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Lakhimpur Kheri News: नेपाल में जेल से भागे 352 कैदी अब भी पकड़ से दूर
Thu, 15 Jan 2026 11:07 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 15 Jan 2026 11:07 PM IST
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धनगढ़ी (नेपाल)। सुदूर पश्चिम प्रदेश में पिछले सितंबर में हुए जेन-जी आंदोलन के दौरान जेलों से सामूहिक रूप से कैदियों के भागने की घटना के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पूरे प्रदेश की विभिन्न जेलों के 1458 में से 352 कैदियों को अब भी पुलिस नहीं पकड़ पाई। इनमें 19 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। ये सभी धनगढ़ी जेल में बंद थे।
सुदूर पश्चिम प्रदेश के डीआईजी ओम बहादुर राना ने बताया कि नौ सितंबर को जब जेन-जी आंदोलन चरम पर था, तब धनगढ़ी-कैलाली जिला कारागार में 667 कैदी बंद थे। आंदोलनकारियों के हंगामे और जेल की सुरक्षा टूटने का फायदा उठाकर वहां से 665 कैदी एक साथ भाग गए। जेल में केवल दो ही कैदी बचे थे। इनमें एक अस्पताल में भर्ती था। दूसरे ने भागने से इनकार कर दिया था।
कैलाली जेल से भागे कैदियों में से 229 अब भी फरार हैं। डीआईजी राना के अनुसार, प्रदेश के नौ जिलों से कुल 1458 कैदी भागे थे। इनमें 75 महिलाएं भी शामिल थीं। पुलिस की सख्ती और कुछ कैदियों के खुद सरेंडर करने के बाद 1094 कैदी वापस जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।
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फरार कैदियों की सूची में कंचनपुर जेल के 97, डोटी बाल सुधार गृह के 12, बझांग के 12, दार्चुला के 6, डडेलधुरा के 5 और बैतड़ी का 1 कैदी शामिल है। डीआईजी राना ने बताया कि इन्हें पकड़ने के लिए एक डीएसपी और एक इंस्पेक्टर के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई है। यह टीम न केवल स्थानीय स्तर पर छापा मार रही है, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में भी तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।
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सुदूर पश्चिम प्रदेश के डीआईजी ओम बहादुर राना ने बताया कि नौ सितंबर को जब जेन-जी आंदोलन चरम पर था, तब धनगढ़ी-कैलाली जिला कारागार में 667 कैदी बंद थे। आंदोलनकारियों के हंगामे और जेल की सुरक्षा टूटने का फायदा उठाकर वहां से 665 कैदी एक साथ भाग गए। जेल में केवल दो ही कैदी बचे थे। इनमें एक अस्पताल में भर्ती था। दूसरे ने भागने से इनकार कर दिया था।
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कैलाली जेल से भागे कैदियों में से 229 अब भी फरार हैं। डीआईजी राना के अनुसार, प्रदेश के नौ जिलों से कुल 1458 कैदी भागे थे। इनमें 75 महिलाएं भी शामिल थीं। पुलिस की सख्ती और कुछ कैदियों के खुद सरेंडर करने के बाद 1094 कैदी वापस जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।
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फरार कैदियों की सूची में कंचनपुर जेल के 97, डोटी बाल सुधार गृह के 12, बझांग के 12, दार्चुला के 6, डडेलधुरा के 5 और बैतड़ी का 1 कैदी शामिल है। डीआईजी राना ने बताया कि इन्हें पकड़ने के लिए एक डीएसपी और एक इंस्पेक्टर के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई है। यह टीम न केवल स्थानीय स्तर पर छापा मार रही है, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में भी तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।