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Lakhimpur Kheri News: आरटीई में 915 प्रवेश, 190 बच्चों का नामांकन बाकी
Mon, 20 Apr 2026 11:30 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 20 Apr 2026 11:30 PM IST
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लखीमपुर खीरी। शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत इस बार पात्र पाए गए 1040 छात्र-छात्राओं में से 915 बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश मिल चुका है, जबकि 190 बच्चों का प्रवेश अभी बाकी है। विभाग ने अभिभावकों को जल्द स्कूल पहुंचकर नामांकन कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं 35 अभिभावकों ने प्रवेश लेने से इंकार कर दिया है।
बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि आरटीई के तहत तीन चरणों में आवेदन लिए गए थे। पहले चरण में 1371 आवेदन मिले, जिनमें 780 पात्र पाए गए और लॉटरी में 544 छात्रों को सीटें आवंटित हुईं, जबकि 236 पात्र होने के बावजूद सीट नहीं मिल सकीं। दूसरे चरण में 805 आवेदन आए, जिनमें 360 पात्र घोषित किए गए। तीसरे चरण में 677 आवेदनों में से 317 बच्चों को निजी स्कूलों में सीटें आवंटित की गईं, जबकि 32 पात्र होने के बाद भी सीट नहीं मिल सकी।
पहली अप्रैल से निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई थी। अब तक 915 बच्चों का प्रवेश हो चुका है और शेष 190 बच्चों के अभिभावकों से जल्द नामांकन कराने के लिए कहा गया है।
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प्रवेश लेने से मना नहीं कर सकते निजी स्कूल संचालक
योजना के तहत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटें आरटीई के अंतर्गत आरक्षित रहती हैं। विभाग की तरफ से पात्र घोषित बच्चों का प्रवेश लेने से कोई भी निजी स्कूल इंकार नहीं कर सकता। बीएसए ने कहा कि ऐसा करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि आरटीई के तहत तीन चरणों में आवेदन लिए गए थे। पहले चरण में 1371 आवेदन मिले, जिनमें 780 पात्र पाए गए और लॉटरी में 544 छात्रों को सीटें आवंटित हुईं, जबकि 236 पात्र होने के बावजूद सीट नहीं मिल सकीं। दूसरे चरण में 805 आवेदन आए, जिनमें 360 पात्र घोषित किए गए। तीसरे चरण में 677 आवेदनों में से 317 बच्चों को निजी स्कूलों में सीटें आवंटित की गईं, जबकि 32 पात्र होने के बाद भी सीट नहीं मिल सकी।
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पहली अप्रैल से निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई थी। अब तक 915 बच्चों का प्रवेश हो चुका है और शेष 190 बच्चों के अभिभावकों से जल्द नामांकन कराने के लिए कहा गया है।
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प्रवेश लेने से मना नहीं कर सकते निजी स्कूल संचालक
योजना के तहत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटें आरटीई के अंतर्गत आरक्षित रहती हैं। विभाग की तरफ से पात्र घोषित बच्चों का प्रवेश लेने से कोई भी निजी स्कूल इंकार नहीं कर सकता। बीएसए ने कहा कि ऐसा करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।