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खीरी की आस्था ने रूस की सबसे ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 31 Jul 2018 12:03 AM IST
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शहर के मोहल्ला शाहपुरा कोठी के निवासी मैकेनिकल इंजीनियर दिनेश चतुवेंदी के बेटी आस्था चतुर्वेदी ने रूस की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्बरूस पर तिरंगा फहराकर जिले का नाम रोशन कर दिखाया है। इससे यहां रह रहे उसके बाबा और चाचा समेत पूरे परिवार में खुशी की लहर है। उन्होंने कहा है कि उनकी बिटिया ने जिले और देश का नाम रोशन कर दिया है।
सोमवार की शाम को फेसबुक पर आस्था चतुर्वेदी की फोटो वायरल हुई, जिसमें लिखा था कि खीरी की बेटी ने रूस की सबसे ऊंची चोटी फतह कर जिले का नाम रोशन किया है। काफी खोजने के बाद शाहपुरा कोठी में मकान पर आस्था चतुर्वेदी के चाचा प्रभात चतुर्वेदी मिले, जिन्हें भी जानकारी नहीं थी। पता करके बताया कि भतीजी आस्था नैनीताल स्थित आलसेंट स्कूल की कक्षा नौ की छात्रा है। वह दो साल से चोटी पर चढ़ने के लिए प्रयासरत थी। इस बार उसे जाने का मौका मिल गया और वह कामयाब हो गई। उन्होंने बताया कि पर्वतारोही दल में उसके साथ ब्रिटिश की तीन, रूस की तीन और स्विटजरलैन्ड की एक छात्रा शामिल थी। आस्था जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में नैनीताल से रवाना हो गई थी। 27 जुलाई की सुबह साढ़े आठ बजे एल्बरूस की चोटी फतह कर तिरंगा व विद्यालय का ध्वज फहराया। आस्था की बड़ी और छोटी बहन भी आलसेंट स्कूल में पढ़ रही हैं। भाई अभी छोटा है। आस्था का परिवार अभी रूस में ही है और वर्तमान में सभी लोग नैनीताल में रह रहे हैं। शहर के शाहपुरा कोठी में आस्था के बाबा शिवकुमार चतुर्वेदी और चाचा प्रभात चतुर्वेदी रहते हैं।
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सोमवार की शाम को फेसबुक पर आस्था चतुर्वेदी की फोटो वायरल हुई, जिसमें लिखा था कि खीरी की बेटी ने रूस की सबसे ऊंची चोटी फतह कर जिले का नाम रोशन किया है। काफी खोजने के बाद शाहपुरा कोठी में मकान पर आस्था चतुर्वेदी के चाचा प्रभात चतुर्वेदी मिले, जिन्हें भी जानकारी नहीं थी। पता करके बताया कि भतीजी आस्था नैनीताल स्थित आलसेंट स्कूल की कक्षा नौ की छात्रा है। वह दो साल से चोटी पर चढ़ने के लिए प्रयासरत थी। इस बार उसे जाने का मौका मिल गया और वह कामयाब हो गई। उन्होंने बताया कि पर्वतारोही दल में उसके साथ ब्रिटिश की तीन, रूस की तीन और स्विटजरलैन्ड की एक छात्रा शामिल थी। आस्था जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में नैनीताल से रवाना हो गई थी। 27 जुलाई की सुबह साढ़े आठ बजे एल्बरूस की चोटी फतह कर तिरंगा व विद्यालय का ध्वज फहराया। आस्था की बड़ी और छोटी बहन भी आलसेंट स्कूल में पढ़ रही हैं। भाई अभी छोटा है। आस्था का परिवार अभी रूस में ही है और वर्तमान में सभी लोग नैनीताल में रह रहे हैं। शहर के शाहपुरा कोठी में आस्था के बाबा शिवकुमार चतुर्वेदी और चाचा प्रभात चतुर्वेदी रहते हैं।
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