फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   प्रतापपुर जंगल किनारे बाघ ने किया गाय का शिकार

प्रतापपुर जंगल किनारे बाघ ने किया गाय का शिकार

Thu, 20 Sep 2018 07:08 PM IST
Updated Thu, 20 Sep 2018 07:08 PM IST
विज्ञापन
प्रतापपुर जंगल किनारे बाघ ने किया गाय का शिकार
प्रतापपुर जंगल किनारे बाघ ने किया गाय का शिकार
विज्ञापन

बहराइच जिले के जंगल से निकलकर यहां आते हैं बाघ
अमर उजाला ब्यूरो
धौरहरा। घाघरा नदी के पार वनरेंज के गांव प्रतापपुर में बुधवार शाम जंगल किनारे चर रही लावारिस गाय को बाघ ने निवाला बना लिया। ग्रामीणों के मुताबिक बाघ गाय को जंगल के अंदर खींच ले गया। वहीं रेंजर कहते हैं कि बाघ की चहलकदमी जंगल में रहती है। यदि जंगल किनारे किसी पशु का शिकार किया है तो वन विभाग की टीम को निगरानी के लिए लगाया जाएगा।
धौरहरा रेंज का यह इलाका बहराइच के जंगलों से सटा होने से यहां बाघ तेंदुए अक्सर आ जाते हैं। कभी कभार नदी पार कर गुलरिया, नैनापुर गांव तक भी पहुंच जाते हैं। बुधवार शाम प्रतापपुर मजरा जंगल मटेरा में जंगल किनारे चरने गई लावारिस गायों में से एक गाय को बाघ जंगल मे खींच ले गया। वहीं कुछ दूरी पर प्रतापपुर के कुछ किसान खेतों की रखवाली कर रहे थे। बाघ को देख कर वह भाग खड़े हुए। ग्राम प्रधान रामप्रवेश यादव बताते हैं यहां बाघ अक्सर जंगल किनारे जाने वाले पशुओं का शिकार कर लेता है। यह घटना कोई नई नही है। चार दिन पहले भी पचासा जंगल के पास एक बाघ ने गाय को जंगल के अंदर खींच ले जाकर उसे निवाला बनाया था।
विज्ञापन

रेंजर अनिल शाह ने बताया कि यदि जंगल के पास किसी पशु का शिकार हुआ है तो उसमें मुआवजे का प्रावधान नहीं है। जंगल और आसपास बाघ की चहलकदमी होती है। ग्रामीणों को जंगल में न जाने की हिदायत भी दी जा रही है। शिकार की अभी मुझे जानकारी नहीं मिली है जानकारी कराता हूं।
विज्ञापन
विज्ञापन


घाघरा नदी पार कर कई बार आ चुके हैं तेंदुए
धौरहरा। वन रेंज धौरहरा का बड़ा हिस्सा बहराइच क्षेत्र के जंगलों से जुड़ा है। यह क्षेत्र दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में है। यहां बाघ और तेंदुओं की आमद रहती है। अक्सर बहराइच जंगल क्षेत्र से तेंदुए घाघरा नदी में पानी कम होने पर घाघरा नदी के सटे इलाके गुलरिया तालुके अमेठी, नैनापुर, गुलरीपुरवा, मैलापुरवा और गुरैनी गांव में आ जाते हैं। बीते वर्ष मैलापुरवा गांव में शिकारियों द्वारा जंगली जानवरों को पकड़ने के लिए लगाई गई खाबड़ जाल में एक तेंदुआ फंस गया था, जिसे दस घंटों बाद एक्सपर्ट टीम ने ट्रैंकुलाइज कर पकड़ लिया था। बीते मार्च में नैनापुर गांव मे तेंदुए ने घर के बाहर बंधी एक बछिया का शिकार भी किया था। वहीं गुरैनी गांव में इसी माह शावकों सहित तेंदुआ देखा जा चुका है। गुलरिया तालुके अमेठी गांव के एक खेत में मार्च माह में ही एक तेंदुए का शव भी मिला था।


फोटो- 20एलकेएच501
वन विभाग ने निगरानी के लिए लगाए एसटीपीएफ के जवान
अमर उजाला ब्यूरो
बांकेगंज। बारिश के बाद एक बार फिर आबादी के नजदीक बाघ की सक्रियता बढ़ गई है। मंगलवार की रात दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन मैलानी रेंज की भरिगवां बीट में किशनपुर गांव में बाघ ने नीलगाय का शिकार किया। इससे ग्रामीण दहशत में हैं।

आबादी के निकट बाघ के इस हमले को देखते हुए वन विभाग भी सतर्क हो गया है। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन उप-निदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने घटना की जानकारी मिलते ही प्रभावित क्षेत्र में एसटीपीएफ के जवानों को भेजकर बाघ की निगरानी शुरू करा दी है। मैलानी वन विभाग के कर्मचारी फारेस्टर मोहम्मद उमर, राजेंद्र वर्मा और सुखपाल सिंह इन जवानों के सहयोग में लगे हुए हैं। इसके साथ ही वन विभाग ने क्षेत्र में जागरूकता अभियान भी शुरू किया है, जिसके तहत लोगों को गांव से तीन सौ मीटर दूरी पर गन्ने के खेत में बाघ द्वारा नीलगाय का शिकार किए जाने के बाद बरती जाने वाली सावधानियों और सतर्कता के बारे में बताया जा रहा है। उधर ग्रामीण इस घटना के बाद से दहशत में हैं और खेतों की ओर जाने से डर रहे हैं। उप-निदेशक बफरजोन ने ग्रामीणों को ताकीद किया है कि अकेले खेतों की ओर जाने से बचे। ग्रामीण अपने पालतू पशुओं की रक्षा भी करें। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात नीलगाय के शिकार के बाद बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिली है। संभवत: बाघ शिकार करने के बाद जंगल की ओर चला गया है। फिर भी लगातार निगरानी कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed