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बाघ पहुंचा मुजरा गांव, गाय को बनाया शिकार
Updated Sat, 31 Mar 2018 11:07 PM IST
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तिकुनिया।
भारत-नेपाल सीमावर्ती इलाके में बाघ की चहल कदमी से लोगों में दहशत है। वन विभाग के हांके और ग्रामीणों के शोर शराबे के बाद बाघ मुजरा गांव पहुंच गया है। यहां बाघ ने एक गाय को अपना शिकार बनाया है। वन विभाग अभी यह पुष्टि नहीं कर पाया है कि गाय को निवाला बनाने वाला बाघ है या बाघिन। फिलहाल इलाके में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों का कहना है कि मोहाना नदी पार बसे गांव चौगुर्जी में हाथियों का आतंक पहले से है। अब बाघ के आ जाने से लोग रात में जाग कर बच्चों व फसलों की देखभाल कर रहे हैं। शुक्रवार को गांव टांडा में बाघ को गेहूं के खेत में देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना पर पुलिस और वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को खेतों से दूर रहने की हिदायत देकर वनकर्मी देर शाम तक वहीं बने रहे। यहां से बाघ ने ग्रामीणों का शोर शराबा सुनकर टाडा गांव के पश्चिम में स्थित गांव मुजरा पहुंच गया जहां एक गाय को अपना शिकार बनाया।
मौके पर पहुंचे उत्तर निघासन वनरेंज के फारेस्टर सुरेंद्र कुमार, कौशल कुमार ने ग्रामीणों को चौकसी बरतने की हिदायत दी। बाघ की दहशत से ग्रामीणों ने खेतों में काम करने जाना बंद कर दिया है। उधर बेलरायां के रेंजर एमएन यादव ने मुजरा गांव के आसपास बाघ होने की पुष्टि करते हुए ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
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भारत-नेपाल सीमावर्ती इलाके में बाघ की चहल कदमी से लोगों में दहशत है। वन विभाग के हांके और ग्रामीणों के शोर शराबे के बाद बाघ मुजरा गांव पहुंच गया है। यहां बाघ ने एक गाय को अपना शिकार बनाया है। वन विभाग अभी यह पुष्टि नहीं कर पाया है कि गाय को निवाला बनाने वाला बाघ है या बाघिन। फिलहाल इलाके में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों का कहना है कि मोहाना नदी पार बसे गांव चौगुर्जी में हाथियों का आतंक पहले से है। अब बाघ के आ जाने से लोग रात में जाग कर बच्चों व फसलों की देखभाल कर रहे हैं। शुक्रवार को गांव टांडा में बाघ को गेहूं के खेत में देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना पर पुलिस और वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को खेतों से दूर रहने की हिदायत देकर वनकर्मी देर शाम तक वहीं बने रहे। यहां से बाघ ने ग्रामीणों का शोर शराबा सुनकर टाडा गांव के पश्चिम में स्थित गांव मुजरा पहुंच गया जहां एक गाय को अपना शिकार बनाया।
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मौके पर पहुंचे उत्तर निघासन वनरेंज के फारेस्टर सुरेंद्र कुमार, कौशल कुमार ने ग्रामीणों को चौकसी बरतने की हिदायत दी। बाघ की दहशत से ग्रामीणों ने खेतों में काम करने जाना बंद कर दिया है। उधर बेलरायां के रेंजर एमएन यादव ने मुजरा गांव के आसपास बाघ होने की पुष्टि करते हुए ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
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