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नवजात बच्ची की मौत पर अस्पताल में हंगामा, तोड़फोड़
Updated Mon, 03 Sep 2018 11:32 PM IST
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नवजात की मौत पर अस्पताल में हंगामा, तोड़फोड़
पीड़ित की सुनवाई नहीं, डॉक्टर की तहरीर पर दर्ज हुई रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। लालपुर बैरियर स्थित एक निजी अस्पताल में जन्मी बच्ची की मौत पर जमकर बवाल हुआ। डॉक्टरों और तीमारदारों के बीच मारपीट हुई। उधर अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि विवाद पैसे को लेकर हुआ। पैसा मांगे जाने से नाराज तीमारदारों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की, साथ ही महिला डॉक्टर से छेड़छाड़ भी की।
शहर कोतवाली के गांव भगौतीपुर निवासी पूर्व प्रधान रामदयाल ने बताया कि उनके ममेरे भाई राजेश की पत्नी प्रसव पीड़ा से थी। जिसे 30 अगस्त की रात करीब दो बजे शिव हॉस्पिटल लालपुर बैरियर में भर्ती कराया था। अस्पताल कर्मियों ने ऑपरेशन की बात कहकर 20 हजार रुपये मांगे। उन्होंने 18 हजार रुपये जमा करा दिए। दो हजार रुपये व्यवस्था कर देने को कहा था। डॉक्टर ने खून की कमी बताई थी। खून लखनऊ से मंगवाने की बात कहकर छह हजार रुपये और लिएगए। पहली सितंबर की रात आरती को तेज दर्द उठा, लेकिन खून न आने के कारण डॉक्टर ने ऑपरेशन नहीं किया। इसी बीच पीड़िता ने बच्ची को जन्म दे दिया। इसके बाद भी डॉक्टर उससे दो हजार रुपये मांग रहे थे। रुपये देने से इंकार करने पर डॉक्टर ने बच्ची का इलाज नहीं किया, जिससे करीब दो घंटे बाद बच्ची की मौत हो गई। डॉक्टरों ने बिना पैसा दिए बच्ची का शव देने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर दो सितंबर की शाम करीब सात बजे कहासुनी हो गई। इससे नाराज डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों ने उनकी जमकर पिटाई कर दी। यह भी आरोप है कि 28 हजार रुपये छीन लिए। उधर अस्पताल की एक महिला डॉक्टर ने पूर्व प्रधान रामदयाल, राजेश, शहीद राम और सुशील कुमार के खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई है। महिला डॉक्टर का आरोप है कि प्रसव पीड़िता आरती देवी 30 अगस्त से भर्ती थी, जिसका छह हजार रुपये हुआ था। दो सितंबर को डिस्चार्ज करना था, लेकिन भर्ती मरीज के पति, पूर्व प्रधान रामदयाल, शहीद और सुशील भुगतान करने में आनाकानी करने लगे। उन्होंने पैसे जमा किए बगैर मरीज को डिस्चार्ज न करने की बात कही तो आरोपियों ने गलत नीयत से उसका हाथ पकड़ लिया। मोबाइल पटकर तोड़ दिया। अस्पताल में भी तोड़फोड़ की। दोनों पक्षों ने शहर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने डॉक्टर की तहरीर पर पूर्व प्रधान समेत चारों आरोपियों के खिलाफ छेड़छाड़ मारपीट आदि की रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस ने घायल पूर्व प्रधान का मजरूबी चिट्ठी बनाकर मेडिकल परीक्षण तो कराया, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
वर्जन...........
महिला डॉक्टर की तहरीर पर छेड़छाड़, मारपीट सहित अन्य सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पूर्व प्रधान की तहरीर मिली है, जिस पर मेडिकल परीक्षण कराया गया है। जांच के बाद पूर्व प्रधान की तहरीर पर भी रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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अशोक कुमार पांडेय, शहर कोतवाल
पीड़ित की सुनवाई नहीं, डॉक्टर की तहरीर पर दर्ज हुई रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। लालपुर बैरियर स्थित एक निजी अस्पताल में जन्मी बच्ची की मौत पर जमकर बवाल हुआ। डॉक्टरों और तीमारदारों के बीच मारपीट हुई। उधर अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि विवाद पैसे को लेकर हुआ। पैसा मांगे जाने से नाराज तीमारदारों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की, साथ ही महिला डॉक्टर से छेड़छाड़ भी की।
शहर कोतवाली के गांव भगौतीपुर निवासी पूर्व प्रधान रामदयाल ने बताया कि उनके ममेरे भाई राजेश की पत्नी प्रसव पीड़ा से थी। जिसे 30 अगस्त की रात करीब दो बजे शिव हॉस्पिटल लालपुर बैरियर में भर्ती कराया था। अस्पताल कर्मियों ने ऑपरेशन की बात कहकर 20 हजार रुपये मांगे। उन्होंने 18 हजार रुपये जमा करा दिए। दो हजार रुपये व्यवस्था कर देने को कहा था। डॉक्टर ने खून की कमी बताई थी। खून लखनऊ से मंगवाने की बात कहकर छह हजार रुपये और लिएगए। पहली सितंबर की रात आरती को तेज दर्द उठा, लेकिन खून न आने के कारण डॉक्टर ने ऑपरेशन नहीं किया। इसी बीच पीड़िता ने बच्ची को जन्म दे दिया। इसके बाद भी डॉक्टर उससे दो हजार रुपये मांग रहे थे। रुपये देने से इंकार करने पर डॉक्टर ने बच्ची का इलाज नहीं किया, जिससे करीब दो घंटे बाद बच्ची की मौत हो गई। डॉक्टरों ने बिना पैसा दिए बच्ची का शव देने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर दो सितंबर की शाम करीब सात बजे कहासुनी हो गई। इससे नाराज डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों ने उनकी जमकर पिटाई कर दी। यह भी आरोप है कि 28 हजार रुपये छीन लिए। उधर अस्पताल की एक महिला डॉक्टर ने पूर्व प्रधान रामदयाल, राजेश, शहीद राम और सुशील कुमार के खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई है। महिला डॉक्टर का आरोप है कि प्रसव पीड़िता आरती देवी 30 अगस्त से भर्ती थी, जिसका छह हजार रुपये हुआ था। दो सितंबर को डिस्चार्ज करना था, लेकिन भर्ती मरीज के पति, पूर्व प्रधान रामदयाल, शहीद और सुशील भुगतान करने में आनाकानी करने लगे। उन्होंने पैसे जमा किए बगैर मरीज को डिस्चार्ज न करने की बात कही तो आरोपियों ने गलत नीयत से उसका हाथ पकड़ लिया। मोबाइल पटकर तोड़ दिया। अस्पताल में भी तोड़फोड़ की। दोनों पक्षों ने शहर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने डॉक्टर की तहरीर पर पूर्व प्रधान समेत चारों आरोपियों के खिलाफ छेड़छाड़ मारपीट आदि की रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस ने घायल पूर्व प्रधान का मजरूबी चिट्ठी बनाकर मेडिकल परीक्षण तो कराया, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
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वर्जन...........
महिला डॉक्टर की तहरीर पर छेड़छाड़, मारपीट सहित अन्य सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पूर्व प्रधान की तहरीर मिली है, जिस पर मेडिकल परीक्षण कराया गया है। जांच के बाद पूर्व प्रधान की तहरीर पर भी रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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अशोक कुमार पांडेय, शहर कोतवाल