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मैलानी में दिन-रात जेसीबी से हो रहा मिट्टी खनन 10 ट्राली की परमिशन पर कर रहे एकड़ों खेत का खनन
Updated Thu, 14 Jun 2018 12:28 AM IST
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फोटो13एलकेएच553-मैलानी के कंधर्ईपुर में जेसीबी से हो रहा अवैैध मिट्टी खनन
फोटो13एलकेएच554-मेन मार्केट से गुजरते मिट्टी भरे डंपर
मैलानी में दिन-रात जेसीबी से हो रहा मिट्टी खनन
10 ट्रॉली की परमीशन पर कर रहे एकड़ों खेत का खनन
धड़ल्ले से चल रहेे हैं मिट्टी भरे डंपर
पुलिस, प्रशासन, खनन विभाग पूरी तरह बेखबर
अमर उजाला ब्यूरो
मैलानी। तराई के इस हरे-भरे इलाकेे को मिट्टी माफिया की न केवल बुरी नजर लग गई है, बल्कि वे खेतों का सीना चीर उसकी मिट्टी निकाल उन्हें गड्ढों में तब्दील कर मोटी कमाई करने में लगे हैं। वहीं इस ओर से आंखें मूंदे रहने से लगता है कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की भी इस अवैध खनन से मोटी कमाई हो रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालते ही खनन पर रोक लगा दी थी। कुछ दिनों की सख्ती केे बाद यहां अब फिर सब कुछ पहले जैसा हो गया है। मौजूदा समय में आलम यह है कि सलावतनगर, कंधईपुर, सुवाबोझ इलाकों में बड़े पैमाने पर जेसीबी से मिट्टी का खनन कर डंपरों से खुलेआम इसे ढोया जा रहा है। कंधईपुर गांव के पास दिन में जेसीबी से खेतों का सीन चीर यहां की मिट्टी को पास के ईंट भट्टे तक डंपरों से पहुंचाया जा रहा है। इस तरह खनन माफिया खुलेआम मुख्यमंत्री की सख्ती को ठेंगा दिखा रहे हैं, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है।
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दिन में कम रात को ज्यादा हो रहा है खनन
मैलानी। इस समय दिन में तो कम, किंतु रात को अत्यधिक जोर-शोर से मिट्टी का जेसीबी से खनन कर डंपरों से गंतव्य तक मिट्टी को पहुुंचाया जा रहा है। मेन मार्केट में रहने वाले कांग्रेस नगर अध्यक्ष अवनीश अवस्थी का तो यहां तक कहना है कि रात दस बजे के बाद मिट्टी भरे डंपर इतनी तेज गति से मार्केट से गुजरते हैं कि रोड किनारे घरों तक उनकी धमक जाती है। पूरी रात मिट्टी ढोने के बाद सुबह ये डंपर पेट्रोल पंप या भट्ठों पर खड़े हो जाते हैं।
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दर्जनों डंपर ढो रहे अवैध खनन की मिट्टी
मैलानी। मिट्टी खनन में आई तेजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस समय इलाके में दर्जनों डंपर आए हुए हैैं, जिनका काम बस अवैध खनन की मिट्टी ढोना ही है।
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10 ट्रॉली की परमिट पर खोद रहे एकड़ों खेत
मैलानी। सूत्र बताते हैं कि खनन माफिया प्रशासन से खेत से दस ट्रॉली मिट्टी निकालने की परमीशन लेते हैं। वह भी मिट्टी का खुदान नियमानुसार जेसीबी से नहीं, बल्कि फावड़े से करना चाहिए, लेकिन इसके विपरीत कानून की खिल्लियां उड़ाते हुए माफिया दस ट्रॉली के बजाए जेसीबी से एकड़ों खेेतों का खनन कर डालते हैं और मिट्टी को ट्रैक्टर ट्राली से नहीं, बल्कि डंपरों से ढोते हैं।
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प्रशासन भी बेखबर
मैलानी। अवैैध मिट्टी खनन के इस खेल में पुलिस ही नहीं, बल्कि प्रशासन की भी मिलीभगत का शंका है, क्योंकि एसडीएम गोला पल्लवी मिश्रा कई बार खनन माफियाओं के खिलाफ कई बार कड़ी कार्रवाई करने की बात कह चुकी हैं, लेकिन उस पर अमल अभी तक नहीं हुआ है, शायद इसी से खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं।
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बिगड़ जाएगा खेतों का स्वरूप
मैलानी। मिट्टी खनन इसी गति से जारी रहा, तो इसमें कोई दो राय नहीं कि आने वाले दिनों में तराई के इस हरे भरे इलाके के खेतों का स्वरूप बिगड़ जाएगा और ऊपरी परत का खनन हो जाने से खेत की उर्वरा शक्ति भी खत्म हो जाएगी। यदि खनन पर अंकुश न लगा, तो आने वाले दिनों में यह इलाका बंजर और गड्ढों में तब्दील हो जाएगा।
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वर्जन...
मैलानी इलाके में अवैध खनन की शिकायतें मिल रही हैं। जल्द ही छापेमार कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनन मिला तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सुखेन्द्र सिंह, इंस्पेक्टर-खनन
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फोटो13एलकेएच554-मेन मार्केट से गुजरते मिट्टी भरे डंपर
मैलानी में दिन-रात जेसीबी से हो रहा मिट्टी खनन
10 ट्रॉली की परमीशन पर कर रहे एकड़ों खेत का खनन
धड़ल्ले से चल रहेे हैं मिट्टी भरे डंपर
पुलिस, प्रशासन, खनन विभाग पूरी तरह बेखबर
अमर उजाला ब्यूरो
मैलानी। तराई के इस हरे-भरे इलाकेे को मिट्टी माफिया की न केवल बुरी नजर लग गई है, बल्कि वे खेतों का सीना चीर उसकी मिट्टी निकाल उन्हें गड्ढों में तब्दील कर मोटी कमाई करने में लगे हैं। वहीं इस ओर से आंखें मूंदे रहने से लगता है कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की भी इस अवैध खनन से मोटी कमाई हो रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालते ही खनन पर रोक लगा दी थी। कुछ दिनों की सख्ती केे बाद यहां अब फिर सब कुछ पहले जैसा हो गया है। मौजूदा समय में आलम यह है कि सलावतनगर, कंधईपुर, सुवाबोझ इलाकों में बड़े पैमाने पर जेसीबी से मिट्टी का खनन कर डंपरों से खुलेआम इसे ढोया जा रहा है। कंधईपुर गांव के पास दिन में जेसीबी से खेतों का सीन चीर यहां की मिट्टी को पास के ईंट भट्टे तक डंपरों से पहुंचाया जा रहा है। इस तरह खनन माफिया खुलेआम मुख्यमंत्री की सख्ती को ठेंगा दिखा रहे हैं, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है।
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दिन में कम रात को ज्यादा हो रहा है खनन
मैलानी। इस समय दिन में तो कम, किंतु रात को अत्यधिक जोर-शोर से मिट्टी का जेसीबी से खनन कर डंपरों से गंतव्य तक मिट्टी को पहुुंचाया जा रहा है। मेन मार्केट में रहने वाले कांग्रेस नगर अध्यक्ष अवनीश अवस्थी का तो यहां तक कहना है कि रात दस बजे के बाद मिट्टी भरे डंपर इतनी तेज गति से मार्केट से गुजरते हैं कि रोड किनारे घरों तक उनकी धमक जाती है। पूरी रात मिट्टी ढोने के बाद सुबह ये डंपर पेट्रोल पंप या भट्ठों पर खड़े हो जाते हैं।
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दर्जनों डंपर ढो रहे अवैध खनन की मिट्टी
मैलानी। मिट्टी खनन में आई तेजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस समय इलाके में दर्जनों डंपर आए हुए हैैं, जिनका काम बस अवैध खनन की मिट्टी ढोना ही है।
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10 ट्रॉली की परमिट पर खोद रहे एकड़ों खेत
मैलानी। सूत्र बताते हैं कि खनन माफिया प्रशासन से खेत से दस ट्रॉली मिट्टी निकालने की परमीशन लेते हैं। वह भी मिट्टी का खुदान नियमानुसार जेसीबी से नहीं, बल्कि फावड़े से करना चाहिए, लेकिन इसके विपरीत कानून की खिल्लियां उड़ाते हुए माफिया दस ट्रॉली के बजाए जेसीबी से एकड़ों खेेतों का खनन कर डालते हैं और मिट्टी को ट्रैक्टर ट्राली से नहीं, बल्कि डंपरों से ढोते हैं।
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प्रशासन भी बेखबर
मैलानी। अवैैध मिट्टी खनन के इस खेल में पुलिस ही नहीं, बल्कि प्रशासन की भी मिलीभगत का शंका है, क्योंकि एसडीएम गोला पल्लवी मिश्रा कई बार खनन माफियाओं के खिलाफ कई बार कड़ी कार्रवाई करने की बात कह चुकी हैं, लेकिन उस पर अमल अभी तक नहीं हुआ है, शायद इसी से खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं।
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बिगड़ जाएगा खेतों का स्वरूप
मैलानी। मिट्टी खनन इसी गति से जारी रहा, तो इसमें कोई दो राय नहीं कि आने वाले दिनों में तराई के इस हरे भरे इलाके के खेतों का स्वरूप बिगड़ जाएगा और ऊपरी परत का खनन हो जाने से खेत की उर्वरा शक्ति भी खत्म हो जाएगी। यदि खनन पर अंकुश न लगा, तो आने वाले दिनों में यह इलाका बंजर और गड्ढों में तब्दील हो जाएगा।
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वर्जन...
मैलानी इलाके में अवैध खनन की शिकायतें मिल रही हैं। जल्द ही छापेमार कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनन मिला तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सुखेन्द्र सिंह, इंस्पेक्टर-खनन