{"_id":"5b420f164f1c1ba64e8b4847","slug":"181531055894-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली की अघोषित कटौती से तंग हैं ग्रामीण उपभोक्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली की अघोषित कटौती से तंग हैं ग्रामीण उपभोक्ता
Updated Sun, 08 Jul 2018 06:48 PM IST
विज्ञापन
अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण उपभोक्ता परेशान
गोला गोकर्णनाथ। गांवों में बिजली की अघोषित कटौती से उपभोक्ता तंग हैं, जिससे उनके यहां लगे विद्युत उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं।
कोटवारा फीडर से संबद्ध रोशननगर, कैमा, बुधेलीनानकार, रामपुर, बाबरपुर, अंबरपुर, जमुनहा, सेखवापुर, भगतपुर, अहमदनगर आदि गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि पावर कारपोरेशन के अधिकारियों के तमाम प्रयासों के बाद भी गांव में दो से चार घंटे ही बिजली पहुंच रही है, बिजली न मिलने से घरों में लगे उपकरण शो पीस बनकर रह गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय जन प्रतिनिधि तमाम लंबे चौड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव बाद ग्रामीण समस्याओं पर ध्यान नहीं देते, जिससे बिजली की समस्या बेपटरी होती जा रही है। लाइन मैन राजेश कुमार का कहना है कि फाल्ट आने पर शट डाउन करना पड़ता है, जिससे गांव की बिजली प्रभावित होती है। ग्रामीणों ने जेई अश्वनी कुमार से इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन
गोला गोकर्णनाथ। गांवों में बिजली की अघोषित कटौती से उपभोक्ता तंग हैं, जिससे उनके यहां लगे विद्युत उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं।
कोटवारा फीडर से संबद्ध रोशननगर, कैमा, बुधेलीनानकार, रामपुर, बाबरपुर, अंबरपुर, जमुनहा, सेखवापुर, भगतपुर, अहमदनगर आदि गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि पावर कारपोरेशन के अधिकारियों के तमाम प्रयासों के बाद भी गांव में दो से चार घंटे ही बिजली पहुंच रही है, बिजली न मिलने से घरों में लगे उपकरण शो पीस बनकर रह गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय जन प्रतिनिधि तमाम लंबे चौड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव बाद ग्रामीण समस्याओं पर ध्यान नहीं देते, जिससे बिजली की समस्या बेपटरी होती जा रही है। लाइन मैन राजेश कुमार का कहना है कि फाल्ट आने पर शट डाउन करना पड़ता है, जिससे गांव की बिजली प्रभावित होती है। ग्रामीणों ने जेई अश्वनी कुमार से इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।