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ड्रिप और स्प्रिंकलर विधि से सिंचाई को बढ़ाई अनुदान की राशि
Updated Sat, 29 Jul 2017 06:26 PM IST
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लखीमपुर खीरी। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर विधि के प्रयोग को प्रोत्साहन के लिए सरकार ने अनुदान की राशि में बढ़ोत्तरी कर दी है। लघु एवं सीमांत किसानों को इकाई लागत का 90 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। जबकि गैर लघु/सीमांत किसानों को इकाई लागत का 80 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। अधिकतम पांच हेक्टेअर कृषि भूमि वाले किसान ही इस योजना में पात्र होंगे, जिन्हें आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
जिले को 617 हेक्टेअर भूमि में सिंचाई संसाधन विकसित करने का लक्ष्य मिला है, जिसके अनुदान के तौर पर 11,78,872 रुपये का बजट उद्यान विभाग को प्राप्त हुआ है। कृषि और बागवानी करने वाले किसानों को इस योजना से लाभ मिलेगा। जिला उद्यान अधिकारी दिग्विजय सिंह ने बताया कि पहले अधिकतम 76 हजार रुपये तक अनुदान दिया जाता था, लेकिन अब नई गाइड लाइन के मुताबिक इकाई लागत पर अधिकतम एक लाख तीन हजार 500 रुपये अनुदान दिया जाएगा। गन्ना, गेहूं, केला, अमरूद, आम की सिंचाई के लिए ड्रिप (टपक) सिंचाई का प्रयोग कर सकते हैं। जबकि सब्जी की खेती करने वाले किसान स्प्रिंकलर विधि से सिंचाई की इकाई लगवा सकते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर लाभ दिया जाएगा। अभी लक्ष्य के बढ़ने की उम्मीद है।
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जिले को 617 हेक्टेअर भूमि में सिंचाई संसाधन विकसित करने का लक्ष्य मिला है, जिसके अनुदान के तौर पर 11,78,872 रुपये का बजट उद्यान विभाग को प्राप्त हुआ है। कृषि और बागवानी करने वाले किसानों को इस योजना से लाभ मिलेगा। जिला उद्यान अधिकारी दिग्विजय सिंह ने बताया कि पहले अधिकतम 76 हजार रुपये तक अनुदान दिया जाता था, लेकिन अब नई गाइड लाइन के मुताबिक इकाई लागत पर अधिकतम एक लाख तीन हजार 500 रुपये अनुदान दिया जाएगा। गन्ना, गेहूं, केला, अमरूद, आम की सिंचाई के लिए ड्रिप (टपक) सिंचाई का प्रयोग कर सकते हैं। जबकि सब्जी की खेती करने वाले किसान स्प्रिंकलर विधि से सिंचाई की इकाई लगवा सकते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर लाभ दिया जाएगा। अभी लक्ष्य के बढ़ने की उम्मीद है।
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