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भाकियू प्रदर्शनकारियों को तहसील परिसर से खदेड़ा
Updated Fri, 15 Sep 2017 11:44 PM IST
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भाकियू प्रदर्शनकारियों को तहसील परिसर से खदेड़ा
- फोटो : लखीमपुर खीरी, अमर उजाला
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तहसील परिसर में बने पार्क में भाकियू (लोकतांत्रिक) के बैनर तले किसानों का धरना-प्रदर्शन 30वें दिन भी जारी रहा। तहसील और पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों को परिसर के बाहर खदेड़ दिया और तंबू समेत सामान बाहर फिंकवा दिया। इसके बाद किसानों की मांगों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने तहसील के बाहर ही धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
बता दें कि भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष प्रदीप शुक्ला उर्फ श्यामू की अगुवाई में 17 अगस्त 2017 से तहसील परिसर में किसानों की समस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर किसान धरने पर बैठे हैं। शुक्रवार को अधिकारियों के आते ही मंच से पदाधिकारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। आरोप है कि अधिकारियों के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया गया, जिसके बाद तहसील प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाते हुए प्रदर्शनकारियों को बाहर खदेड़ने का मन बना लिया। महिला लेखपालों ने धरने में शामिल महिलाओं को खदेड़ना शुरू किया तो दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक के साथ हाथापाई की नौबत आ गई। इस दौरान पुलिस फोर्स ने भी बल प्रयोग की चेतावनी देते हुए प्रदर्शनकारियों को परिसर से बाहर खदेड़ दिया। इस पर प्रदर्शनकारी परिसर के बाहर ही धरने पर बैठ गए हैं। बताते चलें कि प्रदर्शनकारियों ने 30 सितंबर को मैगलगंज में रेलवे ट्रैक को जाम करने की चेतावनी वृहस्पतिवार को दी थी, जिसके बाद से तहसील प्रशासन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्ती से निपटने की रणनीति बना रहा है।
संगठन की मांगों के मुताबिक तहसील प्रशासन कार्य कर रहा है। अवैध भूमि पर काबिज लोगों से जगह खाली करवाने, चकरोड चकमार्ग को खाली करवाने की कार्रवाई प्रारंभ की जा चुकी है। पेंशन योजनाओं की जांच कराई जा रही है। फिर भी कुछ लोग खुले मंच से अधिकारियों के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे तहसील प्रशासन कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
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रामप्रकाश, एसडीएम
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तहसील परिसर में बने पार्क में भाकियू (लोकतांत्रिक) के बैनर तले किसानों का धरना-प्रदर्शन 30वें दिन भी जारी रहा। तहसील और पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों को परिसर के बाहर खदेड़ दिया और तंबू समेत सामान बाहर फिंकवा दिया। इसके बाद किसानों की मांगों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने तहसील के बाहर ही धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
बता दें कि भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष प्रदीप शुक्ला उर्फ श्यामू की अगुवाई में 17 अगस्त 2017 से तहसील परिसर में किसानों की समस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर किसान धरने पर बैठे हैं। शुक्रवार को अधिकारियों के आते ही मंच से पदाधिकारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। आरोप है कि अधिकारियों के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया गया, जिसके बाद तहसील प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाते हुए प्रदर्शनकारियों को बाहर खदेड़ने का मन बना लिया। महिला लेखपालों ने धरने में शामिल महिलाओं को खदेड़ना शुरू किया तो दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक के साथ हाथापाई की नौबत आ गई। इस दौरान पुलिस फोर्स ने भी बल प्रयोग की चेतावनी देते हुए प्रदर्शनकारियों को परिसर से बाहर खदेड़ दिया। इस पर प्रदर्शनकारी परिसर के बाहर ही धरने पर बैठ गए हैं। बताते चलें कि प्रदर्शनकारियों ने 30 सितंबर को मैगलगंज में रेलवे ट्रैक को जाम करने की चेतावनी वृहस्पतिवार को दी थी, जिसके बाद से तहसील प्रशासन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्ती से निपटने की रणनीति बना रहा है।
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संगठन की मांगों के मुताबिक तहसील प्रशासन कार्य कर रहा है। अवैध भूमि पर काबिज लोगों से जगह खाली करवाने, चकरोड चकमार्ग को खाली करवाने की कार्रवाई प्रारंभ की जा चुकी है। पेंशन योजनाओं की जांच कराई जा रही है। फिर भी कुछ लोग खुले मंच से अधिकारियों के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे तहसील प्रशासन कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
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रामप्रकाश, एसडीएम