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सहकारी समितियों के 151 बिक्री केंद्र में से 57 को मिल पाई यूरिया

Fri, 18 Jun 2021 12:40 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jun 2021 12:40 AM IST
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57 out of 151 sales centers of cooperative societies got urea
समितियों पर खाद की मारामारी, बफर गोदाम भी खाली
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मितौली और रोशननगर में यूरिया वितरण के लिए बुलानी पड़ी पुलिस
लखीमपुर खीरी। यूरिया की किल्लत दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोक दी है, लेकिन मांग के मुताबिक खाद की उपलब्धता न होने के कारण कई बार समितियों पर विवाद की स्थिति भी बन जाती है। मितौली और फिर अब रोशननगर में यूरिया वितरण के लिए पुलिस बुलानी पड़ रही है। यहां बता दें कि जनपद में सहकारी समितियों के कुल 151 बिक्री केंद्र हैं, जिनमें से 57 केंद्रों को ही यूरिया मिल पा रही है।
खरीफ सीजन में सहकारी समितियों के माध्यम से 38101 मीट्रिक टन यूरिया वितरित करने का लक्ष्य है, जिसके सापेक्ष एक अप्रैल 2021 से अब तक 17 हजार मीट्रिक टन यूरिया समितियों को मिल पाई हैै। एआर कोआपरेटिव सूर्य नारायण मिश्रा ने बताया कि चार दिन पहले सहकारिता विभाग को इफको से 374 मीट्रिक टन और कृभको से 1300 मीट्रिक टन यूरिया प्राप्त हुई थी।
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जिला उर्वरक आवंटन समीक्षा समिति के निर्देश पर यूरिया को ब्लॉकवार समान रूप से 57 बिक्री केंद्रों पर भेजी गई है। इन केंद्रों पर इससे पहले प्राप्त रैक से यूरिया नहीं भेजी गई थी। एआर ने बताया कि तीन दिन में इफको व कृभको यूरिया की रैक लगने की पूरी संभावना है, जिससे उन समितियों को यूरिया भेजी जाएगी जिनमें पिछली रैक से आपूर्ति नहीं हुई थी। इस तरह आवंटन प्रक्रिया से करीब 60 प्रतिशत बिक्री केंद्र ड्राई ही रहेंगे, जिससे किसानों को प्राइवेट दुकानदारों की शरण में जाना ही पड़ेगा।
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प्री-पोजीशनिंग स्टॉक न होने से बढ़ी यूरिया की किल्लत
पिछले वर्षों में बफर गोदाम में यूरिया का प्री-पोजीशनिंग स्टॉक रखा जाता था, जिससे आपात स्थिति में यूरिया की आपूर्ति बिक्री केंद्रों पर की जाती थी। इससे किसानों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता था, लेकिन इस वर्ष अधिकारियों की लापरवाही से वर्षों पुरानी परंपरा टूट गई। पीसीएफ के बफर गोदाम में यूरिया के प्री-पोजीशनिंग स्टॉक की व्यवस्था ही नहीं की गई, जिसका खामियाजा अब किसानों को यूरिया किल्लत के रूप में भुगतना पड़ रहा है। सूत्र बताते हैं कि यूरिया की किल्लत को देखते हुए ही इससे पहले तैनात एआर कोआपरेटिव ने करीब 15 दिन पहले अपना तबादला करा लिया था।

जनपद में खरीफ सीजन के दौरान कुल 1.36 लाख मीट्रिक टन यूरिया वितरण का लक्ष्य है, जिसमें सहकारिता विभाग को 37101 मीट्रिक टन आपूर्ति करने का लक्ष्य मिला हैै। शेष आपूर्ति गन्ना विभाग व प्राइवेट दुकानों के द्वारा की जानी है। समय पर अच्छी बारिश होने से यूरिया की अचानक डिमांड बढ़ने से किल्लत के हालात पैदा हुए हैं। डिमांड के सापेक्ष कंपनियों से यूरिया की आपूर्ति नहीं मिल पा रही है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। किसानों से अपील है कि अपनी जरूरत भर यूरिया खरीदें। अनावश्यक रूप से यूरिया का स्टॉक न करें।
- सूर्य नारायण मिश्रा, एआर कोआपरेटिव, सहकारिता विभाग
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