{"_id":"59ee24354f1c1bb6678b70f7","slug":"81508779061-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"महज औपचारिकता में सिमटी सरकारी धान खरीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महज औपचारिकता में सिमटी सरकारी धान खरीद
Updated Mon, 23 Oct 2017 10:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी।
इस वर्ष एक अक्तूबर से पहले 25 सितंबर 2017 से धान खरीद के लिए क्रय केंद्र खोले गए थे, जिन पर अभी तक महज औपचारिकता भर 811 मीट्रिक टन (0.29 प्रतिशत) धान खरीदा गया है। राइस मिलर की हड़ताल के चलते इसकी डिलीवरी न होने से यह केंद्रों पर ही डंप पड़ा है, जिससे केंद्र प्रभारी भी किसानों का धान खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहे।
बता दें कि शासन ने इस वर्ष 2,83,430 मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य दिया है, जिसकी खरीद के लिए आठ एजेंसियों ने 110 क्रय केंद्र खोले हैं। अपनी मांगों को लेकर राइस मिलर्स एसोसिएशन हड़ताल पर है, जिससे अधिकांश मिलों ने केंद्रों का धान कुटाई के लिए एग्रीमेंट नहीं किया है। इसका सीधा असर सरकारी धान खरीद पर पड़ा है, जिसकी दोहरी मार किसानों पर पड़ रही है। केंद्रों पर खरीदा हुआ धान डंप होने से केंद्र प्रभारी किसानों को टरका रहे हैं। इसी का नतीजा है कि एक माह के दौरान सिर्फ 106 किसानों से 811 मीट्रिक टन धान खरीदा जा सका है। राइस मिलर की मांगों पर शासन स्तर से निर्णय लिया जाना है, जिससे जिले के अधिकारी भी मिलर के आगे खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी कौशल देव ने बताया कि केंद्रों पर धान खरीद की जा रही है, लेकिन राइस मिलों द्वारा हड़ताल किए जाने से खरीद में अपेक्षित तेजी नहीं आ पा रही है। प्रतिदिन रिपोर्ट संभागीय खाद्य नियंत्रक लखनऊ को भेजी जा रही है।
विज्ञापन
इस वर्ष एक अक्तूबर से पहले 25 सितंबर 2017 से धान खरीद के लिए क्रय केंद्र खोले गए थे, जिन पर अभी तक महज औपचारिकता भर 811 मीट्रिक टन (0.29 प्रतिशत) धान खरीदा गया है। राइस मिलर की हड़ताल के चलते इसकी डिलीवरी न होने से यह केंद्रों पर ही डंप पड़ा है, जिससे केंद्र प्रभारी भी किसानों का धान खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहे।
बता दें कि शासन ने इस वर्ष 2,83,430 मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य दिया है, जिसकी खरीद के लिए आठ एजेंसियों ने 110 क्रय केंद्र खोले हैं। अपनी मांगों को लेकर राइस मिलर्स एसोसिएशन हड़ताल पर है, जिससे अधिकांश मिलों ने केंद्रों का धान कुटाई के लिए एग्रीमेंट नहीं किया है। इसका सीधा असर सरकारी धान खरीद पर पड़ा है, जिसकी दोहरी मार किसानों पर पड़ रही है। केंद्रों पर खरीदा हुआ धान डंप होने से केंद्र प्रभारी किसानों को टरका रहे हैं। इसी का नतीजा है कि एक माह के दौरान सिर्फ 106 किसानों से 811 मीट्रिक टन धान खरीदा जा सका है। राइस मिलर की मांगों पर शासन स्तर से निर्णय लिया जाना है, जिससे जिले के अधिकारी भी मिलर के आगे खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी कौशल देव ने बताया कि केंद्रों पर धान खरीद की जा रही है, लेकिन राइस मिलों द्वारा हड़ताल किए जाने से खरीद में अपेक्षित तेजी नहीं आ पा रही है। प्रतिदिन रिपोर्ट संभागीय खाद्य नियंत्रक लखनऊ को भेजी जा रही है।
विज्ञापन