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जंगल में कटरूआ बीनने पर लगी रोक
Updated Sun, 09 Jul 2017 05:43 PM IST
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लखीमपुर खीरी /बांकेगंज। पीलीभीत जिले में ताबड़तोड़ हो रहे बाघ के हमलों को देखते हुए दक्षिण खीरी वन प्रभाग ने जंगल के अंदर कटरुआ और धरती फूल बीनने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। डीएफओ अखिलेश पांडे ने जंगल के अंदर कटरूआ और धरती फूल बीनने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए है।
बारिश के मौसम में जंगल में होने वाले कटरुआ और धरती के फूल निकालने के लिए हर रोज सैकड़ों लोग जंगल के अंदर घुस जाते हैं। इससे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में खलल पड़ता है। प्राय: बाघ और अन्य हिंसक वन्यजीव प्राकृतिक आवास में खलल पड़ने से जंगल के बाहर आ जाते है, और आक्रामक होकर इंसानों पर हमला कर देते है। उसी स्थिति से निपटने के लिए डीएफओ अखिलेश पांडे ने वन कर्मियों को सख्त हिदायत दी है कि वह जंगल के अंदर किसी अवांछित व्यक्ति को जाने न दें। ऐसा होने पर कटरुआ बीनने वालों के साथ-साथ जिम्मेदार वन कर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। डीएफओ के इस आदेश के बाद वन कर्मियों ने जंगल के अंदर कटरुआ और धरती के फूल बीनने जाने वाले लोगो की धर पकड़ तेज कर दी है। इससे बरसात के मौसम में सैकड़ों लोगो की रोजी-रोटी पर भी संकट आ गया है।
बारिश के मौसम में जंगल में होने वाले कटरुआ और धरती के फूल निकालने के लिए हर रोज सैकड़ों लोग जंगल के अंदर घुस जाते हैं। इससे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में खलल पड़ता है। प्राय: बाघ और अन्य हिंसक वन्यजीव प्राकृतिक आवास में खलल पड़ने से जंगल के बाहर आ जाते है, और आक्रामक होकर इंसानों पर हमला कर देते है। उसी स्थिति से निपटने के लिए डीएफओ अखिलेश पांडे ने वन कर्मियों को सख्त हिदायत दी है कि वह जंगल के अंदर किसी अवांछित व्यक्ति को जाने न दें। ऐसा होने पर कटरुआ बीनने वालों के साथ-साथ जिम्मेदार वन कर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। डीएफओ के इस आदेश के बाद वन कर्मियों ने जंगल के अंदर कटरुआ और धरती के फूल बीनने जाने वाले लोगो की धर पकड़ तेज कर दी है। इससे बरसात के मौसम में सैकड़ों लोगो की रोजी-रोटी पर भी संकट आ गया है।
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