तहसील और ब्लाक कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। जबकि शिक्षकों को शामिल नहीं किया गया है। इसके चलते करीब 1200 कर्मचारियों की संख्या कम पड़ रही है। एडीएम वियोधन ने बताया कि जनगणना के लिए करीब 2300 कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ेगी, लेकिन तहसील और ब्लाक के सभी कर्मचारियों को मिलाकर भी संख्या बल पूरा नहीं हो पा रहा है। उच्चाधिकारियों को इस स्थिति से अवगत कराया गया है। निर्देश प्राप्त होते ही अन्य विभागों के कर्मचारियों की सहायता ली जाएगी।
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लखीमपुर खीरी। सामाजिक-आर्थिक एवं जाति आधारित जनगणना (एसईसीसी) होनी है, जिसके लिए कर्मचारियों की कमी आड़े आ गई है। हालांकि जनगणना का कार्य आगामी एक जून से दिसंबर 2012 तक होना है, लेकिन एक हजार कर्मचारियों की कमी ने अफसरों को चिंतित कर दिया है।
मालूम हो कि इस जनगणना का कार्य जून 2011 से दिसंबर 2011 तक पूर्ण कराना था, लेकिन विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कार्यक्रम आगे टल गया था। इस कार्य को पूर्ण कराने के लिए मास्टर ट्रेनर आदि को दो दिवसीय ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। इस गणना के लिए तहसील और ब्लाक कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। जबकि शिक्षकों को शामिल नहीं किया गया है। इसके चलते करीब 1200 कर्मचारियों की संख्या कम पड़ रही है। एडीएम वियोधन ने बताया कि जनगणना के लिए करीब 2300 कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ेगी, लेकिन तहसील और ब्लाक के सभी कर्मचारियों को मिलाकर भी संख्या बल पूरा नहीं हो पा रहा है। उच्चाधिकारियों को इस स्थिति से अवगत कराया गया है। निर्देश प्राप्त होते ही अन्य विभागों के कर्मचारियों की सहायता ली जाएगी।
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