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470 तालाबों की सफाई पर 67.95 करोड़ हुए खर्च
अमित गुप्ता लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 25 May 2017 11:40 PM IST
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जल बचाओ
- फोटो : अमर उजाला
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बढ़ रहा तालाबों की सफाई पर खर्च फिर भी सूखा
वर्ष 2015-16 में भी खर्च किए थे 7.25 करोड़
हालत यह कि कहीं तालाब में हो रही खेती, तो कहीं उगी है झाड़
मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान के तहत 2016-17 में 15 ब्लॉकों की ग्राम पंचायतों में 470 तालाबों की सफाई कराई गई, जिस पर मनरेगा से 67 करोड़ 95 लाख 77 हजार रुपये व्यय हुए हैं। दावा यह है कि तालाब की हालत सुधरेगी और बरसात में जल संचयन की क्षमता बढ़ेगी, लेकिन हालात इसके उलट हैं। तालाबों में कहीं पर लोग खेती कर रहे हैं, तो फिर कई तालाबों में झाड़ खड़ी है।
तालाबों के यह हालात तब है कि पिछले वर्ष 2015-16 में भी सात करोड़ 25 लाख 94 हजार रुपये खर्च कर 467 तालाबों की सफाई कराई गई। इसके बाद विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने से पहले तक 470 तालाबों की सफाई पर 67.95 करोड़ से अधिक रकम खर्च कर दी गई। इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद इसका लाभ प्रत्यक्ष तौर पर ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। भीषण गर्मी में पशुओं के लिए भी तालाब की उपयोगिता साबित नहीं हो रही। फिर भी तालाबों की सफाई में करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं, लेकिन भीषण गर्मी में इनसे पानी की एक बूंद नहीं मिलती और न ही इनके स्वरूप में बदलाव नजर आ रहा। इससे पहले भी कई वर्षों में तालाब की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, जिसमें माडल तालाब प्रोजेक्ट भी शामिल है।
खर्च की गई धनराशि का लेखा-जोखा
1. वर्ष 2013-14 में 36 लोहिया ग्रामों में तालाबों के जीर्णोद्धार पर 83.26 लाख रुपये व्यय हुए।
2. 2012-13 में 26 लोहिया ग्रामों के तालाबों पर 73.24 लाख की धनराशि व्यय की गई।
3. 2013-14 34 गांवों के तालाबों में जीर्णोद्धार का कार्य कराए गए, जिन पर करीब 50 लाख व्यय हुआ।
ब्लॉक और तालाबों की संख्या
लखीमपुर- 40, बेहजम- 38, फूलबेहड़-25, नकहा- 32, मोहम्मदी- 40, मितौली- 44, पसगवां- 35, कुुंभी (गोला)- 34 बांकेगंज- 30, बिजुआ- 33, पलिया- 15, निघासन- 32, रमियाबेहड़- 39, धौरहरा- 11, ईसानगर-22
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सभी ग्राम पंचायतों ने कार्ययोजना बनाकर पहले ही दी थी, जिसके बाद वर्क आईडी जनरेट करके कार्य कराया गया है। कुछ तालाबों की सफाई पर ज्यादा लागत आई है, जिसके कार्यों की जांच की जा रही है। निरीक्षण में अभी तक खामी नहीं मिली है।
हबीब अंसारी, उपायुक्त, मनरेगा
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वर्ष 2015-16 में भी खर्च किए थे 7.25 करोड़
हालत यह कि कहीं तालाब में हो रही खेती, तो कहीं उगी है झाड़
मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान के तहत 2016-17 में 15 ब्लॉकों की ग्राम पंचायतों में 470 तालाबों की सफाई कराई गई, जिस पर मनरेगा से 67 करोड़ 95 लाख 77 हजार रुपये व्यय हुए हैं। दावा यह है कि तालाब की हालत सुधरेगी और बरसात में जल संचयन की क्षमता बढ़ेगी, लेकिन हालात इसके उलट हैं। तालाबों में कहीं पर लोग खेती कर रहे हैं, तो फिर कई तालाबों में झाड़ खड़ी है।
तालाबों के यह हालात तब है कि पिछले वर्ष 2015-16 में भी सात करोड़ 25 लाख 94 हजार रुपये खर्च कर 467 तालाबों की सफाई कराई गई। इसके बाद विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने से पहले तक 470 तालाबों की सफाई पर 67.95 करोड़ से अधिक रकम खर्च कर दी गई। इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद इसका लाभ प्रत्यक्ष तौर पर ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। भीषण गर्मी में पशुओं के लिए भी तालाब की उपयोगिता साबित नहीं हो रही। फिर भी तालाबों की सफाई में करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं, लेकिन भीषण गर्मी में इनसे पानी की एक बूंद नहीं मिलती और न ही इनके स्वरूप में बदलाव नजर आ रहा। इससे पहले भी कई वर्षों में तालाब की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, जिसमें माडल तालाब प्रोजेक्ट भी शामिल है।
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खर्च की गई धनराशि का लेखा-जोखा
1. वर्ष 2013-14 में 36 लोहिया ग्रामों में तालाबों के जीर्णोद्धार पर 83.26 लाख रुपये व्यय हुए।
2. 2012-13 में 26 लोहिया ग्रामों के तालाबों पर 73.24 लाख की धनराशि व्यय की गई।
3. 2013-14 34 गांवों के तालाबों में जीर्णोद्धार का कार्य कराए गए, जिन पर करीब 50 लाख व्यय हुआ।
ब्लॉक और तालाबों की संख्या
लखीमपुर- 40, बेहजम- 38, फूलबेहड़-25, नकहा- 32, मोहम्मदी- 40, मितौली- 44, पसगवां- 35, कुुंभी (गोला)- 34 बांकेगंज- 30, बिजुआ- 33, पलिया- 15, निघासन- 32, रमियाबेहड़- 39, धौरहरा- 11, ईसानगर-22
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सभी ग्राम पंचायतों ने कार्ययोजना बनाकर पहले ही दी थी, जिसके बाद वर्क आईडी जनरेट करके कार्य कराया गया है। कुछ तालाबों की सफाई पर ज्यादा लागत आई है, जिसके कार्यों की जांच की जा रही है। निरीक्षण में अभी तक खामी नहीं मिली है।
हबीब अंसारी, उपायुक्त, मनरेगा