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Lakhimpur Kheri News: दुधवा में 144 टीमें कर रहीं मानसून पेट्रोलिंग
Mon, 21 Jul 2025 11:27 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 21 Jul 2025 11:27 PM IST
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दुधवा में मानसून पेट्रोलिंग करते वन कर्मी। स्रोत : वन विभाग।
बांकेगंज। हाल ही हुई बारिश के बाद दुधवा टाइगर रिजर्व में मानसून पेट्रोलिंग की रफ्तार तेज हो गई है। इसके लिए तीनों प्रभागों में वन कर्मियों की गठित 144 टीमें जंगल के रास्तों पर पैदल, साइकिल, हाथी और वाहनों से भ्रमण कर रही हैं।
वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा पर कड़ी नजर रखी जा रही है। संवेदनशील स्थलों खासकर भारत-नेपाल सीमा पर खास नजर रखी जा रही है। शिकार और वन अपराध के लिहाज से बारिश का मौसम सबसे संवेदनशील माना जाता है।
जंगल के अंदर पानी भर जाने, नदी-नालों के उफना जाने के साथ ही कभी-कभी लगातार बारिश होने से बेशकीमती पेड़ों का कटान और शिकार जैसे अपराध बढ़ जाते हैं। इस दौरान गश्त में दिक्कत आने से शिकारी और वन अपराधी सक्रिय हो जाते हैं और वे मौका पाकर वन्यजीवों का शिकार कर लेते हैं। लकड़कट्टे पेड़ों का कटान कर लेते हैं। जंगल में पानी भरा होने की वजह से कभी-कभी वन्यजीव बाहर आते हैं और सक्रिय शिकारियों के हत्थे चढ़ जाते हैं।
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वर्जन
बारिश के मौसम में वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 144 टीमें गठित की गई है। इन टीमों को वन अपराध के लिहाज से संवेदनशील स्थलों खासकर भारत-नेपाल सीमा पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. एच राजामोहन, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व
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वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा पर कड़ी नजर रखी जा रही है। संवेदनशील स्थलों खासकर भारत-नेपाल सीमा पर खास नजर रखी जा रही है। शिकार और वन अपराध के लिहाज से बारिश का मौसम सबसे संवेदनशील माना जाता है।
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जंगल के अंदर पानी भर जाने, नदी-नालों के उफना जाने के साथ ही कभी-कभी लगातार बारिश होने से बेशकीमती पेड़ों का कटान और शिकार जैसे अपराध बढ़ जाते हैं। इस दौरान गश्त में दिक्कत आने से शिकारी और वन अपराधी सक्रिय हो जाते हैं और वे मौका पाकर वन्यजीवों का शिकार कर लेते हैं। लकड़कट्टे पेड़ों का कटान कर लेते हैं। जंगल में पानी भरा होने की वजह से कभी-कभी वन्यजीव बाहर आते हैं और सक्रिय शिकारियों के हत्थे चढ़ जाते हैं।
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वर्जन
बारिश के मौसम में वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 144 टीमें गठित की गई है। इन टीमों को वन अपराध के लिहाज से संवेदनशील स्थलों खासकर भारत-नेपाल सीमा पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. एच राजामोहन, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व