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गुलरिया और चिकनाजती में नदियों से भूकटान तेज
Updated Tue, 25 Sep 2018 11:10 PM IST
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गोडियाना और पसियनपुर में नदी में समाए 10 घर
क्रासर...
गुलरिया और चिकनाजती में नदियों से भूकटान और तेज
बाढ़ की जद में आए मकान खुद उजाड़कर पलायन कर रहे हैं लोग
25एलकेएच351
अमर उजाला ब्यूरो
धौरहरा। शारदा और घाघरा नदियों की तेज धार से भीषण भू-कटान हो रहा है। घाघरा नदी रामनगर, बगहा, गुलरिया, घोसियाना, कैरातीपुरवा गांवों की फसलों सहित भूमि निगल रही है। वहीं शारदा नदी समदहा, रैनी, चिकनाजती, में भू-कटान करने के साथ समदहा और पसियनपुरवा में पांच दिन में करीब दस घर निगल चुकी है। नदी की जद में आ चुके दर्जनों परिवार पलायन को विवश हैं। बाढ़ खंड का समदहा गांव में चल रहा बचाव कार्य बेअसर साबित हो रहा है।
क्षेत्र में नदियों का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। कई दिन से घाघरा गुलरिया तालुके अमेठी, घोसियाना, रामनगर बगहा में कटान कर रही है। नदी बगहा, घोसियाना, गुलरिया की करीब एक हजार एकड़ भूमि और उगाई फसलों को निगल कर किसानों को भूमिहीन बना चुकी है। यहां बाढ़ खंड विभाग ने बांस न मिलने का हवाला देकर काम दो दिन शुरू करने के बाद मोहर्रम से पहले बंद कर दिया था। यहां नदी का कटान तेज हो रहा है। वहीं शारदा नदी चिकनाजती के मजरा गांव पसियनपुरवा और समदहा की आबादी में कटान फिर से शुरू कर चुकी है। समदहा गांव में शारदा नदी की जद में आ चुके ग्रामीण अपने मकान खुद उजाड़कर पलायन कर रहे हैं। वहीं पसियनपुरवा में पांच दिन में शारदा नदी ने जमुना प्रसाद, संतोष कुमार, मंगली, रामपाल सहित पांच घर नदी में समा चुके हैं। जबकि राजेश कुमार, रंगीलाल, रामचंद्र, राजकुमार सहित दर्जनों घर नदी की जद में आने से लोग खुद अपने घर उजाड़कर पलायन करने लगे हैं।
एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा ने बताया नदी में घर कटने की सूचना पसियनपुरवा से आयी है बचाव कार्य मे तेजी लाने के लिए बाढ़ खंड अधिकारी को कहा है। जिनके घर कट चुके है उन्हें सहायता राशि दी जाएगी।
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गुलरिया और चिकनाजती में नदियों से भूकटान और तेज
बाढ़ की जद में आए मकान खुद उजाड़कर पलायन कर रहे हैं लोग
25एलकेएच351
अमर उजाला ब्यूरो
धौरहरा। शारदा और घाघरा नदियों की तेज धार से भीषण भू-कटान हो रहा है। घाघरा नदी रामनगर, बगहा, गुलरिया, घोसियाना, कैरातीपुरवा गांवों की फसलों सहित भूमि निगल रही है। वहीं शारदा नदी समदहा, रैनी, चिकनाजती, में भू-कटान करने के साथ समदहा और पसियनपुरवा में पांच दिन में करीब दस घर निगल चुकी है। नदी की जद में आ चुके दर्जनों परिवार पलायन को विवश हैं। बाढ़ खंड का समदहा गांव में चल रहा बचाव कार्य बेअसर साबित हो रहा है।
क्षेत्र में नदियों का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। कई दिन से घाघरा गुलरिया तालुके अमेठी, घोसियाना, रामनगर बगहा में कटान कर रही है। नदी बगहा, घोसियाना, गुलरिया की करीब एक हजार एकड़ भूमि और उगाई फसलों को निगल कर किसानों को भूमिहीन बना चुकी है। यहां बाढ़ खंड विभाग ने बांस न मिलने का हवाला देकर काम दो दिन शुरू करने के बाद मोहर्रम से पहले बंद कर दिया था। यहां नदी का कटान तेज हो रहा है। वहीं शारदा नदी चिकनाजती के मजरा गांव पसियनपुरवा और समदहा की आबादी में कटान फिर से शुरू कर चुकी है। समदहा गांव में शारदा नदी की जद में आ चुके ग्रामीण अपने मकान खुद उजाड़कर पलायन कर रहे हैं। वहीं पसियनपुरवा में पांच दिन में शारदा नदी ने जमुना प्रसाद, संतोष कुमार, मंगली, रामपाल सहित पांच घर नदी में समा चुके हैं। जबकि राजेश कुमार, रंगीलाल, रामचंद्र, राजकुमार सहित दर्जनों घर नदी की जद में आने से लोग खुद अपने घर उजाड़कर पलायन करने लगे हैं।
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एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा ने बताया नदी में घर कटने की सूचना पसियनपुरवा से आयी है बचाव कार्य मे तेजी लाने के लिए बाढ़ खंड अधिकारी को कहा है। जिनके घर कट चुके है उन्हें सहायता राशि दी जाएगी।
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